मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध के बादल गहरा गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच कुछ हफ्तों की खामोशी के बाद टकराव सीधे तौर पर सतह पर आ चुका है, और इसकी आग अब कुवैत, बहरीन और जॉर्डन जैसे देशों तक पहुंच गई है। इस ताज़ा संघर्ष ने पूरी दुनिया की धड़कनों को तेज कर दिया है, क्योंकि दोनों महाशक्तियों और उनके सहयोगियों के आमने-सामने आने से वैश्विक शांति पर बड़ा संकट मंडराने लगा है।
हॉर्मुज के पास अमेरिकी हमला और ईरान का पलटवार
तनाव की यह नई शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी सेना ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों को निशाना बनाते हुए भीषण हवाई हमले किए। अमेरिका का यह कदम क्षेत्र में अपनी सैन्य स्थिति को मजबूत करने और ईरान समर्थित गतिविधियों पर लगाम कसने के उद्देश्य से उठाया गया था।
हालांकि, ईरान ने इस अमेरिकी आक्रामकता का बेहद आक्रामक और त्वरित जवाब दिया। ईरानी सेना ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी और सहयोगी सैन्य अड्डों को अपने मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया। इस जवाबी कार्रवाई ने क्षेत्रीय सुरक्षा को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है।
जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में सहम गए लोग
ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों का दायरा सिर्फ अमेरिकी ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर पड़ोसी देशों की धरती पर भी साफ देखने को मिला:
- जॉर्डन: ईरान समर्थित ताकतों ने जॉर्डन स्थित रणनीतिक प्रिंस हसन एयरबेस और एक मरीन बेस पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुल 13 में से 10 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
- बहरीन: रणनीतिक रूप से अहम बहरीन में भी एक संदिग्ध ड्रोन हमला दर्ज किया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
- कुवैत: कुवैत की सीमा के पास भी हमलों की गूंज सुनाई दी, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन बैठकें बुलाईं।
दावों और बयानों का दौर: क्या है सच?
इस ताजा सैन्य संघर्ष के बाद दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उनके द्वारा किए गए इन हमलों में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। ईरान इस दावे को अपनी बड़ी रणनीतिक जीत के रूप में पेश कर रहा है।
दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा विभाग और व्हाइट हाउस ने IRGC के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिका का कहना है कि ईरानी दावे पूरी तरह से निराधार और झूठे हैं, जिनका मकसद केवल मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना और घरेलू जनता को भ्रमित करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उनके सैनिकों को नुकसान पहुंचाने के ईरानी मंसूबे पूरी तरह नाकाम कर दिए गए हैं।
चार देशों में हाई अलर्ट, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया खतरा
इस खतरनाक मोर्चेबंदी के बाद जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और आसपास के क्षेत्रों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एयरस्पेस की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और नागरिक उड़ानों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य तेल सप्लाई का सबसे मुख्य मार्ग है।
फिलहाल, कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और दुनिया भर के देश इस संघर्ष को और अधिक फैलने से रोकने के लिए कड़े कूटनीतिक प्रयासों में जुट गए हैं। आने वाले कुछ दिन मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति के लिहाज से बेहद निर्णायक साबित होने वाले हैं।
