UP Rise 2026: इन्वर्टिस में गूंजा आत्मनिर्भर भारत का नारा, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने मारी बाजी
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UP Rise 2026: इन्वर्टिस में गूंजा आत्मनिर्भर भारत का नारा, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने मारी बाजी

UP Rise 2026: इन्वर्टिस में गूंजा आत्मनिर्भर भारत का नारा, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने मारी बाजी

बदलते भारत की तस्वीर में अब उत्तर प्रदेश के युवा एक नई इबारत लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के विजन को ज़मीन पर उतारने के लिए सूबे के शिक्षण संस्थान अब केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे स्टार्टअप्स और बिजनेस इनक्यूबेशन के बड़े केंद्र बनते जा रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में एक ऐसा महाकुंभ सजा, जिसने प्रदेश की युवा शक्ति को एक नया मुकाम और एक नया आसमान दिया। हम बात कर रहे हैं 'यूपी राइज-2026' (UP Rise 2026) की, जहां विचारों के समंदर में युवाओं ने अपनी मेहनत और नवाचार से सफलता के नए मोती चुने।

'संवाद, संकल्प और सफलता' के तीन स्तंभों पर टिका महाआयोजन

इन्वर्टिस विश्वविद्यालय के प्रांगण में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम की थीम बेहद खास थी—'संवाद, संकल्प, सफलता'। आज के दौर में जब युवा वर्ग पारंपरिक नौकरियों की भीड़ से निकलकर खुद का मालिक बनने यानी आंत्रप्रेन्योरशिप की तरफ कदम बढ़ा रहा है, ऐसे प्लेटफॉर्म्स किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं हैं। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह ऊर्जा से ओत-प्रोत था। राज्य भर से आए छात्र-छात्राओं की आंखों में एक अलग चमक और कुछ नया कर गुजरने का जज्बा साफ दिखाई दे रहा था।

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ अध्ययन फाऊंडेशन फॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के सीईओ शशांक सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उन्हें नए भारत की सबसे मजबूत नींव करार दिया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि हमारे देश के युवाओं के पास विचारों की कोई कमी नहीं है। कमी है तो बस अपने विजन पर अटूट विश्वास रखने की, सही समय पर सही मार्गदर्शन मिलने की और उस विचार को धरातल पर उतारने की जिद की।

ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने लहराया जीत का परचम

यूपी राइज-2026 का सबसे रोमांचक आकर्षण रही वह स्टार्टअप प्रतियोगिता, जिसमें दर्जनों होनहारों ने अपने बिजनेस आइडियाज जजों के सामने पेश किए। इन प्रस्तावों का मूल्यांकन बेहद कड़े पैमानों पर किया गया, जिसमें मुख्य रूप से नवाचार (Innovation), उसकी उपयोगिता (Utility), और सबसे बढ़कर रोजगार सृजन (Job Creation) की संभावनाओं को परखा गया।

तमाम बेहतरीन प्रस्तुतियों को पीछे छोड़ते हुए ‘ब्रह्माबाइट इनोवेशंस एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड’ ने निर्णायकों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया और प्रतियोगिता का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर लिया। इस स्टार्टअप के संस्थानापकों ने जिस आत्मविश्वास और व्यावसायिक सूझबूझ के साथ अपना मॉडल प्रस्तुत किया, उसने सबको हैरान कर दिया।

सिर्फ विजेता ही नहीं, बल्कि अन्य स्टार्टअप्स ने भी कड़ा मुकाबला दिया:

  • दूसरा स्थान: 'ट्रैवल देखो' (Travel Dekho) ने अपनी शानदार सर्विस और बिजनेस मॉडल से दूसरा स्थान हासिल किया।
  • तीसरा स्थान: 'एसएस पार्ट्स प्लैनेट प्राइवेट लिमिटेड' (SS Parts Planet Pvt Ltd) ने तीसरा स्थान प्राप्त कर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

'शक्ति क्षेत्र' में लिखे गए आत्मनिर्भर यूपी के सुनहरे सपने

इस आयोजन को सिर्फ एक सामान्य प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे एक जन-आंदोलन का रूप दिया गया। विद्यार्थियों की असीम रचनात्मकता को एक खुला मंच देने के लिए विशेष तौर पर ‘शक्ति क्षेत्र’ का निर्माण किया गया था। इस क्षेत्र की खासियत यह थी कि यहां छात्र-छात्राओं ने रंग-बिरंगी पर्चियों पर 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' को लेकर अपने निजी विचार, सपने और संकल्प लिखकर साझा किए।

इन पर्चियों को पढ़कर यह अंदाजा लगाना बिल्कुल मुश्किल नहीं था कि आज का युवा अपनी तकनीकी समझ, कौशल और कृषि से लेकर डिजिटल सेक्टर तक के नए आइडियाज के जरिए प्रदेश की अर्थव्यस्था को किस ऊंचाई पर ले जाने का सपना देखता है। युवाओं के इन सपनों को एक विजुअल फॉर्मेट देने के लिए कई अनूठे प्रयास भी किए गए।

