बिहार की राजधानी पटना और उसके आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला बाढ़ अनुमंडल के अथमलगोला थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां अपराधियों ने दुस्साहस की सारी हदें पार करते हुए एक दुकानदार की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है और आम जनता के बीच भारी दहशत का माहौल है।
मेला बंद कर घर लौट रहे थे ललन पुरी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बुधवार, 09 सितंबर 2026 की तड़के सामने आई, जब स्थानीय निवासी ललन पुरी अपनी दुकान बंद करके घर की ओर लौट रहे थे। ललन पुरी दक्षिणीचक के पास आयोजित होने वाले एक स्थानीय मेले में दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। मेला समाप्त होने के बाद जब वे रोजाना की तरह घर जा रहे थे, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया।
अपराधियों ने बिना किसी झिझक के ललन पुरी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। परिजनों के अनुसार, ललन को शरीर पर दो गंभीर गोलियां लगी थीं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग जब तक मौके पर पहुंचते, तब तक हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे। गंभीर रूप से जख्मी हालत में ललन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुराने विवाद और धमकियों का सनसनीखेज आरोप
इस हत्याकांड के सामने आने के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि पड़ोस में रहने वाले शंकर कुमार के साथ ललन पुरी का लंबे समय से जमीनी या आपसी विवाद चल रहा था। परिवार का आरोप है कि आरोपी शंकर कुमार ने कई बार ललन को जान से मारने की धमकियां भी दी थीं।
- पुरानी रंजिश: परिजनों का कहना है कि धमकियों के बाद स्थानीय अथमलगोला थाने में पहले ही लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी।
- पुलिस की सुस्ती: परिवार का आरोप है कि यदि पुलिस ने समय रहते धमकियों और पुराने विवाद को गंभीरता से लिया होता, तो शायद आज यह बड़ा हादसा टल सकता था।
- पूर्व चेतावनी: आरोपी द्वारा दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किए जाने का परिणाम अब एक हंसते-खेते परिवार के मुखिया की मौत के रूप में सामने आया है।
पुलिस महकमे में हलचल, ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू
घटना की सूचना मिलते ही अथमलगोला थाने की पुलिस तुरंत हरकत में आई और भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भेज दिया है। साथ ही, घटनास्थल के आसपास के इलाकों से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू कर दिया गया है।
इलाके के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती दौर में हर एंगल से जांच की जा रही है। पारिवारिक रंजिश से लेकर अन्य संभावित कारणों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस टीम ने संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और डर का माहौल
इस जघन्य हत्याकांड के बाद स्थानीय दुकानदारों और निवासियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि मेलों और बाजारों जैसी सार्वजनिक जगहों के आसपास भी सुरक्षा के ऐसे हालात रहेंगे, तो आम आदमी सुरक्षित महसूस कैसे करेगा। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
फिलहाल, पुलिस की तफ्तीश जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा फॉरेंसिक जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में बढ़ते अपराध ग्राफ और पुलिस के इकबाल पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।