सुरक्षा व्यवस्था को ताक पर रखकर गंगा में धड़ल्ले से चल रहीं नावें, एयर शो के दौरान प्रशासन के आदेशों की हो रही अनदेखी
उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी में आयोजित एयर शो के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा गंगा नदी में नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी। हालांकि, तमाम सख्त निर्देशों और प्रशासनिक प्रतिबंधों के बावजूद गंगा की लहरों पर नावों का बेधड़क संचालन जारी रहने की बात सामने आई है.
एयर शो जैसे बड़े आयोजनों में आसमान में होने वाले करतबों और हवाई प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग तटों पर जुटते हैं। जलमार्ग पर सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासनिक एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है, जिसके तहत ही यह पाबंदी लगाई गई थी। इसके बावजूद नियमों का पालन कराने में आ रही यह ढिलाई सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े करती है।
प्रशासनिक सख्ती और क्रियान्वयन पर उठे सवाल
सुरक्षा के मद्देनजर जब आधिकारिक तौर पर प्रतिबंध लागू किए जाते हैं, तो उनके प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और जल पुलिस की होती है। प्रतिबंध के बाद भी गंगा में नाविकों की आवाजाही जारी रहने से यह स्पष्ट होता है कि नियमों के पालन में मैदानी स्तर पर सख्ती की कमी रही है। स्थानीय स्तर पर इन आदेशों का कड़ाई से पालन कराना संबंधित विभागों की जवाबदेही के दायरे में आता है.
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिम्मेदार अधिकारी और प्रशासनिक तंत्र इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। क्या इस प्रकार के आयोजनों के दौरान नियमों की अनदेखी करने वालों पर कोई कार्रवाई की जाएगी, या फिर गंगा में नाव संचालन से जुड़े नियम केवल कागजों तक ही सीमित रहकर रह जाएंगे, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।