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डिएगो माराडोना की मौत: डॉक्टर लियोपोल्डो लुके को बनाया गया 'बलि का बकरा', अदालत में बचाव पक्ष की दलील

डिएगो माराडोना की मौत: डॉक्टर लियोपोल्डो लुके को बनाया गया 'बलि का बकरा', अदालत में बचाव पक्ष की दलील

फुटबॉल लीजेंड डिएगो माराडोना की मौत के मामले में आरोपी डॉक्टर लियोपोल्डो लुके के वकीलों ने अदालत में अंतिम बहस के दौरान दावा किया है कि उनके मुवक्किल को इस मामले में 'बलि का बकरा' बनाया गया है। अभियोजन पक्ष ने लुके के लिए 12 साल की जेल की सजा की मांग की है।

अजेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना का नवंबर 2020 में निधन हो गया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सात स्वास्थ्य पेशेवरों पर मुकदमा चल रहा है। डॉक्टर लियोपोल्डो लुके के वकील रॉबर्टो रालिन ने अदालत में कहा कि माराडोना की मौत का पूर्वानुमान लगाने की 'बिल्कुल कोई संभावना नहीं थी'। अभियोजन पक्ष के इस तर्क को खारिज करते हुए कि मौत एक अनुमानित परिणाम थी, बचाव पक्ष के एक अन्य वकील फ्रांसिस्को ओनेटो ने कहा कि माराडोना की जान एक 'अचानक और अप्रत्याशित' दिल के दौरे के कारण गई थी।

रालिन ने अदालत में कहा, 'हम यहां किसी टेलीविजन नारे के साथ नहीं, बल्कि उन सबूतों के साथ लुके की बेगुनाही का ऐलान करने आए हैं जो इसका समर्थन करते हैं। लियोपोल्डो लुके को इस मामले में बलि का बकरा बनाया गया है।'

मौत की पृष्ठभूमि और चिकित्सा जांच

डिएगो माराडोना का निधन 60 वर्ष की आयु में कार्डियोरेस्पिरेटरी संकट और पल्मोनरी एडिमा के कारण हुआ था। सबड्यूरल हेमाटोमा (मस्तिष्क की सर्जरी) के बाद उनकी रिकवरी के लिए ब्यूनस आयर्स के उत्तर में टिग्रे में एक आवास किराए पर लिया गया था, जहां वे मृत पाए गए थे। कोविड-19 महामारी के बीच हुई इस मौत से पूरे अर्जेंटीना में शोक की लहर दौड़ गई थी और राष्ट्रपति भवन में रखे उनके पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए हजारों लोगों ने सामाजिक दूरी के नियमों को दरकिनार कर दिया था।

अप्रैल से शुरू हुए इस मुकदमे में कुल सात मेडिकल प्रोफेशनल्स पर लापरवाही का आरोप है, जिसके कारण माराडोना की मौत हुई। अभियोजन पक्ष ने छह आरोपियों के लिए चार से 12 साल तक की सजा की मांग की है। अभियोजन पक्ष ने लुके की 'निष्क्रियता' की निंदा करते हुए कहा कि चेतावनी संकेतों के बावजूद उनका रवैया हमेशा 'कुछ न कुछ न करने' का रहा।

बचाव पक्ष के तर्क और अंतर्विरोध

लुके के वकीलों ने अदालत द्वारा 2021 में गठित अंतरविषयक मेडिकल आयोग के निष्कर्षों पर तीखा हमला बोला। आयोग ने ऑटोपसी और अन्य जानकारियों के आधार पर कहा था कि माराडोना को हृदय से जुड़ी पुरानी समस्याएं थीं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए था। हालांकि, लुके के वकीलों का तर्क है कि सर्जरी से ठीक पहले किए गए क्लिनिकल परीक्षणों में दिल की किसी बीमारी का संकेत नहीं मिला था।

ओनेटो ने कहा, 'यह बिल्कुल स्पष्ट है कि 2020 में माराडोना को दिल की कोई समस्या नहीं थी।' सुनवाई के दौरान डॉक्टर लुके सबसे मुखर प्रतिवादी रहे और उन्होंने कई बार अदालत में अपनी बात रखी। उनकी कानूनी टीम ने ऑडियो रिकॉर्डिंग, वैज्ञानिक लेख और यहां तक कि माराडोना की ऑटोपसी का एक वीडियो भी पेश किया, जिससे फुटबॉलर की बेटियां खासी नाराज हुईं। लुके ने अदालत में कहा, 'मुझे निशाना बनाना आसान है क्योंकि माराडोना के सबसे ज्यादा संपर्क में मैं ही था। एकमात्र व्यक्ति जो मेरा बचाव करता, वह डिएगो होता। मैं उनकी गहराई से परवाह करता था, मैं उनसे प्यार करता था, वह मेरे आदर्श और मेरे मित्र थे।'

इस बीच, मेडिकल कोऑर्डिनेटर नैंसी फोरलिनी का प्रतिनिधित्व करने वाले बचाव पक्ष के वकील निकोलस डी'अल्बोरा ने भी माराडोना की मौत के लिए लुके और एक अन्य डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराया। फोरलिनी को होम केयर के लिए बुनियादी चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने में कथित विफलता के कारण हत्या के आरोप में 10 साल की सजा का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में बचाव पक्ष की अंतिम बहस जारी रहने की उम्मीद है।

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गुंजा पांडेय

गुंजा पांडेय

Chief Sub Editor

गुंजा पांडेय तेज़ी से बदलती खबरों की दुनिया में अपनी पकड़ के लिए जानी जाती हैं। वे खेल और विज्ञान जैसे विषयों को न सिर्फ अपडेटेड रखती हैं, बल्कि उन...

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