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लालू की बेटी रोहिणी पर भड़कीं दीपा मांझी, सिंगापुर से ज्ञान न देने की दो टूक

लालू की बेटी रोहिणी पर भड़कीं दीपा मांझी, सिंगापुर से ज्ञान न देने की दो टूक

बिहार की सियासत में इन दिनों बयानों के तीर एक-दूसरे पर जमकर चलाए जा रहे हैं। मामला सिर्फ राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मतभेद का नहीं रह गया है, बल्कि अब यह व्यक्तिगत बयानों और पुरानी यादों के जरिए एक-दूसरे को घेरने तक पहुंच चुका है। हाल ही में दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर आयोजित एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान जो कुछ हुआ, उसने सूबे के सियासी तापमान को अचानक काफी बढ़ा दिया है।

तेजस्वी यादव की जुबान फिसलने से शुरू हुआ पूरा विवाद

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव गया में 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। अपने संबोधन के दौरान तेजस्वी यादव की जुबान फिसल गई। उन्होंने जीतन राम मांझी के संदर्भ में कुछ ऐसा कह दिया, जिसे लेकर राजनीति गरमा गई।

सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों के बीच इस चूक को लेकर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तेजस्वी यादव के इस बयान को लेकर तीखा तंज कसा, जिसके बाद मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया।

रोहिणी आचार्य की एंट्री और सिंगापुर से वार

जीतन राम मांझी के बयान के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य मैदान में कूद पड़ीं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपनी बेबाक टिप्पणियों के लिए पहचानी जाने वाली रोहिणी ने जीतन राम मांझी के बयान पर करारा पलटवार किया।

रोहिणी आचार्य ने फिलहाल सिंगापुर में रहते हुए ही सोशल मीडिया के माध्यम से मांझी परिवार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने अंदाज में मांझी को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की, लेकिन उनका यह वार उन्हीं पर भारी पड़ता नजर आया जब मांझी परिवार की बहू ने मोर्चा संभाल लिया।

दीपा मांझी का तीखा पलटवार: 'किडनी देकर हुए अपमान को कैसे भूल गईं?'

रोहिणी आचार्य के ट्वीट और बयानों के बाद जीतन राम मांझी की बहू और पार्टी नेत्री दीपा मांझी ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया। दीपा मांझी ने रोहिणी के बयानों का कड़ा जवाब देते हुए सोशल मीडिया पर एक तीखा पोस्ट लिखा, जिसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

दीपा मांझी ने सीधे तौर पर रोहिणी आचार्य को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें सिंगापुर में बैठकर बिहार की राजनीति पर ज्ञान नहीं देना चाहिए। सबसे बड़ा प्रहार करते हुए दीपा मांझी ने लिखा कि रोहिणी जी, आप उस वाकये को कैसे भूल गईं जब आपको अपनी ही पार्टी और परिवार के भीतर असहज किया गया था? राजनीति में बयानबाजी अपनी जगह है, लेकिन अपनों द्वारा किए गए अपमान को इतनी जल्दी भुला देना हैरान करने वाला है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना यह विवाद

दीपा मांझी के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक नया भूचाल आ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद अब केवल नीति या बयानों की मर्यादा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह व्यक्तिगत और पारिवारिक मंचों तक खींचता जा रहा है।

  • आरजेडी का रुख: पार्टी इस पूरे मामले पर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। हालांकि, रोहिणी आचार्य के समर्थन में कुछ स्थानीय नेता जरूर उतर आए हैं।
  • HAM का रुख: जीतन राम मांझी और उनके परिवार ने साफ कर दिया है कि वे किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे।
  • आम जनता की प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर यह बहस ट्रेंड कर रही है, जहां लोग दोनों पक्षों की दलीलों पर अपनी राय रख रहे हैं।

आगे क्या हो सकता है?

आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए इस तरह की बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने की पूरी संभावना है। नेता अब एक-दूसरे के अतीत और व्यक्तिगत मामलों को भी अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने या बचाव करने के लिए हथियार बना रहे हैं। देखना यह होगा कि क्या आरजेडी के अन्य वरिष्ठ नेता इस मामले में हस्तक्षेप करते हैं या यह जुबानी जंग यूं ही जारी रहती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: यह पूरा विवाद किस घटना से शुरू हुआ था?

Ans: यह विवाद दशरथ मांझी की पुण्यतिथि के दौरान तेजस्वी यादव की जुबान फिसलने और उनके बयान पर जीतन राम मांझी के तंज से शुरू हुआ था।

Q2: रोहिणी आचार्य ने इस मामले में क्या प्रतिक्रिया दी थी?

Ans: रोहिणी आचार्य ने सिंगापुर से ही सोशल मीडिया के जरिए जीतन राम मांझी के बयानों पर तीखा पलटवार किया था।

Q3: दीपा मांझी ने रोहिणी आचार्य को क्या नसीहत दी?

Ans: दीपा मांझी ने रोहिणी को सिंगापुर से बिहार की राजनीति पर ज्ञान न देने की नसीहत दी और उनके पुराने पारिवारिक मामलों की याद दिलाई।

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काव्या त्रिपाठी

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Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

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