प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उत्तर प्रदेश में सामाजिक सरोकारों और जनसेवा की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। प्रदेशभर में चलाए गए 'सेवा महाअभियान' के तहत विभिन्न कल्याणकारी और स्वास्थ्यवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें आम नागरिकों से लेकर प्रशासनिक अमले तक ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इस व्यापक अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना था।
'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम: 75 जिलों में प्रज्ज्वलित हुए 5.90 करोड़ दीप
प्रधानमंत्री के जन्मदिन को ऐतिहासिक बनाते हुए उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन के दौरान पूरे प्रदेश में कुल 5 करोड़ 90 लाख दीये प्रज्ज्वलित किए गए। इन दीपों की रोशनी से पूरा उत्तर प्रदेश जगमगा उठा और लोगों ने अपने प्रिय नेता के प्रति अनूठी शुभकामनाएं प्रकट कीं।
राज्य के विभिन्न प्रमुख जिलों में दीपों की संख्या उल्लेखनीय रही:
- लखनऊ: 21,23,900 दीये
- सीतापुर: 21,43,140 दीये
- गोरखपुर: 14,21,112 दीये
- आगरा: 13,32,200 दीये
- झांसी: 11,21,410 दीये
- कानपुर देहात: 11,28,038 दीये
- आजमगढ़: 15,70,120 दीये
- वाराणसी: 3,28,204 दीये
इन आंकड़ों से साफ जाहिर होता है कि किस तरह से ग्रामीण और शहरी इलाकों में जनता ने इस दीपोत्सव को लेकर भारी उत्साह दिखाया।
रक्तदान शिविरों में दिखा जोश: 354 शिविरों में 8,323 लोगों ने किया रक्तदान
सेवा महाअभियान का एक और महत्वपूर्ण पहलू स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना था। इसके तहत पूरे उत्तर प्रदेश में कुल 354 रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। संकट में फंसे मरीजों की जान बचाने के लिए आयोजित इन शिविरों में कुल 8,323 स्वैच्छिक रक्तदाताओं ने आगे आकर रक्तदान किया।
प्रमुख शहरों की बात करें तो:
- गाजियाबाद: 39 शिविरों में 1,572 लोगों ने रक्तदान किया।
- बिजनौर: 12 शिविरों में 359 रक्तदाता सामने आए।
- कानपुर शहर: 23 शिविरों में 452 लोगों ने रक्त दान किया।
- वाराणसी: 20 शिविरों में 510 लोगों ने सहभागिता की।
- गौतमबुद्ध नगर: 21 शिविरों के माध्यम से 246 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।
युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर इन कैंपों में हिस्सा लिया, जिससे ब्लड बैंकों में रक्त की कमी को पूरा करने में बड़ी मदद मिली।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना: हजारों लाभार्थियों को मिलीं टूल किट्स
पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम करते हुए इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत पूरे प्रदेश में हजारों पात्र लाभार्थियों को आधुनिक टूल किट वितरित की गईं, ताकि वे अपने रोजगार को और अधिक उन्नत और प्रभावी बना सकें।
विभिन्न जिलों में इसका व्यापक असर देखा गया, जहां स्थानीय कारीगरों को उनके काम के औजार निशुल्क प्रदान किए गए, जिससे उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
अस्पतालों में मरीजों को फल वितरण
सेवा दिवस के कार्यक्रमों की श्रृंखला में अस्पतालों में भर्ती मरीजों की सुधि ली गई। प्रदेश के सभी सरकारी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भर्ती कुल 73,959 मरीजों को फल और पौष्टिक आहार वितरित किए गए।
- बहराइच: 4,740 मरीजों को फल बांटे गए।
- बस्ती: 3,681 मरीजों तक फल पहुंचाए गए।
- आगरा: 3,198 मरीजों की सेहत की सुधि ली गई।
- सुल्तानपुर: 2,593 मरीजों को फल वितरित किए गए।
- मीरजापुर: 3,273 मरीजों को लाभ मिला।
इस कार्य से न केवल मरीजों का मनोबल बढ़ा, बल्कि समाज के प्रति एक संवेदनशील संदेश भी प्रसारित हुआ।
प्रशासन और विभागों का सफल समन्वय
इस पूरे सेवा महाअभियान को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा एमएसएमई विभाग ने नोडल एजेंसी के रूप में सराहनीय कार्य किया। जिला प्रशासन के अधिकारियों की देखरेख में हर एक जिले में सुनियोजित तरीके से कार्यक्रमों का संचालन हुआ, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी जरूरतमंद इस अभियान के लाभ से वंचित न रहे।
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित यह सेवा महाअभियान सिर्फ एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार, सहकारिता और जनसेवा का एक विराट उत्सव बन गया, जिसने उत्तर प्रदेश के इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।