Breaking
► चक्रधरपुर मंडल में रेलवे का मेगा ब्लॉक: 24 नवंबर से कई ट्रेनें रद्द, रूट बदले ► रामपुर जेल में आजम खान से मिले अखिलेश यादव, बोले- जनता भाजपा को सिखाएगी सबक ► सुपौल में 5-6 नवंबर को विराट संतमत सत्संग ध्यान अधिवेशन, स्वामी सत्यानन्द करेंगे प्रवचन ► हरिद्वार: नाबालिगों के वाहन चलाने पर सख्ती, स्कूलों के आसपास परिवहन विभाग की छापेमारी ► शिक्षक एमएलसी चुनाव: सुलतानपुर के जयसिंहपुर में मतदान दल पहुंचा, 360 मतदाता डालेंगे वोट ► छत्रपति संभाजीनगर: गिरणी मैदान विकास पर मनपा और वक्फ बोर्ड आमने-सामने ► राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ दौरा: माता हासी देवी की स्मृति में 200 रुपए का स्मारक सिक्का जारी ► आगरा में विवादित होर्डिंग से सियासत गरमी, विपक्षी नेताओं को बताया जिन्ना का एजेंट ► पीलीभीत मतदाता सूची विवाद: कांग्रेस ने की पूरे यूपी में जांच की मांग ► जालोर में रोडवेज बस और टेंपो की भीषण टक्कर, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत ► चक्रधरपुर मंडल में रेलवे का मेगा ब्लॉक: 24 नवंबर से कई ट्रेनें रद्द, रूट बदले ► रामपुर जेल में आजम खान से मिले अखिलेश यादव, बोले- जनता भाजपा को सिखाएगी सबक ► सुपौल में 5-6 नवंबर को विराट संतमत सत्संग ध्यान अधिवेशन, स्वामी सत्यानन्द करेंगे प्रवचन ► हरिद्वार: नाबालिगों के वाहन चलाने पर सख्ती, स्कूलों के आसपास परिवहन विभाग की छापेमारी ► शिक्षक एमएलसी चुनाव: सुलतानपुर के जयसिंहपुर में मतदान दल पहुंचा, 360 मतदाता डालेंगे वोट ► छत्रपति संभाजीनगर: गिरणी मैदान विकास पर मनपा और वक्फ बोर्ड आमने-सामने ► राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ दौरा: माता हासी देवी की स्मृति में 200 रुपए का स्मारक सिक्का जारी ► आगरा में विवादित होर्डिंग से सियासत गरमी, विपक्षी नेताओं को बताया जिन्ना का एजेंट ► पीलीभीत मतदाता सूची विवाद: कांग्रेस ने की पूरे यूपी में जांच की मांग ► जालोर में रोडवेज बस और टेंपो की भीषण टक्कर, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत

छत्रपति संभाजीनगर: गिरणी मैदान विकास पर मनपा और वक्फ बोर्ड आमने-सामने

छत्रपति संभाजीनगर: गिरणी मैदान विकास पर मनपा और वक्फ बोर्ड आमने-सामने

छत्रपति संभाजीनगर के रोशन गेट क्षेत्र स्थित जसवंत सिंहपुरा की सूत मिल की खाली जमीन पर खेल मैदान विकसित करने की योजना पर प्रशासनिक और कानूनी पेंच फंस गया है। महानगरपालिका द्वारा कचरा हटाकर जमीन का समतलीकरण शुरू किए जाने के बाद, वक्फ बोर्ड की आपत्ति के कारण फिलहाल काम रोक दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने पिछले 25 वर्षों से उपेक्षित पड़ी इस जमीन के स्वामित्व और स्थानीय बच्चों के लिए मैदान की जरूरत को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय स्तर पर बच्चों के खेलने के लिए एक भी व्यवस्थित मैदान न होने के कारण जसवंत सिंहपुरा स्थित सूत मिल की इस खुली और खाली जमीन को खेल मैदान के रूप में विकसित करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इस जमीन पर वर्षों से बड़े पैमाने पर कचरे के ढेर जमा हो गए थे और बदहाली के कारण यह क्षेत्र असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बनता जा रहा था। इसी समस्या के समाधान के लिए छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका (मनपा) ने इस स्थल से कचरा साफ कर जमीन को समतल करने की प्रक्रिया शुरू की थी ताकि बच्चों के लिए खेल परिसर बनाया जा सके।

वक्फ बोर्ड की आपत्ति और पत्राचार

मनपा की ओर से शुरुआती कार्य शुरू होते ही वक्फ बोर्ड ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। वक्फ बोर्ड ने मनपा आयुक्त अमोल येडगे को आधिकारिक पत्र भेजकर यह स्पष्ट किया है कि उनकी अनुमति, सलाह और परामर्श के बिना इस भूखंड पर किसी भी प्रकार का विकास कार्य शुरू करना विधिवत उचित नहीं है। बोर्ड की इस आपत्ति के बाद महानगरपालिका प्रशासन को तत्काल प्रभाव से मैदान निर्माण का चल रहा काम रोकना पड़ा। अब इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि विकास कार्यों को आगे बढ़ाने से पहले कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर वक्फ बोर्ड तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ समन्वय कैसे स्थापित किया जाएगा।

विपक्ष ने उठाए 25 साल की उपेक्षा पर सवाल

इस विवाद के सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है। महानगरपालिका में विपक्ष के नेता समीर बिल्डर ने वक्फ बोर्ड की आपत्ति और पूरी विकास प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इस जमीन के संबंध में न्यायालय द्वारा पहले ही एक विशेष समिति का गठन किया जा चुका है और नगर नियोजन के दस्तावेजों के अनुसार इस भूखंड पर मैदान का आधिकारिक आरक्षण भी मौजूद है।

समीर बिल्डर ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह सूत मिल की जमीन पिछले करीब 25 वर्षों से पूरी तरह खाली और उपेक्षित पड़ी थी। इस दौरान वहां कचरे के पहाड़ खड़े हो गए और नशा करने वाले तथा अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त लोग सक्रिय रहने लगे, जिससे स्थानीय रहवासियों को भारी असुविधा होती थी। उन्होंने मुख्य रूप से यह रेखांकित किया कि जब इतने लंबे समय तक इस जमीन की सुध किसी ने नहीं ली और यह बदहाल पड़ी रही, तब वक्फ बोर्ड ने इस ओर कोई ध्यान क्यों नहीं दिया।

आगे की राह और प्रशासनिक रुख

एक तरफ रोशन गेट क्षेत्र के बच्चों और नागरिकों के लिए खेल मैदान की सख्त आवश्यकता है, तो दूसरी तरफ जमीन के मालिकाना हक, वक्फ बोर्ड के दावों और न्यायालय द्वारा गठित समिति की भूमिका को स्पष्ट करना प्रशासन के लिए अनिवार्य हो गया है। फिलहाल विकास कार्य रुक जाने के कारण आगे की कार्रवाई पूरी तरह से भूमि अभिलेखों की जांच, अदालती समिति के निर्देशों और प्रशासनिक परामर्श की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। स्थानीय स्तर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मनपा प्रशासन इस कानूनी गतिरोध को सुलझाकर बच्चों के लिए मैदान का रास्ता कैसे साफ करता है।

About the Author

रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

Writer

रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →