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महिला एशिया कप में पाकिस्तानी खिलाड़ी गुल फिरोजा पर गिरा गाज, अंपायर से बहस पड़ी भारी

महिला एशिया कप में पाकिस्तानी खिलाड़ी गुल फिरोजा पर गिरा गाज, अंपायर से बहस पड़ी भारी

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर अनुशासन का दायरा कितना सख्त होता है, इसकी बानगी हाल ही में महिला टी20 एशिया कप के दौरान देखने को मिली है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम की शीर्ष क्रम की आक्रामक बल्लेबाज गुल फिरोजा को मैदान पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करना काफी महंगा पड़ गया है। आईसीसी आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन करने के चलते मैच रेफरी ने उन पर कड़ा एक्शन लिया है। टूर्नामेंट के दौरान हांगकांग के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अंपायर के निर्णय के खिलाफ नाखुशी जाहिर करने पर उन पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना ठोक दिया गया है। इसके साथ ही उनके अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है, जो आने वाले समय में उनके लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

मैदान पर क्या हुआ था वाकया? जानिए पूरी घटना

यह पूरा मामला पाकिस्तान की पारी के पांचवें ओवर के दौरान का है। हांगकांग की बाएं हाथ की स्पिनर कैरी चान गेंदबाजी कर रही थीं। उनकी एक फिरकी लेती हुई गेंद काफी उछाल के साथ आगे आई। इस गेंद पर गुल फिरोजा ने क्रीज पर पीछे हटते हुए स्वीप शॉट खेलने का असफल प्रयास किया। गेंद और बल्ले का कोई संपर्क नहीं हुआ और वह सीधे स्टंप की सीध में उनके पैड पर जा लगी। गेंदाबाज़ी की अपील पर मैडम अंपायर ने पलक झपकते ही फिरोजा को पगबाधा (LBW) आउट करार दे दिया।

चूंकि इस टूर्नामेंट में निर्णय समीक्षा प्रणाली यानी डीआरएस (DRS) की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए बल्लेबाज के पास मैदानी अंपायर के फैसले को चुनौती देने का कोई विकल्प नहीं बचा था। मजबूरी में उन्हें पवेलियन की तरफ लौटना पड़ा। हालांकि, मैदान से बाहर जाते वक्त फिरोजा का गुस्सा और निराशा साफ झलक रही थी। उन्होंने अपने बल्ले की तरफ इशारा करते हुए यह जताने की कोशिश की कि गेंद ने बल्ले का अंदरूनी किनारा लिया था और अंपायर का फैसला गलत था। आईसीसी के नियमों के मुताबिक, पवेलियन लौटते समय इस तरह से इशारे करना और अंपायर के फैसले पर असहमति जताना सीधे तौर पर आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है।

आईसीसी आचार संहिता के किस नियम के तहत हुई कार्रवाई?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के नियमानुसार, मैच के दौरान या मैदान से बाहर जाते वक्त अंपायर के फैसले की सार्वजनिक रूप से आलोचना करना या उस पर असंतोष जताना अपराध की श्रेणी में आता है। गुल फिरोजा का यह कृत्य आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 के दायरे में आया। इस अनुच्छेद के तहत खिलाड़ियों को खेल भावना बनाए रखने और अंपायर के निर्णयों का सम्मान करने के सख्त निर्देश दिए जाते हैं।

रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो पिछले 24 महीनों के भीतर गुल फिरोजा द्वारा किया गया यह दूसरा ऐसा अपराध है। इस ताज़ा डिमेरिट अंक के जुड़ने के बाद पिछले दो सालों में उनके कुल डिमेरिट अंकों की संख्या अब दो हो गई है। अगर भविष्य में उनके खाते में ऐसे अंक और जुड़ते हैं, तो उन पर कुछ मैचों का प्रतिबंध भी लग सकता है, जो पाकिस्तान टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

टूर्नामेंट में अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करने वाली दूसरी पाकिस्तानी खिलाड़ी

दिलचस्प बात यह है कि इस महिला एशिया कप में आचार संहिता के उल्लंघन के लिए एक्शन का सामना करने वाली गुल फिरोजा इकलौती पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं हैं। उनसे पहले टीम की कप्तान फातिमा सना भी इसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई की चपेट में आ चुकी हैं। भारत के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान फातिमा सना पर भी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना और एक डिमेरिट अंक लगाया गया था।

भारत की पारी के दूसरे ओवर में भारतीय बल्लेबाज शैफाली वर्मा ने फातिमा सना की गेंद पर एक आसान सा रिटर्न कैच थमा दिया था। विकेट मिलने के बाद पाकिस्तानी कप्तान के जश्न मनाने का तरीका काफी आक्रामक था। उन्होंने आउट होने के बाद पवेलियन की तरफ इशारा करते हुए कुछ ऐसा किया था जो मैच अधिकारियों की नजरों में खटक गया। आईसीसी ने इसे भी खिलाड़ियों के लिए तय आचार संहिता का उल्लंघन माना और तुरंत प्रभाव से सजा सुनाई। लगातार दो खिलाड़ियों पर इस तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई होना पाकिस्तान टीम प्रबंधन के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।

मैदान पर शानदार प्रदर्शन के बावजूद अनुशासनात्मक मुश्किलें

एक तरफ जहां पाकिस्तानी टीम मैदान के बाहर नियमों के फेर में फंसकर पेनल्टी का सामना कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मैदान के भीतर उनका प्रदर्शन काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक रहा है। हांगकांग के खिलाफ खेले गए अपने आखिरी ग्रुप मुकाबले में पाकिस्तानी टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए 72 रनों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। इस धमाकेदार जीत के साथ ही उन्होंने ग्रुप-ए से सेमीफाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम के रूप में अपनी पक्की जगह बना ली है।

टूर्नामेंट का रोमांच अब अपने चरम पर पहुंच चुका है और नॉकआउट मुकाबलों की तस्वीरें पूरी तरह से साफ हो चुकी हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, महिला एशिया कप का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला शुक्रवार को खेला जाएगा, जहां पाकिस्तान की भिड़ंत मजबूत श्रीलंकाई टीम से होगी। वहीं, खिताबी रेस में आगे बढ़ने के लिए पहला सेमीफाइनल मुकाबला गुरुवार को पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी भारत और बांग्लादेश के बीच खेला जाएगा।

क्रिकेट में अनुशासन का बढ़ता महत्व

आधुनिक क्रिकेट में केवल रन बनाना या विकेट लेना ही काफी नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों का मैदान पर आचरण भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। वैश्विक स्तर पर क्रिकेट को संचालित करने वाली संस्थाएं खेल के दौरान पारदर्शिता और अनुशासन को बनाए रखने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही हैं। डीआरएस के दौर में अंपायरों की कई गलतियां सुधर जाती हैं, लेकिन जहां यह तकनीक उपलब्ध नहीं होती, वहां खिलाड़ियों के लिए अपने गुस्से और भावनाओं पर काबू रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। गुल फिरोजा और फातिमा सना पर हुई ये कार्रवाइयां आने वाली युवा पीढ़ी और अन्य खिलाड़ियों के लिए एक स्पष्ट संदेश हैं कि खेल के मैदान पर अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

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गुंजा पांडेय

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Chief Sub Editor

गुंजा पांडेय तेज़ी से बदलती खबरों की दुनिया में अपनी पकड़ के लिए जानी जाती हैं। वे खेल और विज्ञान जैसे विषयों को न सिर्फ अपडेटेड रखती हैं, बल्कि उन...

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