वाराणसी के नमो घाट पर भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो का भव्य आगाज हुआ। गंगा नदी के ऊपर आसमान में वायुसेना के विमानों और हेलिकॉप्टरों के हैरतअंगेज करतबों ने काशीवासियों और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गुरुवार को आयोजित इस पहले दिवसीय हवाई प्रदर्शन की शुरुआत सुबह करीब 11:50 बजे हुई, जब वायुसेना के प्रसिद्ध 'सारंग' हेलिकॉप्टर दल ने गंगा के ऊपर आकाश में अद्भुत तरीके से तिरंगा उकेरा। इस दृश्य को देखकर घाटों पर मौजूद दर्शकों ने तालियों और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ वायुसेना के जवानों का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद देश के आधुनिक और मुख्य लड़ाकू विमानों राफेल और सुखोई ने आसमान में अपनी कलाबाजी दिखाई, जिसकी गड़गड़ाहट से पूरा काशी गूंज उठा।
राफेल, सुखोई और तीर की नोक जैसी फॉर्मेशन
एयर शो में भारतीय वायुसेना की तकनीकी दक्षता, सामरिक ताकत और पायलटों के उच्च कोटि के कौशल का अनूठा संगम देखने को मिला। इस भव्य आयोजन में राफेल और सुखोई के अलावा जगुआर, मिराज-2000, स्वदेशी तेजस और मिग-29 जैसे प्रमुख लड़ाकू विमान भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं। इन विमानों ने आसमान में तीर की नोक जैसी विशेष फॉर्मेशन बनाकर अपने अचूक हवाई तालमेल और अनुशासन का परिचय दिया।
आयोजन से जुड़े विवरण के अनुसार, इस पूरे एयर शो में कुल लगभग 100 विमान भाग ले रहे हैं। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलिकॉप्टर और ऐतिहासिक विंटेज विमान शामिल हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित 12 अलग-अलग एयरपोर्ट्स से उड़ान भरकर इन विमानों ने निर्धारित समयानुसार काशी के आसमान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
Mi-17 हेलिकॉप्टरों की फूलों की वर्षा और अन्य आकर्षण
कार्यक्रम के आगामी चरणों और मुख्य आकर्षणों के तहत तीन Mi-17 V-5 हेलिकॉप्टरों का विशेष प्रदर्शन भी तय किया गया है। ये हेलिकॉप्टर 'V' आकार की फॉर्मेशन में राष्ट्रीय ध्वज और भारतीय वायुसेना का ध्वज लेकर उड़ान भरेंगे। इसके साथ ही इन हेलिकॉप्टरों के माध्यम से आसमान से पुष्प वर्षा भी की जाएगी, जो इस सांस्कृतिक और सैन्य उत्सव को और अधिक भव्य बनाएगी।
कार्यक्रम की तिथियां और प्रधानमंत्री का संभावित दौरा
भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित यह 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो 22, 23 और 25 अक्टूबर को निर्धारित किया गया है। स्थानीय प्रशासन और वायुसेना द्वारा किए गए आकलन के अनुसार, इस तीन दिवसीय आयोजन में करीब 20 लाख दर्शकों के जुटने की संभावना है। भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नमो घाट के क्षेत्र को विशेष रूप से वीवीआईपी मेहमानों और सुरक्षा प्रबंधों के लिए आरक्षित रखा गया है।
इस आयोजन के अंतिम दिन यानी 25 अक्टूबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी कार्यक्रम में सम्मिलित होने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियां पूरी मुस्तैदी से की जा रही हैं। काशी के पौराणिक गंगा तट पर वायुसेना का यह प्रदर्शन देश की बढ़ती सैन्य ताकत, आत्मनिर्भर होती रक्षा तकनीक और राष्ट्रगौरव का प्रतीक बनकर उभरा है।