IND vs NZ: न्यूजीलैंड सीरीज में इन 5 खिलाड़ियों की खुलेगी किस्मत, मिल सकता है बड़ा मौका
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IND vs NZ: न्यूजीलैंड सीरीज में इन 5 खिलाड़ियों की खुलेगी किस्मत, मिल सकता है बड़ा मौका

IND vs NZ: न्यूजीलैंड सीरीज में इन 5 खिलाड़ियों की खुलेगी किस्मत, मिल सकता है बड़ा मौका

भारतीय क्रिकेट टीम का शेड्यूल इस समय बेहद व्यस्त चल रहा है। आने वाले दिनों में टीम इंडिया बैक टू बैक मुकाबले खेलती हुई नजर आएगी, जिससे खिलाड़ियों के वर्कलोड को मैनेज करना टीम मैनेजमेंट के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। स्थिति यह है कि कुछ समय के लिए भारतीय टीम को व्यस्त कार्यक्रमों के कारण रणनीतिक बदलाव भी करने पड़ रहे हैं। ऐसे में जो खिलाड़ी अब तक बेंच पर बैठे थे या जिन्हें केवल बैकअप के रूप में देखा जा रहा था, उनकी किस्मत का ताला खुलने वाला है।

क्रिकेट गलियारों में चर्चा जोरों पर है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी सीरीज और उसके तुरंत बाद होने वाले टेस्ट मुकाबलों के मद्देनजर चयनकर्ता बड़ा फैसला ले सकते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की वनडे सीरीज समाप्त होने के महज 4 दिनों के भीतर ही टीम इंडिया को अपना अगला बड़ा टेस्ट मैच खेलना है। इस स्थिति को देखते हुए मुख्य खिलाड़ियों को तरोताजा रखने और टेस्ट सीरीज की पुख्ता तैयारी का पूरा मौका देने के लिए सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टेस्ट टीम के कई स्टार खिलाड़ी आखिरी के 2 वनडे मुकाबलों से बाहर रह सकते हैं।

वैकल्पिक खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का स्वर्णिम अवसर

जब भी सीनियर खिलाड़ी बाहर होते हैं, तो घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए की तरफ से शानदार प्रदर्शन कर रहे युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए दरवाजे अपने आप खुल जाते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के आखिरी दो मैचों में जब मुख्य खिलाड़ी टेस्ट की तैयारियों में जुटेंगे, तब इन 5 बैकअप खिलाड़ियों के पास अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ने का यह सबसे बेहतरीन मौका होगा। आइए विस्तार से जानते हैं उन 5 खिलाड़ियों के बारे में जिनकी किस्मत इस दौरान पूरी तरह बदल सकती है।

1. ऋतुराज गायकवाड़

घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी शानदार बल्लेबाजी से तहलका मचाने वाले ऋतुराज गायकवाड़ को श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी के चलते पहले ही मौके मिल रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने वाले गायकवाड़ के लिए न्यूजीलैंड सीरीज के अंतिम दो वनडे मुकाबले मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। अगर वह मैनेजमेंट के भरोसे पर खरे उतरते हैं, तो उन्हें यशस्वी जायसवाल की जगह अंतिम एकादश में नंबर 5 पर स्थायी रूप से आजमाया जा सकता है। उनकी क्लासिकल बल्लेबाजी शैली टीम को मध्यक्रम में एक नई मजबूती दे सकती है।

2. आकिब नबी

तेज गेंदबाजी आक्रमण में विविधता लाने के लिए युवा पेसर आकिब नबी पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। जसप्रीत बुमराह जैसे दिग्गजों को जब भी वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया जाता है, तो गेंदबाजी यूनिट में एक धारदार विकल्प की तलाश होती है। आकिब नबी को इसी कमी को पूरा करने के लिए स्क्वाड में रखा गया है। अगर उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम दो वनडे मैचों में प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है, तो अपनी गति और स्विंग के दम पर वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी चमक बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

3. ईशान किशन

विस्फोटक विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन का नाम इस फेहरिस्त में सबसे खास है। एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों और अन्य व्यस्तताओं के कारण वह लगातार एक्शन में रहे हैं। हालांकि, न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान ध्रुव जुरेल और केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों के टेस्ट सीरीज की तैयारियों के चलते अंतिम दो वनडे मिस करने की पूरी संभावना है। ऐसे में ईशान किशन को न केवल टीम में वापसी का मौका मिलेगा, बल्कि उन्हें पारी की शुरुआत (ओपनिंग) करने की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है। ईशान का आक्रामक अंदाज पावरप्ले का पूरा फायदा उठाने के लिए जाना जाता है।

4. संजू सैमसन

भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के चहेते संजू सैमसन का नाम जब भी चर्चा में आता है, तो एक अलग ही उत्साह देखने को मिलता है। केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और ऋषभ पंत के टेस्ट सीरीज की तैयारियों के चलते शुरुआती या आखिरी मैचों से हटने की स्थिति में संजू सैमसन की वनडे टीम में बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज वापसी का रास्ता साफ हो सकता है। भले ही उनके लिए तुरंत प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन राष्ट्रीय टीम के स्क्वाड में वापसी करना खुद संजू और उनके प्रशंसकों के लिए एक बड़ी राहत और खुशी की खबर है।

5. शिवम दुबे (नीतीश कुमार रेड्डी का विकल्प)

ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी भी टेस्ट प्रतिबद्धताओं के चलते न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम दो वनडे मुकाबलों से बाहर रह सकते हैं। ऐसी स्थिति में चयनकर्ता एक बार फिर बड़े हिटर और मध्यम गति के गेंदबाज शिवम दुबे पर अपना भरोसा जता सकते हैं। शिवम दुबे को एक बार फिर से वनडे टीम में कमबैक करने का मौका मिल सकता है। मैच की परिस्थितियों के अनुसार फिनिशर की भूमिका निभाने और छक्के लगाने की उनकी क्षमता टीम इंडिया के मध्यक्रम को संतुलन प्रदान करती है। हालांकि अंतिम ग्यारह में जगह बनाने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी होगी, लेकिन यह मौका उनके करियर के लिए बहुत ही ज्यादा अहम साबित होगा।

भविष्य की तैयारियों का ब्लूप्रिंट

भारतीय टीम मैनेजमेंट का यह कदम सिर्फ एक सीरीज के लिए नहीं, बल्कि आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स के लिए बेंच स्ट्रेंथ (Bench Strength) को मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। जब द्वितीय श्रेणी के खिलाड़ियों को इस स्तर का एक्सपोजर मिलता है, तो वे दवाब की परिस्थितियों में खेलना सीखते हैं। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि यदि इन पांचों खिलाड़ियों ने इस संभावित मौके का पूरा लाभ उठाया, तो आने वाले समय में भारतीय चयनकर्ताओं के लिए अंतिम ग्यारह का चयन करना और अधिक सिरदर्द भरा, लेकिन सुखद हो जाएगा।

फिलहाल निगाहें बीसीसीआई के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं कि किस प्रकार वर्कलोड को मैनेज किया जाता है और इन बैकअप खिलाड़ियों को अंतिम दो वनडे मैचों में किस रूप में मैदान पर उतारा जाता है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह सीरीज रोमांच से भरपूर होने वाली है, जहां वे टीम के भविष्य के सितारों को अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए देखेंगे।

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गुंजा पांडेय

गुंजा पांडेय

Chief Sub Editor (Sports & Science)

गुंजा पांडेय तेज़ी से बदलती खबरों की दुनिया में अपनी पकड़ के लिए जानी जाती हैं। वे खेल और विज्ञान जैसे विषयों को न सिर्फ अपडेटेड रखती हैं, बल्कि उन...

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