घूमते पहिये की मस्ती और 300 से अधिक यादगार तस्वीरें

गंभीर बौद्धिक चर्चाओं और स्टार्टअप पिचर्स के बीच कार्यक्रम में मनोरंजन और उत्साह का भी पूरा तड़का लगाया गया। आयोजन स्थल पर 'घूमते पहिये' पर आधारित एक बेहद आकर्षक और मनोरंजक गतिविधि रखी गई थी। इस गतिविधि के तहत मौके पर ही विद्यार्थियों की तत्काल तस्वीरें निकालकर उन्हें प्रिंट देने की व्यवस्था की गई थी।

यंगस्टर्स के बीच इंस्टेंट फोटो पाने का यह क्रेज देखते ही बनता था। आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस एक गतिविधि के दौरान 300 से अधिक तस्वीरें निकालकर छात्र-छात्राओं को सौंपी गईं, जो उनके लिए इस पूरे इवेंट की एक खूबसूरत यादगार बन गईं।

200 विद्यार्थियों को मिले आकर्षक उपहार, मेंटर्स का भी हुआ सम्मान

हौसलाफजाई किसी भी युवा के विकास का सबसे बड़ा ईंधन होती है। यूपी राइज-2026 में इस बात का विशेष ख्याल रखा गया। कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले करीब 200 विद्यार्थियों को विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया। इन उपहारों में उपयोगी सामग्रियां जैसे डायरी, स्टाइलिश कपड़े के थैले, ट्रेंडी टी-शर्ट और डेटा सुरक्षित रखने वाले छोटे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स (जैसे पेन ड्राइव या ऑर्गनाइज़र) शामिल रहे।

विद्यार्थियों की इस सफलता के पीछे उनके मेंटर्स और मार्गदर्शकों का बहुत बड़ा हाथ होता है। इस बात को सम्मान देते हुए सभी मेंटर्स और प्रतियोगिता के निर्णायकों को भी स्मृति चिह्न (Memento), खूबसूरत कॉफी मग और प्रशस्ति पत्र (Certificates) देकर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन स्थल को 12 भव्य प्रचार पट्टिकाओं, 6 बड़े प्रचार पटों, 10 दिशा-सूचक पट्टों और एक आकर्षक मुख्य प्रवेश द्वार से सजाया गया था, जो दूर से ही आने वाले आगंतुकों का ध्यान खींच रहा था।

विद्यार्थियों के कंधों पर रही कमान: मिष्टी, आशु, अन्नू और सचिन बने लीडर

किताबी शिक्षा के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) का विकास किसी भी शिक्षण संस्थान की असल सफलता होती है। इन्वर्टिस विश्वविद्यालय ने इस बात को चरितार्थ करते हुए आयोजन की पूरी कमान अपने ही विद्यार्थियों के हाथों में सौंपी। विश्वविद्यालय के चार होनहार छात्र-छात्राओं—मिष्टी, आशु गुप्ता, अन्नू गंगवार और सचिन गंगवार को महाविद्यालय प्रतिनिधि की जिम्मेदारी दी गई थी।

इन चारों युवा लीडर्स ने अपनी टीम के साथ मिलकर जिस प्रकार से मैनेजमेंट संभाला, वह काबिल-ए-तारीफ था। सुबह के ऑनलाइन/ऑफलाइन पंजीकरण से लेकर अतिथियों के सत्कार, मंच के आसपास की व्यवस्था और पूरे कार्यक्रम के सुचारू संचालन तक—हर मोर्चे पर इन युवाओं ने अपनी प्रशासनिक दक्षता का शानदार परिचय दिया।

स्वरोजगार की ओर बढ़ता एक मजबूत कदम

यूपी राइज-2026 का समापन भले ही हो गया हो, लेकिन यह अपने पीछे अनगिनत उम्मीदें और संदेश छोड़ गया है। इस आयोजन ने उत्तर प्रदेश के युवाओं को यह साफ संदेश दे दिया है कि अब समय केवल नौकरी ढूंढने वाले (Job Seeker) बनने का नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बनने का है। जब यूनिवर्सिटी के स्तर पर इस तरह के मंच तैयार होते हैं, तो एक अदना सा विचार भी कल का यूनिकॉर्न स्टार्टअप बन सकता है। ब्रह्माबाइट इनोवेशंस की यह जीत इस बात का सबूत है कि अगर सही दिशा और मजबूत इरादे मिल जाएं, तो यूपी का युवा ग्लोबल मंच पर भी तहलका मचाने की पूरी ताकत रखता है।

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रोली सिंह

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Writer (स्थानीय खबरें)

रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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