दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का रहस्य एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस मामले में अब सुशांत के परिवार की तरफ से बेहद सनसनीखेज और गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अभिनेता के चचेरे भाई पन्ना सिंह ने पूर्णिया में मीडिया से बातचीत के दौरान एक ऐसा दावा किया है, जिससे मनोरंजन जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में खलबली मच गई है। पन्ना सिंह का कहना है कि सुशांत के पास दिशा सालियान की कथित हत्या से जुड़े पुख्ता सबूत मौजूद थे और वे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इन सारे राज से पर्दा उठाने वाले थे।
दिशा सालियान की मौत और सुशांत का कनेक्शन
वर्ष 2020 में घटी इन दो दुखद घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। पहले दिशा सालियान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई और उसके कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत अपने फ्लैट पर मृत पाए गए। शुरुआत से ही इन दोनों मामलों के बीच आपसी संबंध होने की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब पन्ना सिंह ने इन अटकलों को और हवा देते हुए दावा किया है कि दोनों घटनाओं की कड़ियां आपस में जुड़ी हुई हैं।
पन्ना सिंह के मुताबिक, दिशा सालियान सुशांत की मैनेजर थीं और उनकी मौत के तुरंत बाद सुशांत को इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील सबूत हाथ लग गए थे। पन्ना सिंह का आरोप है, 'सुशांत इन तमाम सबूतों को सार्वजनिक करना चाहते थे। वे एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने की तैयारी में थे, ताकि देश के सामने सच आ सके। लेकिन उनके ऐसा करने से पहले ही उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।'
आदित्य ठाकरे पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्णिया में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए पन्ना सिंह ने सीधे तौर पर महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे का नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आदित्य ठाकरे के राजनीतिक दबाव और रसूख के कारण ही उस समय की पुलिस और प्रशासन ने मामले की सही दिशा में जांच नहीं की। पन्ना सिंह का कहना है कि उस वक्त महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में थी, इसलिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल करके सच को दबाने की पूरी कोशिश की गई।
उन्होंने आगे कहा कि जब एक प्रभावशाली व्यक्ति किसी मामले में लिप्त होता है, तो जांच एजेंसियों पर अप्रत्यक्ष दबाव होता है। यही वजह थी कि उस समय सुशांत सिंह राजपूत को न्याय नहीं मिल सका और उनके परिवार को अनगिनत परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद जगी उम्मीद
समय के साथ राजनीतिक समीकरण बदले हैं, और अब बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद इस बहुचर्चित मामले की जांच सीबीआई के हाथों में है। इस ताजा डेवलपमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए पन्ना सिंह ने संतोष व्यक्त किया है। उनका मानना है कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और न्यायिक प्रक्रिया से उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार निष्पक्ष जांच होगी।
पन्ना सिंह ने कहा, 'हमारे परिवार का देश की न्यायपालिका पर अटूट भरोसा शुरू से रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट का यह आदेश न केवल हमारे परिवार के लिए, बल्कि बिहार और देश के उन करोड़ों प्रशंसकों के लिए एक नई उम्मीद है जो सुशांत को इंसाफ दिलाना चाहते हैं।'
जांच में सहयोग की उम्मीद
परिवार का यह भी कहना है कि वे चाहते हैं कि इस मामले की तह तक जाया जाए ताकि असली दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके और किसी भी निर्दोष व्यक्ति को बेवजह इस विवाद में न घसीटा जाए। सीबीआई जांच के आगे बढ़ने के साथ ही अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या वाकई सुशांत के पास मौजूद उन तथाकथित सबूतों तक एजेंसियां पहुंच पाती हैं या नहीं।
बहरहाल, पन्ना सिंह के इन नए बयानों ने एक बार फिर से सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान केस में सनसनी फैला दी है। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि जनता और परिवार दोनों की नजरें अब पूरी तरह से केंद्रीय जांच एजेंसी की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।