बिहार के वैशाली जिले से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। यहां महात्मा गांधी सेतु के पास गंगा नदी में एक निजी नाव के अनियंत्रित होकर पलटने से हड़कंप मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों की मुस्तैदी से कई जानें बचा ली गई हैं, लेकिन अभी भी दो लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन के तमाम बड़े अधिकारी मौके पर कैंप किए हुए हैं।
कैसे हुआ यह हादसा? जानिए पूरी क्रोनोलॉजी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना उस समय घटी जब एक निजी नाव तेरसिया गांव से हाजीपुर की तरफ आ रही थी। इस नाव का संचालन निजी नाविकों द्वारा किया जा रहा था। जब नाव महात्मा गांधी सेतु के पाया (पिलर) नंबर 9 और 10 के बीच पहुंची, तो अचानक वह अनियंत्रित हो गई। नदी के अंदर मौजूद बड़े-बड़े बोल्डर (पत्थर) से टकराने के बाद नाव गंगा की तेज और उफनाती धारा में संतुलन खो बैठी और पलट गई।
दुर्घटना के वक्त उस नाव पर कुल 11 लोग सवार थे। अचानक हुए इस हादसे से नाव पर सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि आसपास के लोगों और प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक बड़ा हादसा टालने की कोशिश की, हालांकि दो लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
9 लोगों को बचाया गया सुरक्षित, स्थानीय लोगों ने दिखाया अदम्य साहस
हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बिना एक पल गंवाए गंगा नदी में छलांग लगा दी और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया। जिला प्रशासन की ओर से वैशाली जिलाधिकारी (DM) वर्षा सिंह ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि करते हुए बताया कि नाव पर कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें से 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
बचाव अभियान के दौरान स्थानीय गोताखोरों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अदम्य साहस का परिचय दिया और 4 लोगों को सकुशल बचा लिया। इसके साथ ही, मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए गंगा ब्रिज थानाध्यक्ष ने भी अपनी सूझबूझ से 1 व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला। बाकी के अन्य यात्रियों को भी स्थानीय स्तर पर मिले सहयोग और त्वरित मदद से बचा लिया गया। सभी बचाए गए लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद राहत की सांस मिली है।
दो लापता लोगों की तलाश के लिए उतरीं विशेष टीमें
हालांकि 9 लोगों को बचा लिया गया है, लेकिन गंगा नदी की तेज धारा में बहे 2 अन्य लापता यात्रियों की खोज के लिए आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी ताकत से जुटी हुई हैं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही शासन-प्रशासन हरकत में आ गया और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) तथा TRF की विशेष टीमों को तुरंत नदी में उतार दिया गया।
- आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल: गोताखोरों और आधुनिक मोटरबोट्स की मदद ली जा रही है।
- सर्च ऑपरेशन का दायरा: गंगा के संभावित बहाव वाले निचले और दूरदराज के क्षेत्रों में लगातार व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
- प्रशासनिक निगरानी: वैशाली डीएम खुद पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और रेस्क्यू टीमों को लगातार जरूरी दिशा-निर्देश दे रही हैं।
तटीय इलाकों में छाया सन्नाटा, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इस भीषण हादसे के बाद से तेरसिया दियारा और हाजीपुर के तटीय इलाकों में अफरा-तफरी और भारी तनाव का माहौल बना हुआ है। लापता यात्रियों के परिजन गंगा तट पर टकटकी लगाए बैठे हैं। हर कोई अपने प्रियजन के सकुशल मिलने की भगवान से प्रार्थना कर रहा है। परिजनों के विलाप से वहां का पूरा माहौल गमगीन हो गया है। स्थानीय लोग भी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में लगे हुए हैं।
प्रशासन की सख्त अपील: उफान पर है गंगा, बरते पूरी सावधानी
इस दुखद घटना से सबक लेते हुए वैशाली जिला प्रशासन ने दियारा क्षेत्र के तमाम निवासियों और नाव चालकों के लिए एक चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा है कि मौजूदा समय में नदियां उफान पर हैं और जलस्तर बढ़ने के कारण जलधारा काफी तेज हो गई है। ऐसे में नदी पार करते समय या यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि बिना सुरक्षा मानकों (जैसे लाइफ जैकेट के बिना) और नाव की तय क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाकर किसी भी निजी नाव का संचालन नहीं किया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन की तरफ से कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अमले का पूरा फोकस नदी में लापता दोनों व्यक्तियों को सकुशल या जल्द से जल्द ढूंढने पर है।