नागपुर की धरती अपनी ऐतिहासिक और अनूठी संस्कृति के लिए पूरे देश में जानी जाती है। यहाँ की मिट्टी में एक ऐसा अनूठा उत्सव रचा-बसता है, जिसकी गूंज अब देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई देने वाली है। हम बात कर रहे हैं नागपुर के 145 साल पुराने ऐतिहासिक 'मारबत और बडग्या महोत्सव' की। इस सांस्कृतिक धरोहर को अब वैश्विक पटल पर स्थापित करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है।
महापौर नीता ठाकरे ने सीएम फडणवीस को सौंपा निमंत्रण
नागपुर महानगरपालिका (NMC) की महापौर नीता ठाकरे ने हाल ही में मुंबई में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य नागपुर की इस प्राचीन परंपरा को राजकीय संरक्षण और वैश्विक पहचान दिलाना था। महापौर ने मुख्यमंत्री को आगामी मारबत महोत्सव के भव्य आयोजन का आधिकारिक निमंत्रण पत्र सौंपा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक पहल की सराहना की और महोत्सव को हरसंभव प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
महोत्सव को लेकर नागपुर प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुका है। महापौर नीता ठाकरे के नेतृत्व में शहर के इस सबसे बड़े सांस्कृतिक पर्व को ऐतिहासिक बनाने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर आगंतुकों के स्वागत तक, हर मोर्चे पर प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहा है.
145 वर्षों का समृद्ध और अनोखा इतिहास
मारबत महोत्सव का इतिहास करीब 145 साल पुराना है। यह कोई आम त्योहार नहीं है, बल्कि नागपुर के लोगों की भावनाओं, उनकी एकता और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ मुखर होने का एक अनूठा प्रतीक है। हर साल पोला पर्व के अगले दिन निकाली जाने वाली मारबत और बडग्या की सवारियां शहर के मुख्य मार्गों से गुजरती हैं। इसमें समाज की कुप्रथाओं, बुराइयों और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक बनाकर पुतले जलाए जाते हैं और 'घे मारबत' के नारे गूंजते हैं।
समय के साथ यह उत्सव नागपुर की पहचान बन चुका है। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, हर पीढ़ी इस परंपरा से गहराई से जुड़ी हुई है। यही वजह है कि अब इस पुरानी परंपरा को आधुनिक समय के साथ जोड़कर एक विशाल उत्सव का रूप दिया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी भी अपनी संस्कृति पर गर्व कर सके।
बजट में विशेष फंड का ऐतिहासिक प्रावधान
किसी भी बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए वित्तीय मजबूती सबसे जरूरी होती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए नागपुर महानगरपालिका ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मनपा के वार्षिक बजट में मारबत महोत्सव के लिए एक विशेष वित्तीय निधि (Special Fund) का प्रावधान किया गया है।
- महोत्सव के प्रचार-प्रसार के लिए आधुनिक माध्यमों का उपयोग
- विदेशी पर्यटकों और मेहमानों के लिए विशेष सुविधाओं का विकास
- शहर के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
- स्थानीय कलाकारों और पारंपरिक आयोजनों को बड़ा मंच देना
इस विशेष फंड के आ जाने से अब उत्सव के दौरान किसी भी तरह की कमी नहीं खटकेगी और आयोजनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया जा सकेगा।
राष्ट्रीय राजधानी में भी दी गई महोत्सव की दस्तक
स्थानीय स्तर पर भव्य तैयारियों के साथ-साथ इस बार इस महोत्सव का दायरा देश की राजधानी दिल्ली तक फैलाया गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निमंत्रण देने से पहले, नागपुर मनपा का एक विशेष प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली पहुंचा था। इस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय स्तर की कई प्रमुख हस्तियों, केंद्रीय मंत्रियों और सांस्कृतिक संगठनों के दिग्गजों से मुलाकात की।
दिल्ली में दिए गए इन निमंत्रणों का मुख्य उद्देश्य देश के नीति-निर्माताओं और बड़े सांस्कृतिक चेहरों का ध्यान नागपुर की इस अनोखी लोक-संस्कृति की ओर आकर्षित करना था। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार के महोत्सव में कई नामचीन राष्ट्रीय हस्तियां भी नागपुर की मेहमान बनेंगी।
पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा, जुटेंगी अंतरराष्ट्रीय हस्तियां
नागपुर महानगरपालिका का यह विजन साफ है कि मारबत महोत्सव को केवल एक स्थानीय पर्व तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे 'कल्चरल टूरिज्म' (Cultural Tourism) के रूप में विकसित किया जाए। जब देश-विदेश के पर्यटक इस अनूठे उत्सव को देखने नागपुर आएंगे, तो इससे शहर के होटल व्यवसाय, हस्तशिल्प और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई रफ्तार मिलेगी।
"मारबत और बडग्या महोत्सव हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की पहचान है। 145 साल पुरानी इस परंपरा को अब दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना हमारा मुख्य लक्ष्य है। इसके लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।" - विशेष प्रशासनिक सूत्र
निष्कर्ष
नागपुर का यह मारबत महोत्सव अब एक नए इतिहास को लिखने की दहलीज पर खड़ा है। स्थानीय नागरिकों का उत्साह, महानगरपालिका का वित्तीय समर्थन और शीर्ष नेतृत्व का मार्गदर्शन—ये सभी मिलकर इस आयोजन को अभूतपूर्व बनाने जा रहे हैं। आने वाले दिनों में जब नागपुर की सड़कों पर मारबत निकलेगी, तो न सिर्फ नागपुर बल्कि पूरा देश और दुनिया इस ऐतिहासिक संस्कृति के रंग में रंगी नजर आएगी।
