त्र्यंबकेश्वर में 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के धर्म ध्वजारोहण समारोह की प्रशासनिक और धार्मिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। विभिन्न अखाड़ों में प्रमुख संतों का आगमन शुरू हो गया है, जिससे धार्मिक नगरी में उत्साह और रौनक बढ़ गई है।
आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के इस अहम पड़ाव को लेकर त्र्यंबकेश्वर में गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। अखाड़ों में संतों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में आह्वान अखाड़े के महंत सत्यागिरी महाराज का शनिवार शाम आगमन प्रस्तावित बताया गया है। संतों की उपस्थिति से अखाड़ों में धार्मिक अनुष्ठानों और व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां और पुख्ता की जा रही हैं।
प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा
समारोह को सुचारू और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए कुंभ मेला प्रशासन, नगर परिषद और विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। कुशावर्त तीर्थ चौक पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही बढ़ गई है। वहीं, तेली गली क्षेत्र में एक भव्य मंडप का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है ताकि आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस समारोह में देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्य के राज्यपाल के शामिल होने की प्रबल संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए कुशावर्त तीर्थ, तेली गली मार्ग, मेन रोड और श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद चाक-चौबंद किया गया है। खुफिया तंत्र और स्थानीय पुलिस प्रशासन वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
विकास प्राधिकरण द्वारा समयबद्ध तैयारियों के निर्देश
सिंहस्थ कुंभ मेला विकास प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह ने नासिक के रामकुंड और त्र्यंबकेश्वर में होने वाले धर्म ध्वजारोहण समारोहों की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने संबंधित सभी विभागों को पास वितरण, श्रद्धालुओं के बैठने की आसन व्यवस्था, सुगम यातायात, पार्किंग और प्रवेश-निकास मार्गों का बेहद व्यवस्थित नियोजन करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
आयुक्त ने जोर दिया है कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और तय समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लें। इस पूरी समीक्षा प्रक्रिया में कुंभ मेला आयुक्त के अलावा जिलाधिकारी, कुंभ मेला तंत्र के वरिष्ठ अधिकारी, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक और नगर परिषद के मुख्य अधिकारी भी लगातार मैदानी स्तर पर तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।
कुशावर्त परिसर में बंदरों को पकड़ने का विशेष अभियान
धार्मिक समारोह से पहले त्र्यंबकेश्वर के कुशावर्त परिसर और आसपास के इलाकों में बंदरों के बढ़ते उत्पात को एक बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा था। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी के मद्देनजर वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बंदरों को पकड़ने का विशेष अभियान शुरू किया है।
विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को चलाए गए अभियान के दौरान कुल 12 बंदरों को सुरक्षित पकड़ लिया गया। इस क्षेत्र में लगभग 18 से 20 बंदरों के एक झुंड से लोगों को लगातार परेशानी की शिकायतें मिल रही थीं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए बंदरों को फिलहाल विभागीय परिसर में पिंजरों में सुरक्षित रखा गया है, जहां उनके खानपान की उचित व्यवस्था की गई है। इन बंदरों को बाद में किसी नजदीकी प्राकृतिक अभयारण्य में छोड़ने की योजना है। यह पूरी कार्रवाई वन परिक्षेत्र अधिकारी शेखर देवकर के मार्गदर्शन में अमल में लाई जा रही है।