वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद राहत भरी और उत्साहजनक खबर सामने आई है। पिछले कुछ महीनों से बंद पड़ी स्पाइसजेट की विमान सेवाएं एक बार फिर से आसमान में अपनी गूंज बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आगामी 18 अक्टूबर से स्पाइसजेट के विमान इस रूट पर दोबारा उड़ान भरना शुरू कर देंगे। एयरलाइन कंपनी ने अपने विंटर शेड्यूल में वाराणसी के लिए कुल पांच उड़ानों का प्रावधान किया है, जिससे उत्तर प्रदेश और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बीच आवागमन करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
विंटर शेड्यूल में मिली राहत, पांच उड़ानें होंगी संचालित
दिवाली और त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले एयरलाइन का यह कदम यात्रियों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है। एयरपोर्ट प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आगामी विंटर शेड्यूल में स्पाइसजेट की ओर से वाराणसी रूट पर कुल पांच उड़ानें संचालित की जाएंगी। इससे न केवल मुंबई जाने वाले यात्रियों को सहूलियत होगी, बल्कि विमानन बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से किराए के मोर्चे पर भी कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इससे पहले स्पाइसजेट की तरफ से वाराणसी के रास्ते दिल्ली, मुंबई और पुणे जैसे प्रमुख महानगरों के लिए नियमित विमान सेवाएं संचालित की जा रही थीं। लेकिन वैश्विक स्तर पर बदले हालातों और आर्थिक दबावों के चलते इन सेवाओं को एक-एक करके सीमित करना पड़ा था।
क्यों बंद करनी पड़ी थी सेवाएं? जानिए वजह
किसी भी रूट पर अचानक फ्लाइट बंद होना यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनता है। स्पाइसजेट के मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला था। जानकारों के मुताबिक, रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर एविएशन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में भारी उछाल आया था। इसके अलावा परिचालन लागत (ऑपरेटिंग कॉस्ट) में बेतहाशा वृद्धि ने विमानन कंपनियों की कमर तोड़ दी थी।
बढ़ती लागत और यात्रियों की संख्या में आए उतार-चढ़ाव के बीच एयरलाइंस के लिए पुराने मार्गों पर विमान चलाना घाटे का सौदा साबित हो रहा था। इसी वित्तीय दबाव के चलते कंपनी ने वाराणसी से मुंबई के बीच चल रही अपनी लोकप्रिय विमान सेवा को अस्थायी तौर पर बंद करने का कठिन निर्णय लिया था।
25 जून को भरी थी आखिरी उड़ान
याद दिला दें कि इस रूट पर स्पाइसजेट की आखिरी उड़ान इसी साल 25 जून को संचालित हुई थी। उस दिन फ्लाइट संख्या 505 ने वाराणसी से मुंबई के लिए उड़ान भरी थी, जिसमें रिकॉर्ड 213 यात्री सवार थे। उस एक दिन में मुंबई के लिए आने और जाने वाले यात्रियों को मिलाकर कुल 428 लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया था। अंतिम दिन यात्रियों की अच्छी खासी संख्या होने के बावजूद बढ़ते खर्चों के कारण सेवा को रोकना एयरलाइन की मजबूरी बन गया था।
एयरपोर्ट निदेशक ने की आधिकारिक पुष्टि
वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के निदेशक पुनीत गुप्ता ने इस पूरी विकास यात्रा की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आगामी अक्टूबर महीने से स्पाइसजेट की सेवाएं एक बार फिर से इस रूट पर पटरी पर लौट आएंगी। उड़ानों का विस्तृत और आधिकारिक शेड्यूल एयरलाइन की ऑफिशियल वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, जहां से यात्री अपनी सुविधा के अनुसार बुकिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी बातें और टिप्स
- एडवांस बुकिंग: त्योहारी सीजन और सर्दियों की छुट्टियों के चलते अक्टूबर से दिसंबर के बीच यात्रा करने वालों की संख्या भारी रहती है। ऐसे में अपनी सीट पक्की करने के लिए अभी से बुकिंग कर लें।
- शेड्यूल की जांच: यात्रा पर निकलने से पहले एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या एयरपोर्ट के हेल्प डेस्क से उड़ानों के समय में किसी भी संभावित बदलाव की पुष्टि जरूर कर लें।
- लगेज पॉलिसी: स्पाइसजेट के नए विंटर शेड्यूल और बैगेज नियमों को एक बार ध्यान से पढ़ लें ताकि एयरपोर्ट पर किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
त्योहारी सीजन में बढ़ेगी कनेक्टिविटी
अक्टूबर का महीना भारत में त्योहारों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रवासी लोग अपने घर लौटते हैं और छुट्टियों में पर्यटन स्थलों की यात्रा करते हैं। ऐसे समय में स्पाइसजेट की वापसी वाराणसी के टूरिज्म और बिजनेस सेक्टर दोनों के लिए बूस्टर डोज साबित होगी। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में यात्रियों का यह सफर और अधिक सुगम, सुरक्षित और किफायती बनेगा।