प्रतापगढ़ की ऐतिहासिक बेंती कोठी में विजयादशमी के पावन पर्व पर धार्मिक अनुष्ठान और पारंपरिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' के आवास के प्रवेश द्वार पर विधि-विधान के साथ गणेश जी की मूर्ति की स्थापना की गई।
विजयादशमी के मौके पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान की कमान आचार्य अतुल जी महाराज के हाथों में रही। उनके मार्गदर्शन में आचार्य कृष्णा, कौशल किशोर, संयोग मणि, विपिन, सूरज, अंकित और शीतला प्रसाद ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरी निष्ठा से पूजन संपन्न कराया। इस विशेष धार्मिक आयोजन में राजा भैया के छोटे बेटे बृजराज सिंह के साथ दुर्गेश सिंह और अजीत सिंह ने मुख्य यजमान के रूप में अनुष्ठान की रस्में निभाईं।
किशनगढ़ से मंगवाई गई कलात्मक मूर्ति बनी आकर्षण का केंद्र
इस अनुष्ठान के दौरान राजस्थान के किशनगढ़ से विशेष तौर पर मंगवाई गई संगमरमर की गणेश जी की प्रतिमा सभी उपस्थित लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। इस कलात्मक मूर्ति की स्थापना से बेंती कोठी और उसके आसपास के पूरे इलाके में गहरी श्रद्धा और उल्लास का माहौल नजर आया। कार्यक्रम के दौरान राजा भैया के साथ एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपाल जी, विधायक विनोद सरोज, जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केएन ओझा, तथा राजा भैया के पुत्र शिवराज सिंह और बृजराज सिंह उपस्थित रहे। ये सभी गणमान्य अतिथि शस्त्र पूजन में शामिल होने आए लोगों का स्वागत और अभिवादन कर रहे थे।
प्रशासनिक मानकों के तहत हुई शस्त्रों और लाइसेंसों की जांच
बेंती कोठी पर हर साल की तरह इस बार भी पारंपरिक शस्त्र पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में नागरिक अपने पारंपरिक और वैध हथियारों के साथ पहुंचे थे। हालांकि, इस बार सुरक्षा व्यवस्था और कानून-पालन को पूरी तरह सर्वोपरि रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। आयोजन स्थल पर पहुंचने वाले लोगों के शस्त्रों और उनके लाइसेंसों की प्रशासनिक एवं सुरक्षा मानकों के तहत कड़ी जांच की गई।
मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों और प्रशासनिक बिंदुओं के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि सभी के शस्त्र लाइसेंस पूरी तरह वैध हों और नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। इस औचक जांच प्रक्रिया के बावजूद आयोजन स्थल पर पूरी तरह से अनुशासन और शांति व्यवस्था कायम रही। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने भी प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा सहयोग करते हुए अपने कागजात और लाइसेंस जांच के लिए प्रस्तुत किए, जिससे पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।