भारतीय सेना में 26 साल तक देश की सरहदों और आंतरिक सुरक्षा की पूरी निष्ठा के साथ रक्षा करने वाले एक पूर्व फौजी के साथ ऐसा बड़ा धोखा हुआ, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। पंजाब के मोगा जिले में एक पुराने फौजी साथी ने ही विश्वासघात की सारी हदें पार करते हुए ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर पूर्व हवलदार से एक करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम रकम ठग ली। इस ठगी में पीड़ित ने न केवल अपनी जीवनभर की कमाई यानी रिटायरमेंट फंड गंवा दिया, बल्कि रिश्तेदारों और दोस्तों से उधार लेकर भी आरोपी की झोली भर दी।
वर्दी का रिश्ता और भरोसे का सौदा
यह पूरा मामला मोगा जिले के गांव तलवंडी भंगेरियां का है। यहां रहने वाले तरसेम सिंह 31 दिसंबर 2021 को भारतीय सेना से सेवानिवृत्त (रिटायर) हुए थे। सेना में सेवा के दौरान उनकी तैनाती 14 पंजाब यूनिट में थी। इसी कार्यकाल के दौरान उनकी मुलाकात नायक अभिजीत किशोर से हुई थी, जो मूल रूप से महाराष्ट्र के सांगली का रहने वाला है। एक ही विभाग में होने के कारण दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई थी।
सेना में नौकरी के दौरान ही अभिजीत किशोर ऑनलाइन ट्रेडिंग के कारोबार में सक्रिय था। वह अक्सर अपने साथियों को यह भरोसा दिलाता था कि ट्रेडिंग के जरिए कम समय में बहुत अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। तरसेम सिंह को अपने इस पुराने फौजी साथी की बातों पर पूरा भरोसा था। उन्हें कभी यह अंदेशा भी नहीं हुआ कि जिस वर्दी के साये में उन्होंने अपने जीवन के इतने साल बिताए, उसी से जुड़ा एक शख्स उनके साथ ऐसा बड़ा फरेब कर सकता है।
रिटायरमेंट के पैसे और उधार लेकर भेजी रकम
शिकायत के अनुसार, आरोपी अभिजीत किशोर ने तरसेम सिंह को अपने जाल में फंसाना शुरू किया और ऑनलाइन ट्रेडिंग में रकम को कुछ ही दिनों में दोगुना करने का लालच दिया। शुरुआत में छोटे दांव खेले गए, लेकिन धीरे-धीरे विश्वास पक्का होने के बाद पैसों का खेल बड़ा होता चला गया।
वर्ष 2024 के शुरुआती महीनों यानी 19 मार्च से तरसेम सिंह ने अलग-अलग किश्तों में अपनी गाढ़ी कमाई भेजना शुरू कर दिया। तरसेम सिंह ने सेना से रिटायरमेंट के बाद मिले लगभग 50 लाख रुपये बैंक खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से निकालकर आरोपी द्वारा बताए गए कोटक महिंद्रा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब निवेश के नाम पर ये पैसे कम पड़ने लगे, तो पीड़ित ने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से भी लाखों रुपये उधार लेकर आरोपी के खातों में जमा करा दिए। कुल मिलाकर यह ठगी एक करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई।
वकील बनकर डराया और मांगे और पैसे
जब एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम भेजने के बाद भी कोई मुनाफा हाथ नहीं आया और न ही मूलधन वापस मिला, तो तरसेम सिंह ने अपनी पूंजी वापस मांगनी शुरू कर दी। इस पर आरोपी ने तरह-तरह के बहाने बनाने शुरू कर दिए।
मामले में नया मोड़ तब आया जब अनिल मोहन नाम के एक व्यक्ति ने खुद को वकील बताकर तरसेम सिंह को फोन किया। कथित वकील ने दावा किया कि अभिजीत किशोर किसी गंभीर मामले में जेल में बंद है और उसे जेल से बाहर निकालने के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। उसने पीड़ित को यह भरोसा दिलाया कि अभिजीत की रिहाई के बाद उसकी पूरी रकम ब्याज समेत वापस लौटा दी जाएगी। इस झांसे में आकर पूर्व हवलदार ने और अधिक राशि भी आरोपी तक पहुंचा दी।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई
लगातार टालमटोल और ठगी का अहसास होने के बाद, पीड़ित तरसेम सिंह ने हिम्मत जुटाई और 4 जून 2026 को मोगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को पूरी घटना की लिखित शिकायत दी। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी गहन जांच साइबर सेल और स्थानीय थानों के जरिए करवाई।
जांच के दौरान धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक साजिश के पुख्ता सबूत मिलने पर थाना मैहना में महाराष्ट्र के सांगली निवासी अभिजीत किशोर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
मामले की जांच से जुड़े अधिकारी लक्ष्मण सिंह ने मीडिया को जानकारी दी है कि पुलिस इस मामले में बेहद गंभीर है और आरोपी की धरपकड़ के लिए जल्द ही एक विशेष पुलिस टीम महाराष्ट्र रवाना की जा रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस फर्जी ट्रेडिंग रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या इस शातिर ने अन्य पूर्व सैनिकों या आम नागरिकों को भी अपना शिकार बनाया है या नहीं।
साइबर ठगी से बचने की सख्त चेतावनी
यह घटना देश के तमाम नागरिकों, विशेषकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है। आजकल साइबर ठग और शातिर अपराधी भरोसे का फायदा उठाकर निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये ठग रहे हैं। पुलिस प्रशासन और साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान या ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर बिना विधिवत जांच और सेबी (SEBI) की अनुमति के अपनी जीवनभर की पूंजी बिल्कुल निवेश न करें। चाहे दोस्त कितना भी पुराना या करीबी क्यों न हो, पैसों के लेन-देन में हमेशा सतर्कता बरतनी चाहिए ताकि मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।
