जापान के आइची-नागोया में आयोजित महामुकाबला यानी 2026 एशियन गेम्स अब अपने ऐतिहासिक अंजाम तक पहुंच चुका है। 19 सितंबर से शुरू हुए इस महाकुंभ का समापन 4 अक्टूबर 2026 को हो गया है। भारतीय खेल प्रेमियों के लिए यह संस्करण कई मायनों में बेहद खास और यादगार रहा है। भारत ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर इस बार मेडल टैली में चौथे स्थान पर कब्जा जमाया है।
इस बार के एशियन गेम्स में भारतीय दल ने कुल 85 पदकों पर अपना नाम दर्ज कराया। इन 85 पदकों में 21 गोल्ड मेडल, 27 सिल्वर मेडल और 37 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पिछले संस्करणों की तुलना में भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन खेल जगत में देश के बढ़ते कद को स्पष्ट रूप से बयां करता है।
ऐतिहासिक पदक तालिका: चीन रहा शीर्ष पर
साल 2026 के इन एशियाई खेलों में पदकों की रेस हमेशा की तरह बेहद रोमांचक रही। चीन ने अपनी पारंपरिक बढ़त को कायम रखते हुए एक बार फिर से पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। चीनी खिलाड़ियों ने कुल 338 मेडल अपने नाम किए। वहीं, इस बार के मेजबान देश जापान ने अपने घरेलू दर्शकों के सामने बेहतरीन खेल दिखाते हुए कुल 262 पदकों के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया।
तीसरे पायदान पर दक्षिण कोरिया रहा, जिसने कुल 147 पदकों पर कब्जा जमाया। भारत ने शानदार जुझारू तेवर दिखाते हुए 85 पदकों के साथ चौथा स्थान अपने नाम किया। पांचवें स्थान पर उज्बेकिस्तान रहा, जिसने कुल 70 मेडल जीते। टॉप-5 देशों की इस सूची में भारत की स्थिति यह साबित करती है कि भारतीय एथलीट अब वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
हॉकी के मैदान पर रचा गया नया इतिहास
एशियन गेम्स के इतिहास में इस बार कुछ ऐसा हुआ, जिसकी गूंज लंबे समय तक सुनाई देगी। भारतीय हॉकी के लिए यह संस्करण स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। टूर्नामेंट के इतिहास में यह पहला मौका था जब भारत ने पुरुष और महिला, दोनों श्रेणियों की हॉकी स्पर्धा में गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने अजेय सफर को जारी रखते हुए रिकॉर्ड पांचवीं बार एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल जीता। दूसरी ओर, भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी इतिहास रचते हुए पहली बार एशियाई खेलों में सोने का तमगा हासिल किया। फाइनल मुकाबलों में दोनों टीमों का प्रदर्शन तकनीकी और मानसिक रूप से बेहद मजबूत था, जिसने हर देशवासी का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया।
क्रिकेट और अन्य खेलों में भी दिखा दबदबा
हॉकी के अलावा क्रिकेट के मैदान पर भी भारतीय तिरंगा शान से लहराया। भारत की पुरुष और महिला, दोनों क्रिकेट टीमों ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने का करिश्मा कर दिखाया। पुरुष क्रिकेट टीम ने फाइनल मुकाबले में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को धूल چाटकर सोने का तमगा जीता, जबकि महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को हराकर अपने नाम गोल्ड किया।
निशानेबाजी (शूटिंग) के मैदान पर देश की स्टार शूटर नीरू ढांडा ने अपनी अचूक कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने इस प्रतियोगिता में कुल तीन पदक जीतकर सनसनी फैला दी। नीरू ने दो व्यक्तिगत स्वर्ण पदक और एक रजत पदक अपने नाम किया। उनके इस अभूतपूर्व प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें क्लोजिंग सेरेमनी में भारत का ध्वजवाहक चुना गया, जो उनके अब तक के करियर की एक बड़ी उपलब्धि है।
इन दिग्गजों ने भी जीता सोने का तमगा
भारत की झोली में गोल्ड मेडल डालने वाले खिलाड़ियों की फेरफस्टी काफी लंबी है। बॉक्सिंग रिंग में देश की अनुभवी मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा ने अपने दम पर गोल्ड मेडल जीते। इसके अलावा, भारतीय महिला कबड्डी टीम ने अपनी पारंपरिक श्रेष्ठता को साबित करते हुए एक बार फिर पीला मेडल अपने नाम किया।
- गोल्फ: प्रणवी उर्स ने अचूक शॉट लगाते हुए गोल्फ में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता।
- तीरंदाजी: महिला रिकर्व आर्चरी टीम (अंकिता, कीर्ति और कुमकुम) ने सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए गोल्ड पर कब्जा जमाया।
- कुश्ती: माटी के अखाड़े में अमन सहरावत और सुजीत कलकल ने अपने गोल्डन दांव से देश को गौरवान्वित किया।
बता दें कि क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी—इन तीन प्रमुख खेलों में भारत की पुरुष और महिला दोनों ही टीमों ने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी सर्वोच्चता साबित की। इसके अलावा नीरू ढांडा, कुमकुम मोहोद, गुलवीर सिंह और विथ्या रामराज जैसे खिलाड़ियों ने एक से अधिक पदक जीतकर अपनी असाधारण फिटनेस और प्रतिभा का परिचय दिया।
भारतीय खेल जगत के लिए एक नया सवेरा
इन खेलों का समापन भले ही हो गया हो, लेकिन यह संकेत साफ है कि भारतीय खेल अब केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहे हैं। एथलेटिक्स, शूटिंग, बॉक्सिंग, आर्चरी और रेसलिंग जैसे खेलों में भारत के युवा एथलीटों ने यह दिखा दिया है कि वे दुनिया के किसी भी कोने में जाकर मुकाबला जीतने का माद्दा रखते हैं। 85 पदकों का यह सफर आने वाले ओलंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स के लिए भारतीय दल का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ाने वाला साबित होगा।