मानसून की विदाई से पहले मौसम का यू-टर्न
सितंबर का महीना शुरू होते ही देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ लोगों को लगा था कि अब मानसून कमजोर पड़ चुका है और उमस भरी गर्मी का दौर शुरू होगा, वहीं मौसम विभाग (IMD) की नई चेतावनी ने सभी को चौंका दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा अपडेट के मुताबिक, अगले 48 घंटे देश के एक-दो नहीं बल्कि पूरे 21 राज्यों के लिए बेहद भारी गुजरने वाले हैं। आसमान में काले बादलों का डेरा और तेज हवाओं का यह दौर इस बात का संकेत है कि मानसून जाने से पहले एक बार फिर अपनी पूरी ताकत दिखाने के लिए तैयार है।
राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड तक, देश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां फिर से तीव्र हो गई हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने नए वेदर सिस्टम और टफ लाइन (Trough Line) के सक्रिय होने की वजह से मौसम में यह अचानक बदलाव आया है। आइए जानते हैं कि अगले दो दिनों तक देश के किन-किन राज्यों में झमाझम बारिश और आंधी-तूफान का तांडव देखने को मिल सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम का मिजाज
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे इलाकों में पिछले कुछ दिनों से बनी उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि दिल्ली-एनसीआर में अगले 48 घंटों के दौरान झमाझम बारिश हो सकती है। सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू हो चुकी है और कई इलाकों में ठंडी हवाएं चल रही हैं।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। पिछले कुछ दिनों से चिलचिलाती धूप और उमस से परेशान दिल्लीवासियों के लिए यह बारिश किसी राहत से कम नहीं होगी, हालांकि जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में मूसलाधार बारिश का अनुमान
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। खासतौर पर तराई वाले इलाकों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में बादलों के बरसने की पूरी संभावना है। खेतों में खड़ी फसलों के लिए यह बारिश जहां फायदेमंद बताई जा रही है, वहीं शहरी इलाकों में जलभराव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बिहार के मौसम की बात करें तो वहां भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही बनी हुई है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत राज्य के अधिकांश जिलों में काले बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर वज्रपात (आसानी बिजली गिरने) की भी घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए लोगों को खासकर किसानों को खुले खेतों में न जाने की सलाह दी गई है।
80 Kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, इन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, देश के 21 राज्यों में केवल भारी बारिश ही नहीं, बल्कि आंधी-तूफान का भी भयंकर रूप देखने को मिल सकता है। कुछ संवेदनशील इलाकों में हवा की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक रिकॉर्ड की जा सकती है। इतनी तेज रफ्तार हवाएं अपने साथ बड़े पैमाने पर तबाही लाने की क्षमता रखती हैं, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है।
- उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन (Landslide) और फ्लैश फ्लड का खतरा लगातार बना हुआ है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
- मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य भारत के इन राज्यों में लगातार हो रही बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है।
- झारखंड और पश्चिम बंगाल: यहां भी निम्न दबाव के क्षेत्र का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है और तेज हवाओं के साथ भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
- दक्षिण भारत (केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु): तटीय इलाकों में समुद्र की लहरें उग्र हो सकती हैं, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट
लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के आपदा प्रबंधन विभाग (NDRF और SDRF) को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मौसम विभाग की हर घंटे की अपडेट पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। जिन राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं, वहां जिला प्रशासन को स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील करने के निर्देश दिए गए हैं।
आम जनता के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम के इस खतरनाक तेवर को देखते हुए आम जनता को कुछ खास सावधानियां बरतने की बेहद जरूरत है। इस दौरान यात्रा करते समय पूरी सतर्कता बरतें और मौसम के सुधरने का इंतजार करें।
- बिजली के खंभों से रहें दूर: तेज आंधी-तूफान के समय कभी भी बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर या कमजोर पेड़ों के नीचे शरण न लें।
- यात्रा से बचें: यदि बहुत जरूरी न हो, तो अगले 48 घंटों के दौरान पहाड़ी इलाकों या जलभराव वाले रास्तों पर यात्रा करने से बचें।
- इलेक्ट्रॉनिक्स सुरक्षित रखें: भारी बारिश और वज्रपात की आशंका के चलते अपने घर के संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करके रखें।
- आधिकारिक अपडेट्स पर रखें नजर: मौसम से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) या जिला प्रशासन द्वारा दी गई जानकारियों पर ही भरोसा करें।
निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि मानसून की विदाई का यह दौर अपने साथ भारी उथल-पुथल लेकर आया है। अगले दो दिनों तक देश के बड़े हिस्से को इस सुहाने लेकिन खतरनाक मौसम का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बरतकर हम किसी भी बड़ी दुर्घटना से बच सकते हैं।
