काशी के मंत्र मुद्रित शॉल और सिल्क साड़ियां अब ग्लोबल मार्केट में, ट्रेड शो में चमकेगी विरासत
Breaking
► देवभूमि उत्तराखंड के 23 ग्लेशियर खतरे में, 25 किमी पिघली बर्फ से बढ़ी टेंशन ► हैदराबाद गणेश उत्सव: 7वीं मंजिल से मीट फेंकने पर बवाल, 3 हिरासत में ► काशी के मंत्र मुद्रित शॉल और सिल्क साड़ियां अब ग्लोबल मार्केट में, ट्रेड शो में चमकेगी विरासत ► पिथौरागढ़ में एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, दो साल में उजड़ गई पूरी दुनिया ► IND vs NZ: न्यूजीलैंड सीरीज में इन 5 खिलाड़ियों की खुलेगी किस्मत, मिल सकता है बड़ा मौका ► OpenAI को कैसे हिलाया 3 भारतीयों ने? सिर्फ 72 घंटे में लगाई बड़ी सेंध ► WWE में सैथ रॉलिंस की वापसी का काउंटडाउन शुरू, रोमन रेंस के साथ मचेगा तहलका! ► NEET UG Counselling 2026: राजस्थान में तीसरे राउंड का शेड्यूल जारी, जानिए कब होगी चॉइस फिलिंग ► सुशांत के पास थे दिशा की हत्या के सबूत, भाई पन्ना सिंह का बड़ा दावा ► अमीषा पटेल का बड़ा हमला, बोलीं- 'प्रड्यूसर के पैसों पर पलती हैं एक्ट्रेस की फौज' ► देवभूमि उत्तराखंड के 23 ग्लेशियर खतरे में, 25 किमी पिघली बर्फ से बढ़ी टेंशन ► हैदराबाद गणेश उत्सव: 7वीं मंजिल से मीट फेंकने पर बवाल, 3 हिरासत में ► काशी के मंत्र मुद्रित शॉल और सिल्क साड़ियां अब ग्लोबल मार्केट में, ट्रेड शो में चमकेगी विरासत ► पिथौरागढ़ में एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, दो साल में उजड़ गई पूरी दुनिया ► IND vs NZ: न्यूजीलैंड सीरीज में इन 5 खिलाड़ियों की खुलेगी किस्मत, मिल सकता है बड़ा मौका ► OpenAI को कैसे हिलाया 3 भारतीयों ने? सिर्फ 72 घंटे में लगाई बड़ी सेंध ► WWE में सैथ रॉलिंस की वापसी का काउंटडाउन शुरू, रोमन रेंस के साथ मचेगा तहलका! ► NEET UG Counselling 2026: राजस्थान में तीसरे राउंड का शेड्यूल जारी, जानिए कब होगी चॉइस फिलिंग ► सुशांत के पास थे दिशा की हत्या के सबूत, भाई पन्ना सिंह का बड़ा दावा ► अमीषा पटेल का बड़ा हमला, बोलीं- 'प्रड्यूसर के पैसों पर पलती हैं एक्ट्रेस की फौज'

काशी के मंत्र मुद्रित शॉल और सिल्क साड़ियां अब ग्लोबल मार्केट में, ट्रेड शो में चमकेगी विरासत

काशी के मंत्र मुद्रित शॉल और सिल्क साड़ियां अब ग्लोबल मार्केट में, ट्रेड शो में चमकेगी विरासत

अध्यात्म, संस्कृति और परंपराओं की जीवंत नगरी काशी (वाराणसी) की पहचान केवल प्राचीन घाटों और गलियों तक सीमित नहीं है। सदियों पुराना हस्तशिल्प और बुनकरी का हुनर आज वैश्विक बाजार में अपनी धाक जमाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उत्तर प्रदेश सरकार की दूरदर्शी नीतियों और प्रयासों के चलते, एक बार फिर काशी की प्राचीन विरासत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का स्वर्णिम अवसर आ गया है। ग्रेटर नोएडा में आगामी 25 से 29 सितंबर 2026 के बीच आयोजित होने वाले बहुप्रतीक्षित 'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' (UPITS) में काशी के पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इस प्रतिष्ठित आयोजन के जरिए स्थानीय कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों (Buyers) से जुड़ने का बड़ा मंच मिलने जा रहा है।

वैश्विक मंच पर चमकेगी काशी की विरासत

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित यह ट्रेड शो राज्य के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने का एक महाअभियान बन चुका है। जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी के अनुसार, इस बार वाराणसी से कुल 8 प्रमुख निर्यातकों ने ट्रेड शो में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने के लिए आधिकारिक पंजीकरण कराया है। इन उद्यमियों की तैयारी इस बात का प्रमाण है कि काशी के हुनरमंद लोग अब स्थानीय सीमाओं को लांघकर ग्लोबल मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ बना रहे हैं।

सहायक आयुक्त उद्योग केशव यादव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार न सिर्फ इन उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध करा रही है, बल्कि ट्रेड शो में भाग लेने वाले सभी निर्यातकों को आकर्षक सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। इससे छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमियों का आर्थिक बोझ कम होता है और वे पूरी ऊर्जा के साथ अपने उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर ध्यान केंद्रित कर पाते हैं।

