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ठाणे में शिवसेना नेता प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड: ड्रग्स माफिया से लड़ाई या बिल्डर लॉबी का खौफनाक खेल? सामने आया सनसनीखेज पत्र

ठाणे में शिवसेना नेता प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड: ड्रग्स माफिया से लड़ाई या बिल्डर लॉबी का खौफनाक खेल? सामने आया सनसनीखेज पत्र

महाराष्ट्र के ठाणे शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पूरे राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के मजबूत नेता और विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या ने कई गहरे और खतरनाक सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में अब ड्रग्स माफिया और बिल्डर लॉबी का खौफनाक एंगल सामने आ रहा है, जिससे यह साफ हो गया है कि यह मामला केवल आपसी रंजिश का नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।

कैसे घटी यह खौफनाक वारदात?

घटना इसी सप्ताह मंगलवार की रात लगभग 9 से 9:30 बजे के बीच की है। ठाणे के व्यस्त मनोरमानगर इलाके में स्थित अपने कार्यालय के बाहर प्रदीप पूर्णेकर किसी काम से मौजूद थे। ठीक उसी समय, घात लगाकर बैठे अज्ञात हमलावरों ने, जो पूरी तरह से हेलमेट और मास्क से अपनी पहचान छुपाए हुए थे, उन पर नजदीक से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

इस अचानक हुए हमले में पूर्णेकर को दो गोलियां लगीं और वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने बिना एक पल गंवाए उन्हें तुरंत घोडबंदर रोड स्थित आर मॉल के पास स्थित इनफिनिटी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में मातम और गुस्से का माहौल है।

सामने आया पुलिस आयुक्त को लिखा गया वह पत्र

इस हत्याकांड के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के सोशल मीडिया प्रदेश संघटक संदीप उदमाले ने एक ऐसा दावा किया है जिसने इस पूरी गुत्थी को एक नया मोड़ दे दिया है। उदमाले का कहना है कि प्रदीप पूर्णेकर अपने इलाके में खुलेआम फलफूल रहे एमडी ड्रग्स और गांजा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी और सीधी लड़ाई लड़ रहे थे।

इस दावे के समर्थन में एक अहम दस्तावेज भी सार्वजनिक हुआ है। दस्तावेज के मुताबिक, खुद प्रदीप पूर्णेकर ने 17 जुलाई 2026 को ठाणे शहर के पुलिस आयुक्त को एक विस्तृत शिकायती पत्र सौंपा था। इस पत्र पर 2 अगस्त 2026 को पुलिस आयुक्त कार्यालय की प्राप्ति मुहर (स्टैम्प) भी स्पष्ट रूप से लगी हुई है।

पत्र में क्या थीं गंभीर चेतावनी और बातें?

पूर्णेकर द्वारा लिखे गए इस पत्र में ठाणे शहर के केसल मिल सर्कल और घोडबंदर रोड क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। पत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं का जिक्र किया गया था:

  • इलाके में एमडी ड्रग्स और गांजे की अवैध बिक्री और सेवन धड़ल्ले से चल रहा है।
  • संदिग्ध व्यक्तियों की संदिग्ध आवाजाही से स्थानीय स्कूलों के बच्चे और युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में फंस रहे हैं।
  • नशे के कारोबार के कारण महिलाओं और स्थानीय नागरिकों में भारी डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।
  • प्रशासन से यह मांग की गई थी कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और नशीले पदार्थों के सौदागरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

ड्रग्स के साथ बिल्डर विवाद का कनेक्शन भी खंगाल रही पुलिस

नशे के कारोबारियों के खिलाफ छेड़ी गई जंग के अलावा, इस सनसनीखेज हत्याकांड के तार एक स्थानीय बिल्डर विवाद से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्णेकर ने हाल ही में एक स्थानीय बिल्डर द्वारा की जा रही कथित अवैध गतिविधियों और अनियमितताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था।

इस विरोध प्रदर्शन के लिए उन्होंने कापूरबावड़ी पुलिस स्टेशन से आधिकारिक अनुमति भी मांगी थी। अब पुलिस इस एंगल से भी गहराई से जांच कर रही है कि कहीं इस बिल्डर विवाद के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं रची गई थी। क्या ड्रग्स माफिया और बिल्डर लॉबी ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया है? पुलिस इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही है।

कौन थे प्रदीप पूर्णेकर? राजनीतिक कद और प्रभाव

प्रदीप पूर्णेकर (जिन्हें स्थानीय लोग प्यार से 'बाला' भी कहते थे) ठाणे की राजनीति में एक बेहद सक्रिय और प्रभावी चेहरा माने जाते थे। वह शिवसेना (UBT) में ठाणे के विभाग प्रमुख के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे और पूर्व सांसद राजन विचारे के बेहद करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे।

उनका राजनीतिक परिवार भी काफी रसूखदार रहा है। उनकी पत्नी विजेता पूर्णेकर ने ठाणे नगर निगम का चुनाव लड़ा था, जबकि उनके भाई जयनाथ पूर्णेकर ठाणे नगर निगम के पूर्व पार्षद रह चुके हैं। इतने बड़े राजनीतिक रसूख वाले नेता पर इस तरह सरेआम हमला होना प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।

पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई और सीसीटीवी फुटेज

हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए कापूरबावड़ी पुलिस और ठाणे क्राइम ब्रांच की कई विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो लगातार इस मामले की तफ्तीश में जुटी हुई हैं। डीसीपी प्रशांत कदम ने जानकारी दी है कि मृतक प्रदीप पूर्णेकर के शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंबई के प्रतिष्ठित जेजे अस्पताल भेजा गया है ताकि मौत के कारणों और अन्य तकनीकी पहलुओं की सटीक पुष्टि हो सके।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास के रास्तों के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। इन फुटेजों से मिले अहम सुरागों के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों को अपनी गिरफ्त में ले लिया है, जिनमें से एक मुख्य आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार:

  • पहला गिरफ्तार आरोपी वारदात के वक्त घटनास्थल के आसपास ही मौजूद था और वह पूरी साजिश के तहत रेकी करने में शामिल था।
  • दूसरे संदिग्ध व्यक्ति ने मुख्य हमलावरों को वारदात के बाद सुरक्षित तरीके से भागने के लिए वाहन (गाड़ी) उपलब्ध कराया था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी और भी कई बड़े खुलासे होने बाकी हैं। पूछताछ के दायरे को बढ़ाया जा रहा है और इस साजिश के पीछे छिपे असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाया जा रहा है। महाराष्ट्र की राजनीति में इस घटना के बाद सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गर्माहट तेज हो गई है।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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