सड़क पर जरा सी तकनीकी लापरवाही या अनदेखी किसी हंसते-खेलते परिवार को पलभर में किस हद तक उजाड़ सकती है, इसकी बानगी पेश करती एक दर्दनाक घटना उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले से सामने आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित पहाड़ी इलाके की तीखी ढलानों वाली एक घाटी में उस वक्त कोहराम मच गया, जब मौत बनकर आए एक बेकाबू ट्रक ने आगे चल रही कार को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे में एक महिला की मौके पर ही जान चली गई, जबकि उनके बेटे समेत तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
श्राद्ध कार्यक्रम से लौट रहा था परिवार
यह हृदयविदारक हादसा मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (मीरजापुर-रीवा मार्ग) पर स्थित ड्रमंडगंज घाटी के बड़का मोड़ घुमान के पास हुआ। मिली जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज जिले के मेजा थाना क्षेत्र के शुकुलपुर गांव की रहने वाली 50 वर्षीय उषा देवी पत्नी चंद्रमा प्रसाद मिश्र अपने परिवार के साथ मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र स्थित छतना गांव गई हुई थीं।
परिवार वहां एक पारिवारिक शोक यानी अपने पिता के श्राद्ध कार्यक्रम में सम्मिलित होने गया था। अनुष्ठान संपन्न होने के बाद पूरा परिवार सुकून के साथ अपनी कार से वापस अपने घर लौट रहा था। किसी को इस बात का आभास तक नहीं था कि रास्ते में उनकी खुशियों को किसी की नजर लग जाएगी और घर लौटने का यह सफर उनके जीवन का आखिरी सफर साबित होगा।
ढलान पर अचानक फेल हो गए ट्रक के ब्रेक
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली शुरुआती जानकारियों के अनुसार, जब यह कार ड्रमंडगंज घाटी के बड़का मोड़ घुमान के पास पहुंची, तो वहां की घुमावदार और तीखी ढलान थी। उसी दौरान पीछे से कपड़ों की बोरियों से लदा हुआ एक भारी-भरकम ट्रक तेज रफ्तार में आ रहा था। बताया जा रहा है कि अचानक ही उस ट्रक के ब्रेक फेल हो गए, जिसके चलते चालक का वाहन पर से पूरी तरह नियंत्रण छूट गया।
ब्रेक फेल होने के कारण अनियंत्रित हुआ वह ट्रक इतनी रफ्तार में था कि उसने आगे चल रही कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और ट्रक उसे अपने साथ घसीटते हुए सड़क के किनारे गहरी खाई की तरफ जा पहुंचा। गनीमत यह रही कि ट्रक खाई में पूरी तरह पलटने से बच गया, वरना और भी बड़ा जनसंहार हो सकता था।
चालक मौके से हुआ फरार
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। लोगों को अपनी गिरफ्त में आता देख मौके का फायदा उठाकर ट्रक चालक अंधेरे और घाटी की झाड़ियों का लाभ उठाते हुए वाहन को वहीं छोड़कर फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस अब उस फरार चालक की तलाश में चप्पे-चप्पे पर दबिश दे रही है।
हाइवे पर इस भीषण दुर्घटना की वजह से कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित हो गया, जिसे बाद में स्थानीय पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर सुचारू रूप से चालू कराया।
मां की मौत, बेटे और रिश्तेदार अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्षरत
इस मर्माहत कर देने वाले हादसे में कार के भीतर सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतका उषा देवी के साथ कार में उनके पुत्र 24 वर्षीय अंबुज मिश्र, परिवार के ही सदस्य 25 वर्षीय अंकित मिश्र और 19 वर्षीय आयुष सफर कर रहे थे। दुर्घटना के बाद चारों घायलों की चीख-पुकार से घाटी गूंज उठी।
घटना की सूचना मिलते ही ड्रमंडगंज थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ फौरन लावलश्कर के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना एक भी पल गंवाए तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत एंबुलेंस के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) हलिया भिजवाया।
अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने घायलों का उपचार शुरू किया, लेकिन उषा देवी की हालत बेहद नाजुक थी। पीएचसी के चिकित्सक अवधेश कुमार ने परीक्षण के बाद उषा देवी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर के मुंह से यह बात सुनते ही वहां मौजूद उनके बेटे और परिजनों का रो-रोकर कलेजा फट गया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
घटना की सूचना पाकर मृतका के अन्य रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, कार में सवार अन्य तीनों घायलों (अंबुज, अंकित और आयुष) का अस्पताल में इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन वे इस बड़े मानसिक और शारीरिक आघात से गहरे सदमे में हैं।
सड़क सुरक्षा पर एक बार फिर खड़े हुए बड़े सवाल
घाटियों और पर्वतीय क्षेत्रों में ओवरलोडिंग और फिटनेस की अनदेखी
- इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर देश के राजमार्गों पर दौड़ने वाले भारी वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। अक्सर पहाड़ी और घाटी वाले क्षेत्रों में ट्रकों के ब्रेक फेल होने या अनियंत्रित होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ट्रक चालकों की लापरवाही और परिवहन विभागों की लचर चेकिंग व्यवस्था के कारण आए दिन निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है।
- स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ड्रमंडगंज घाटी का यह हिस्सा पहले भी कई सड़क हादसों का गवाह रहा है। यहां गति सीमा तय करने और तीखे मोड़ों पर साइनबोर्ड लगाने के साथ-साथ पुलिस चौकसी बढ़ाने की सख्त जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी किसी अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।
फिलहाल, ड्रमंडगंज पुलिस ने फरार ट्रक चालक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए आसपास के टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। एक हंसता-खेलता परिवार जो अपने किसी अपने की तेरहवीं या श्राद्ध से लौट रहा था, आज खुद इस विपदा का शिकार हो गया, जो समाज के लिए एक बड़ा सबक और दुखद अध्याय छोड़ गया है।