'ॐ' और मंत्र मुद्रित योग शॉल, स्कार्फ़ और गाउन बनेंगे मुख्य आकर्षणइस बार के ट्रेड शो में काशी के स्टॉल्स पर कुछ ऐसा भी देखने को मिलेगा जो आधुनिक आध्यात्मिक और लाइफस्टाइल बाजार की डिमांड को सीधे तौर पर पूरा करता है। शिवम् आर्ट्स एक्सपोर्ट के निदेशक अभिषेक केशरी ने बताया कि उनकी कंपनी इस बार विशेष रूप से डिजाइन किए गए 'ॐ' और मंत्र मुद्रित योग शॉल, स्कार्फ़ और गाउन को दुनिया के सामने पेश करेगी। इन उत्पादों को तैयार करने के पीछे का मुख्य उद्देश्य योग और ध्यान (Meditation) के अनुभव को और अधिक आध्यात्मिक, गहरा और सहज बनाना है।

योग प्रेमियों के लिए ये उत्पाद किसी बड़े उपहार से कम नहीं होंगे। इसके साथ ही, पारंपरिक परिधान प्रेमियों और घर की सजावट (Home Decor) के शौकीनों के लिए सिल्क ब्रोकेड कुशन कवर, शानदार टेबल रनर, आकर्षक वॉल हैंगिंग्स और प्रीमियम बेड कवर्स भी प्रदर्शित किए जाएंगे। ये सभी उत्पाद काशी के उस पारंपरिक बुनकर कौशल की गवाही देते हैं, जिसे पीढ़ियों से सहेज कर रखा गया है।

पर्यावरण के अनुकूल रिसाइकिल उत्पाद और आधुनिक तकनीक

पारंपरिक हस्तशिल्प के साथ-साथ इस बार के ट्रेड शो में आधुनिक औद्योगिक उत्पादों की भी धूम रहने वाली है। आर.ए.एस पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आर.के. चौधरी ने बताया कि उनकी कंपनी इस मंच पर फ्लेक्सिबल इंटरमीडिएट बल्क कंटेनर्स (FIBC) बैग, मल्टीफिलामेंट यार्न और अन्य आधुनिक उत्पाद प्रदर्शित करेगी।

आपको बता दें कि एफआईबीसी (FIBC) को आमतौर पर जंबो बैग, बल्क बैग, बिग बैग या टनल बैग के नाम से भी जाना जाता है। यह पीपी (Polypropylene) कपड़े से बना एक अत्यंत मजबूत औद्योगिक बैग होता है, जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार की वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण (Storage) और परिवहन (Transportation) के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। इन उत्पादों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इन्हें लगभग 100 प्रतिशत रिसाइकिल सामग्री का उपयोग करके तैयार किया जाता है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

कंपनी के निदेशक आर.के. चौधरी ने पिछली बार के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि पिछले साल के यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उन्हें बेहतरीन व्यवसाय और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। इसी शानदार अनुभव के बूते उन्होंने इस वर्ष भी इस महाआयोजन में भाग लेने का निर्णय लिया है। सरकार की यह पहल उद्यमियों के लिए देश-दुनिया के खरीदारों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी जरिया साबित हो रही है।

बिचौलियों से मुक्ति और सीधा व्यापार पहली बार इस ट्रेड शो में शिरकत करने जा रहे असरार अहमद साड़ीज़ के निदेशक असरार अहमद ने सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से स्थानीय व्यापार को एक नई गति मिलती है। उन्होंने कहा, "हम पहली बार इस अंतरराष्ट्रीय ट्रेड शो का हिस्सा बन रहे हैं। यहां स्टॉल का किराया काफी किफायती है और सबसे बड़ी बात यह है कि हमें सीधे खरीदारों (Direct Buyers) से संपर्क करने का मौका मिल रहा है। बीच में बिचौलियों के न होने से हमारा मुनाफा सीधे तौर पर बढ़ेगा और हमें हमारे हुनर की सही कीमत मिलेगी। योगी सरकार हम जैसे छोटे और मध्यम उद्यमियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का जो अवसर दे रही है, वह वास्तव में सराहनीय है।काशी के सिल्क की चमक और ग्लोबल डिमांड बनारसी साड़ियों की ख्याति केवल भारत ही नहीं बल्कि सात समंदर पार भी फैली हुई है। प्राचीन काल से ही शाही घरानों से लेकर दुनिया भर के फैशन डिजाइनर्स की पहली पसंद रही बनारसी सिल्क साड़ियां इस बार भी वैश्विक खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हथकरघा उद्योग से जुड़े कारीगरों का मानना है कि इस ट्रेड शो के माध्यम से उन्हें एक ऐसा मंच मिलेगा जहाँ वे अपनी कला को वैश्विक खरीदार वर्ग के सामने सीधे तौर पर रख सकेंगे।

आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर

इस प्रकार के वृहद आयोजनों से न केवल व्यक्तिगत उद्यमियों और निर्यातकों को फायदा पहुंचता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं। जब काशी के बुनकरों और कारीगरों के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़े पैमाने पर ऑर्डर मिलते हैं, तो इसका सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। घरों में काम करने वाली महिलाओं से लेकर पावर लूम और हैंडलूम चलाने वाले कामगारों तक, हर किसी को इसका आर्थिक लाभ मिलता है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने जा रहा यह इंटरनेशनल ट्रेड शो इस बात का जीवंत उदाहरण है कि कैसे पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीकों और मार्केटिंग रणनीतियों के साथ जोड़कर एक नई बुलंदी पर पहुंचाया जा सकता है। 'ॐ' और मंत्र मुद्रित योग शॉल से लेकर इको-फ्रेंडली रिसाइकिल बैग्स और विश्व प्रसिद्ध बनारसी साड़ियों तक, काशी इस बार वैश्विक पटल पर अपनी सांस्कृतिक और आर्थिक ताकत का लोहा मनवाने के लिए पूरी तरह से तैयार है। आने वाले दिनों में यह आयोजन काशी के निर्यातकों के लिए तरक्की के नए रास्ते खोलने वाला है।"


About the Author

निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer (स्थानीय खबरें)

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →