प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, इस बात को बिहार और उत्तर प्रदेश से जुड़े एक परिवार की होनहार बेटी ने सच साबित कर दिखाया है। आज के समय में जहां बच्चे गैजेट्स और सोशल मीडिया की दुनिया में उलझे रहते हैं, वहीं एक नन्हीं सी बच्ची ने अपनी असाधारण बुद्धि और कड़ी मेहनत के दम पर पूरे देश में तहलका मचा दिया है। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में तैनात पुलिस अधीक्षक (SP) गणेश प्रसाद की सुपुत्री आद्याया साहा ने वह कर दिखाया है, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की हो। उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित और कठिन बौद्धिक परीक्षणों में से एक 'इंडियन जीनियस अवॉर्ड' में संपूर्ण देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
8.7 लाख बच्चों को पछाड़कर रचा स्वर्णिम इतिहास
यह सफलता सामान्य नहीं है। इस वर्ष आयोजित 13वें 'इंडियन जीनियस अवॉर्ड' की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के कोने-कोने से लगभग 8.7 लाख (8,70,000) मेधावी छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इतने बड़े और कड़े मुकाबले के बीच आद्याया साहा ने ऐसा प्रदर्शन किया कि परीक्षक भी हैरान रह गए। परीक्षा का सबसे रोमांचक पहलू यह रहा कि आद्याया ने 200 में से पूरे 200 अंक (100% स्कोर) हासिल किए। इस अभूतपूर्व प्रदर्शन के साथ ही वह इस प्रतियोगिता के इतिहास में अब तक की सबसे कम उम्र की 'जीनियस' बनने का गौरव प्राप्त कर चुकी हैं।
इस बड़ी उपलब्धि ने न केवल उनके माता-पिता का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है, बल्कि पूरे प्रशासनिक और शैक्षणिक गलियारों में इस नन्हीं प्रतिभा की चर्चा हो रही है। कम उम्र में इतनी बड़ी वैचारिक और शैक्षणिक दक्षता हासिल करना यह साबित करता है कि आने वाले समय में यह बच्ची देश का नाम वैश्विक पटल पर रोशन करने का माद्दा रखती है।
लखनऊ में भव्य समारोह में मिला स्वर्ण पदक और लैपटॉप
आद्याया साहा की इस ऐतिहासिक सफलता के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित होली पब्लिक स्कूल, वृंदावन में एक भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शिरकत की। अपर्णा यादव ने अपने हाथों से आद्याया को स्वर्ण पदक (Gold Medal), एक आधुनिक लैपटॉप और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
समारोह के दौरान जब आद्याया को मंच पर बुलाया गया, तो उन्होंने केवल अपनी बौद्धिक क्षमता ही नहीं, बल्कि अपनी कलात्मक प्रतिभा का भी परिचय दिया। उन्होंने अपनी बेहद सुरीली आवाज में 'वंदे मातरम' गीत की प्रस्तुति दी। उनके कंठ से निकले राष्ट्रगीत के सुरों ने वहां मौजूद सभी गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों और बच्चों का दिल जीत लिया। पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मोतीहारी के ननिहाल में छाई जश्न की खुमारी
आद्याया साहा की इस राष्ट्रीय स्तर की सफलता की गूंज उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक सुनाई दे रही है। मैनपुरी एसपी गणेश प्रसाद मूल रूप से बिहार के निवासी हैं, और आद्याया का ननिहाल बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मुख्यालय मोतीहारी में स्थित है। जैसे ही मोतीहारी के ठाकुरबाड़ी मोहल्ले में स्थित उनके नाना जनार्दन प्रसाद के घर यह खबर पहुँची, वहां खुशियों का सैलाब उमड़ पड़ा।
परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर और मुंह मीठा कराकर अपनी खुशी का इजहार किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच मिठाइयां बांटी गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरे जिले और बिहार के लिए ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि यहाँ की बेटी ने अपनी प्रतिभा का लोहा पूरे देश में मनवाया है।
बधाई देने वालों का लगा तांता, उज्ज्वल भविष्य की कामना
मोतीहारी स्थित जनार्दन प्रसाद के आवास पर पिछले कुछ दिनों से लगातार बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। आसपास के प्रबुद्ध नागरिक, रिश्तेदार और स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार पहुंचकर आद्याया के परिजनों को शुभकामनाएं दे रहे हैं। हर कोई इस नन्हीं बच्ची की एकाग्रता, लगन और बौद्धिक क्षमता की भूरी-भूरी प्रशंसा कर रहा है।
आद्याया के नाना और अन्य परिजनों का कहना है कि बच्ची ने अपनी अटूट मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया है कि अगर सही दिशा में मार्गदर्शन मिले, तो किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। स्थानीय लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि आद्याया का भविष्य उज्ज्वल हो और वह देश की सेवा में इसी प्रकार नए कीर्तिमान स्थापित करती रहें।
देश के युवाओं के लिए बनी प्रेरणा स्रोत
आज के दौर में जब युवा और बच्चे सोशल मीडिया की आभासी दुनिया में अपना समय व्यतीत कर रहे हैं, आद्याया साहा का यह सफर देश के तमाम बच्चों के लिए एक मजबूत प्रेरणा (Inspiration) बनकर उभरा है। यह सफलता यह सिखाती है कि अनुशासन, सतत अभ्यास और ज्ञान के प्रति सच्ची निष्ठा व्यक्ति को भीड़ से अलग कैसे खड़ा करती है। आद्याया की यह कहानी आने वाली कई पीढ़ियों को अकादमिक और बौद्धिक उत्कृष्टता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहेगी।