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राजस्थान में भारी बारिश का तांडव जारी, 17 सितंबर तक मौसम विभाग का नया अलर्ट

राजस्थान में भारी बारिश का तांडव जारी, 17 सितंबर तक मौसम विभाग का नया अलर्ट

राजस्थान के मौसम ने एक बार फिर से करवट ली है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मानसून एक बार फिर से ताकतवर बनकर उभरा है। मौसम विभाग ने राज्य के नागरिकों और प्रशासन को सतर्क करते हुए आगामी 17 सितंबर तक प्रदेश के बड़े हिस्से में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। आज यानी 15 सितंबर को राज्य के लगभग 20 जिलों में मौसम का मिजाज सख्त रहने वाला है।

इन 20 जिलों में मंडराया बारिश का खतरा

मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा अपडेट के अनुसार, आज राज्य के करीब 20 जिलों में मेघगर्जन के साथ भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इनमें पूर्वी राजस्थान के जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसके अलावा राजधानी जयपुर, अजमेर, टोंक और अलवर में भी काले बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर झमाझम बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो चुका है।

प्रशासन ने निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आगाह किया है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद आपदा प्रबंधन तंत्र को भी पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

17 सितंबर तक रहेगा खराब मौसम का दौर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मानसूनी गतिविधियां अभी दो-तीन दिनों तक थमने वाली नहीं हैं। 17 सितंबर तक राज्य के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश का यह दौर जारी रहेगा। इस दौरान कुछ स्थानों पर वज्रपात (आसानी बिजली गिरने) की भी आशंका जताई गई है, जो किसानों और आम नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन सकती है।

मौसम विभाग ने विशेष सलाह जारी करते हुए कहा है कि लोग खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास शरण लेने से बचें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रख लें ताकि बारिश से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।

तापमान में आई भारी गिरावट

लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण पिछले कुछ दिनों से तापमान में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। उमस भरी गर्मी से परेशान आम जनता को इस बारिश से काफी राहत मिली है। राज्य के अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया है, जिससे सितंबर के महीने में भी हल्की सर्दी और सुहावने मौसम का अहसास होने लगा है।

यातायात और जनजीवन पर असर

  • सड़क मार्ग: लगातार बारिश के चलते कई ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है, जिससे यातायात बाधित हुआ है।
  • जलभराव: शहरी क्षेत्रों में जल निकासी की समस्या एक बार फिर सामने आई है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
  • सुरक्षा उपाय: जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और नदियों-नालों के पास जाने पर रोक लगा दी है।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन की तैयारी

संभावित भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गए हैं। राज्य नियंत्रण कक्ष लगातार सभी जिलों के मौसम पर नजर बनाए हुए है। किसी भी संभावित बाढ़ या जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को संवेदनशील जिलों में तैनात कर दिया गया है।

नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और बिना किसी जरूरी काम के घरों से बाहर न निकलें। सफर करने से पहले सड़कों की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें ताकि किसी भी बड़ी परेशानी से बचा जा सके। आगामी 17 सितंबर के बाद ही मौसम के पूरी तरह से साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है, तब तक के लिए सभी को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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