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एशियाई खेल 2026: खिताब बचाने जापान रवाना हुई भारतीय हॉकी टीम, 20 सितंबर को पहला मुकाबला

एशियाई खेल 2026: खिताब बचाने जापान रवाना हुई भारतीय हॉकी टीम, 20 सितंबर को पहला मुकाबला

जापान की आबोहवा में इस वक्त भारतीय हॉकी की गूंज सुनाई देने लगी है। एशियाई खेल 2026 में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने और महाद्वीप पर अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम मंगलवार शाम को कड़े अभ्यास और बुलंद हौसलों के साथ जापान के लिए रवाना हो गई। टीम की कमान अनुभवी ड्रैग-फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह के हाथों में है, जिनके कंधों पर देश की उम्मीदों का बड़ा भार है। इस बार का यह महाकुंभ न केवल पदकों की जंग है, बल्कि सीधे तौर पर साल 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक का टिकट हासिल करने का सबसे सुनहरा रास्ता भी है।

विश्व कप की निराशा पीछे छोड़, अब सिर्फ एशियाई खेलों पर नजर

हॉकी प्रेमियों के जेहन में पिछले महीने नीदरलैंड्स और बेल्जियम में हुए एफआईएच हॉकी विश्व कप की यादें ताजा हैं, जहां भारतीय टीम आठवें स्थान पर रही थी। उस नतीजे से उपजी निराशा और आलोचनाओं को अब खिलाड़ियों ने पीछे छोड़ दिया है। टीम मैनेजमेंट और खिलाड़ियों ने पूरी ऊर्जा एशियाई खेलों की रणनीतियों पर झोंक दी है। जापान की धरती पर कदम रखने से पहले खिलाड़ियों के चेहरे पर एक अलग ही आत्मविश्वास और कुछ कर गुजरने की ललक साफ दिखाई दे रही है।

कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने रवानगी से ठीक पहले मीडिया से बातचीत में साफ किया कि टीम भविष्य के बड़े समीकरणों में उलझने के बजाय वर्तमान में जीना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "हम एक समय में एक ही मैच पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य हर मुकाबले के साथ अपने खेल के स्तर को ऊपर उठाना है। एशियाई खेलों का यह मंच आसान नहीं होने वाला है, क्योंकि यहां एशिया की तमाम मजबूत टीमें अपने शीर्ष प्रदर्शन के साथ उतरेंगी। हमें नॉकआउट चरण तक पहुंचने और वहां अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए हर गलती से सीख लेनी होगी।"

आइची-नागोया में सजेगा हॉकी का रण, काकामिगहारा में होंगे मुकाबले

इस बार के एशियाई खेलों का आयोजन जापान के आइची-नागोया क्षेत्र में 19 सितंबर से 04 अक्टूबर के बीच हो रहा है। हालांकि, हॉकी के रोमांचक मुकाबले नागोया शहर से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित खूबसूरत शहर काकामिगहारा में खेले जाएंगे। इस मैदान की टर्फ और वहां के मौसम के अनुकूल खुद को ढालने के लिए भारतीय टीम ने समय से पहले वहां पहुंचने का फैसला किया है, ताकि किसी भी तरह की बाहरी चुनौती से पार पाया जा सके।

चार बार की एशियाई खेल चैंपियन भारतीय टीम को इस बार बेहद संतुलित और चुनौतीपूर्ण पूल-ए में रखा गया है। इस पूल में भारत के अलावा मेजबान जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया जैसी टीमें शामिल हैं। हर एक मुकाबला कांटे की टक्कर का होने की उम्मीद है, क्योंकि हर टीम जानती है कि यहां जरा सी चूक उनके मेडल के सपने को चकनाचूर कर सकती है.

भारत का पूरा मैच शेड्यूल और महत्वपूर्ण तारीखें

भारतीय हॉकी प्रेमियों के लिए सितंबर का यह महीना बेहद रोमांचक रहने वाला है। टीम इंडिया अपने अभियान की शुरुआत 20 सितंबर को इंडोनेशिया के खिलाफ मुकाबले के साथ करेगी। पूल चरण के अन्य मैचों में भारत का सामना बाकी टीमों से होगा और सफर का अंतिम पूल मुकाबला 28 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ खेला जाएगा।

  • 20 सितंबर: भारत बनाम इंडोनेशिया (पहला मुकाबला)
  • 28 सितंबर: भारत बनाम बांग्लादेश (पूल चरण का अंतिम मुकाबला)
  • 01 अक्टूबर: सेमीफाइनल मुकाबले
  • 03 अक्टूबर: खिताबी मुकाबला (फाइनल)

ओलंपिक का डायरेक्ट टिकट: सबसे बड़ा दांव

इस बार के एशियाई खेलों का महत्व सिर्फ एक और स्वर्ण पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बहुत दूरगामी परिणाम हैं। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में जो भी देश स्वर्ण पदक अपने नाम करेगा, उसे सीधे तौर पर साल 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधा (डायरेक्ट) कोटा मिल जाएगा। ओलंपिक के लिए अभी से क्वालिफाई कर लेना किसी भी टीम के लिए आगे की तैयारियों को आसान बना देता है। यही वजह है कि भारत समेत एशिया की सभी दिग्गज टीमें अपनी पूरी ताकत झोंकने के लिए तैयार हैं।

रणनीति और अनुभव का मेल

टीम के पास अनुभवी खिलाड़ियों के साथ-साथ युवा ऊर्जा का बेहतरीन मिश्रण है। कोच और कप्तान की जोड़ी मैदान पर विपक्षी टीमों को मात देने के लिए नए पैंतरे तैयार कर चुकी है। पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की कला में माहिर हरमनप्रीत सिंह की भूमिका इस टूर्नामेंट में सबसे अहम रहने वाली है। इसके अलावा फॉरवर्ड लाइन और डिफेंस को भी अपनी पिछली कमियों से पार पाते हुए अधिक अनुशासित खेल दिखाना होगा।

पूरा देश एक बार फिर तिरंगे को पोडियम के सबसे ऊंचे स्थान पर देखने के लिए बेताब है। क्या भारतीय पुरुष हॉकी टीम अपने खिताब का सफलतापूर्व बचाव कर पाएगी और क्या वे लॉस एंजिल्स का सफर समय से पहले पक्का कर पाएंगे? इन तमाम सवालों के जवाब आने वाले कुछ हफ्तों में काकामिगहारा के मैदान पर मिलने वाले हैं। फैंस की निगाहें अब 20 सितंबर पर टिकी हैं, जब स्टिक और बॉल की खनक के साथ महासंग्राम का आधिकारिक आगाज होगा।

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गुंजा पांडेय

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Chief Sub Editor

गुंजा पांडेय तेज़ी से बदलती खबरों की दुनिया में अपनी पकड़ के लिए जानी जाती हैं। वे खेल और विज्ञान जैसे विषयों को न सिर्फ अपडेटेड रखती हैं, बल्कि उन...

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