वाराणसी में चमकी उद्योग की किस्मत: 24 हजार करोड़ के निवेश पर बड़ा अपडेट
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वाराणसी में चमकी उद्योग की किस्मत: 24 हजार करोड़ के निवेश पर बड़ा अपडेट

वाराणसी में चमकी उद्योग की किस्मत: 24 हजार करोड़ के निवेश पर बड़ा अपडेट

वाराणसी केवल आस्था, अध्यात्म और पर्यटन का ही केंद्र नहीं है, बल्कि अब यह उत्तर प्रदेश के एक उभरते हुए औद्योगिक हब के रूप में भी तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। सितंबर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, काशी के विकास को एक नई गति मिल रही है, जहाँ उद्योग जगत के दिग्गजों ने दिल खोलकर निवेश किया है। जिले में औद्योगिक विकास और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए प्रयासों के शानदार परिणाम सामने आने लगे हैं। प्रशासन की सक्रियता और निवेशकों के बढ़ते भरोसे के कारण अब तक हजारों करोड़ रुपये जमीन पर उतर चुके हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी मजबूती मिल रही है।

24,190 करोड़ रुपये के विशाल निवेश प्रस्तावों पर मुहर

वाराणसी में औद्योगिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए सरकार और जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में अब तक कुल 202 एमओयू (समझौता ज्ञापनों) के माध्यम से 24,190.03 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसका परिणाम यह है कि इनमें से 101 परियोजनाएं पूरी तरह से ऑपरेशनल (संचालित) भी हो चुकी हैं।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इन 101 शुरू हो चुकी परियोजनाओं के माध्यम से कुल 5,284.65 करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश अब वाराणसी की धरती पर उतर चुका है। इस बड़े पैमाने पर हुए निवेश से न केवल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिला है, बल्कि हजारों कुशल और अकुशल युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुले हैं।

जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में हुई गहन समीक्षा

हाल ही में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला उद्योग बंधु समिति एवं एमओयू क्रियान्वयन इकाई की एक उच्चस्तरीय बैठक ने सबका ध्यान खींचा। इस बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर सत्येंद्र कुमार ने की, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी (CDO) प्रखर कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) राजेश कुमार और उपायुक्त उद्योग सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक का मुख्य एजेंडा चल रही औद्योगिक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और उद्यमियों के सामने आ रही जमीनी दिक्कतों का तत्काल समाधान निकालना था। कलेक्टर सत्येंद्र कुमार ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों को निर्देश दिया कि निवेशकों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक अड़चन का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक विकास से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं पर त्वरित एक्शन

वाराणसी के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शुमार चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र लंबे समय से कुछ स्थानीय समस्याओं से जूझ रहा था। बैठक के दौरान इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया, जिन पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के आदेश दिए।

  • बिजली बिल और जाम की समस्या: चांदपुर क्षेत्र में विद्युत बिल भुगतान से जुड़ी पेचीदगियों और भारी वाहनों (ट्रकों) की लोडिंग-अनलोडिंग के कारण लगने वाले जाम पर गंभीर चर्चा हुई।
  • एआरटीओ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई: जिलाधिकारी ने सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) को निर्देश दिया कि वे पुलिस बल के साथ मिलकर सख्त प्रवर्तन कार्रवाई करें और क्षेत्र में बेतरतीब खड़े ट्रकों को तुरंत हटवाएं।
  • अवैध कब्जों पर बुलडोजर जैसी सख्ती: औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों और पटरियों पर अवैध रूप से संचालित ठेले और खोमचे यातायात में बड़ी बाधा बन रहे थे। इसके समाधान के लिए अपर नगर आयुक्त को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • सुरक्षा और गश्त: औद्योगिक इकाइयों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित करने के भी कड़े निर्देश दिए गए हैं।

जर्जर सरकारी भवनों और बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प

औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जर्जर हो चुके पोस्ट ऑफिस भवन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के निर्माण को लेकर अधिकारियों की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया है।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), लोक निर्माण विभाग (PWD) के भवन खंड के अधिशासी अभियंता और अपर नगर आयुक्त को संयुक्त रूप से मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने को कहा है। जर्जर पोस्ट ऑफिस भवन को तुरंत खाली कराया जाएगा, ताकि उस जगह का बेहतर उपयोग किया जा सके, वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे कामगारों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा आसानी से मिल सके।

निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों के निस्तारण के आदेश

उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'निवेश मित्र पोर्टल' निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के तहत सभी अनुमतियां और स्वीकृतियां देने के लिए बनाई गई है। वाराणसी में इस पोर्टल पर लंबित चल रहे मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को हिदायत दी कि वे बिना किसी अनावश्यक देरी के सभी आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करें। पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी बिंदुवार समीक्षा की गई, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रशासनिक स्तर पर कोई फाइल अटके नहीं।

निवेशकों के लिए प्रशासन का खुला आमंत्रण

जिला प्रशासन ने स्थानीय उद्यमियों और देश भर के निवेशकों से अपील की है कि वे वाराणसी में उद्योग स्थापित करने के लिए आगे आएं। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि काशी में निवेश के लिए पूरी तरह से अनुकूल और सुरक्षित वातावरण तैयार किया गया है।

जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से निवेशकों को कई प्रकार की सुविधाएं, सरकारी अनुदान और प्रोत्साहन योजनाएं प्रदान की जा रही हैं। जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को यह निर्देश भी दिए कि शासन की इन सभी प्रोत्साहन योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक छोटे और बड़े उद्यमी इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

प्रशासन का यह साफ संदेश है कि यदि कोई निवेशक वाराणसी में अपनी इकाई लगाना चाहता है, तो उसे हरसंभव प्रशासनिक सहयोग, त्वरित स्वीकृतियां और पारदर्शी व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी। आने वाले समय में इन 101 ऑपरेशनल परियोजनाओं के अलावा बाकी बची हुई परियोजनाएं भी जब पूरी तरह धरातल पर उतरेंगी, तो पूर्वांचल के इस सबसे बड़े शहर की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।

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निवेदिता ठाकुर

निवेदिता ठाकुर

Writer (स्थानीय खबरें)

निवेदिता ठाकुर जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती है...

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