सीमा पर देश की रक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले एक फौजी की चीख जब सिस्टम तक नहीं पहुंचती, तो उसका दर्द किस हद तक बढ़ जाता है—इसका एक झकझोर देने वाला मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से सामने आया है। एलओसी (Line of Control) पर तैनात भारतीय सेना के एक जवान ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां करते हुए एक वीडियो वायरल किया है, जिसमें उन्होंने अपनी ही जमीन पर दबंगों द्वारा कब्जा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और आम जनता के बीच भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
क्या है पूरा मामला? जानिए एलओसी पर तैनात वीर बहादुर सिंह का दर्द
वायरल वीडियो में नजर आ रहे जवान की पहचान देवरिया जिले के रहने वाले वीर बहादुर सिंह के रूप में हुई है, जो इस समय देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए एलओसी पर तैनात हैं। वीडियो में फौजी बेहद आहत और गुस्से में नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि वे देश की रक्षा में दिन-रात मुस्तैद हैं, लेकिन उनके अपने ही घर पर कुछ स्थानीय दबंगों ने जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है।
जवान का आरोप है कि जब उन्होंने इस गैरकानूनी कब्जे का विरोध किया और न्याय के लिए स्थानीय स्तर पर गुहार लगाई, तो उन्हें धमकियां मिलने लगीं। वीडियो में फौजी ने साफ तौर पर कहा है कि, "एक तरफ मैं देश की रक्षा कर रहा हूं और दूसरी तरफ मेरे परिवार को अपनों के बीच ही प्रताड़ित किया जा रहा है। अगर मुझे न्याय नहीं मिला, तो या तो मैं खुद को गोली मार लूंगा या फिर अपनी जान दे दूंगा।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लगाई न्याय की गुहार
देश की सरहद पर पहरा देने वाले इस वीर सिपाही ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीधे गुहार लगाई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि प्रदेश के मुखिया इस मामले में संज्ञान लेंगे और उन्हें तथा उनके परिवार को दबंगों के चंगुल से मुक्ति दिलाएंगे। फौजी का यह वीडियो जैसे ही इंटरनेट पर वायरल हुआ, सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इस पर गहरी चिंता जताई और प्रशासन से तुरंत सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
देश के लिए अपनी जान हथेली पर लेकर चलने वाले सैनिकों के साथ इस तरह का सलूक होना समाज और व्यवस्था दोनों के लिए एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। आम नागरिकों से लेकर पूर्व सैनिकों तक ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन को तुरंत हरकत में आना चाहिए।
प्रशासन और पुलिस विभाग की प्रतिक्रिया
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ, देवरिया पुलिस और जिला प्रशासन की नींद उड़ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस प्रशासन की ओर से जारी शुरुआती बयानों में कहा गया है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और फौजी के परिवार की सुरक्षा व उनकी जमीन के मामले में निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे फौजी के परिजनों के संपर्क में हैं और उनकी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जा रहा है। जमीन पर कब्जे के दावों की सत्यता की जांच राजस्व विभाग की टीम के साथ मिलकर की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद की असल जड़ क्या है और किन लोगों ने इस अवैध कब्जे को अंजाम दिया है।
