शादी का वादा कर रेप करने के आरोपी को अदालत में पेश न करने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बीबीजीटीएस मूर्ति को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कार्रवाई करते हुए एसएसपी को 45 मिनट तक कोर्ट में खड़ा रखा। यह मामला मेरठ जिले में पिछले साल दर्ज किए गए एक दुष्कर्म के मामले से जुड़ा है, जिसमें आरोपी ने जमानत पाने के बाद पीड़िता से किया गया वादा तोड़ दिया था।
जमानत के बाद मुकरा आरोपी और जारी हुआ वारंट
प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सामने आया कि मेरठ में पिछले साल एक युवती के साथ नीतीश उर्फ सिद्धांत उर्फ सेठी ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया था। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में पीड़िता से विवाह करने का लिखित आश्वासन देकर जमानत की गुहार लगाई थी। अदालत ने इस आधार पर मार्च 2026 में सेठी को जमानत दे दी थी।
हालांकि, जेल से बाहर आते ही आरोपी ने पीड़िता से शादी करने से साफ इनकार कर दिया और अपना वादा तोड़ दिया। इस धोखे के बाद पीड़िता ने दोबारा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी सेठी की जमानत रद्द कर दी और उसे तुरंत अदालत में पेश करने के लिए गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया था।
पुलिस की लचर कार्यप्रणाली पर हाईकोर्ट की नाराजगी
अदालत के सख्त आदेश के बावजूद मेरठ पुलिस कई तारीखें बीत जाने के बाद भी आरोपी को पकड़कर हाईकोर्ट में पेश करने में असफल रही। पुलिस की इस सुस्ती और निर्देशों की अवहेलना पर कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने गत 8 अक्टूबर को मेरठ एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया था। इसी सिलसिले में आज निर्धारित पेशी के दौरान एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को अदालत कक्ष में करीब 45 मिनट तक खड़े रहना पड़ा।