फुपुक्टा के आह्वान पर बरेली कॉलेज के शिक्षकों ने विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया। काली पट्टी बांधकर किया जा रहा है शैक्षणिक कार्य।
डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश में प्रदेशव्यापी आंदोलन की शुरुआत हो गई है। फेडरेशन ऑफ उत्तर प्रदेश यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन (फुपुक्टा) के आह्वान पर बरेली कॉलेज के शिक्षक भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। अपनी मांगों के समर्थन में शिक्षकों ने कक्षाओं में काली पट्टी बांधकर नियमित शैक्षणिक कार्य किया और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन चार नवंबर तक चलेगा। इसके तहत शिक्षकों ने लगातार तीन दिनों तक काली पट्टी बांधकर कार्य करने का निर्णय लिया है। आंदोलन की रूपरेखा प्रयागराज में आयोजित फुपुक्टा की कार्यकारिणी बैठक में तय की गई थी, जिसमें प्रदेशभर के महाविद्यालयों के शिक्षकों से इस चरणबद्ध विरोध में शामिल होने का आह्वान किया गया था। इसी क्रम में बरेली कॉलेज की स्थानीय कार्यकारिणी ने भी एक प्रस्ताव पारित कर इस प्रदेशव्यापी आंदोलन को अपना समर्थन देने की घोषणा की है।
चरणबद्ध रणनीति के तहत हो रहा है विरोध
शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि उनकी विभिन्न मांगों का लंबे समय से निराकरण नहीं हुआ है, जिसके चलते संगठन को चरणबद्ध आंदोलन की राह चुननी पड़ी है। फिलहाल इस शुरुआती चरण में शिक्षक काली पट्टी बांधकर अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए सांकेतिक विरोध जता रहे हैं। विरोध प्रदर्शन के दौरान बरेली कॉलेज में पठन-पाठन का कार्य बाधित नहीं हुआ और शिक्षक शिक्षण कार्यों के साथ अपनी नाराजगी भी व्यक्त करते रहे।
प्रमुख पदाधिकारियों की रही मौजूदगी
आंदोलन के पहले दिन बरेली कॉलेज परिसर में शिक्षक संघ के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। इस दौरान शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. गजेंद्र पाल सिंह, सचिव प्रो. वीपी सिंह, उपाध्यक्ष प्रो. ओमकार और प्रो. शिखा वर्मा, संयुक्त सचिव प्रो. मोनिका अग्रवाल, कोषाध्यक्ष डॉ. आशा रानी के साथ-साथ रुटा के महासचिव व अन्य प्राध्यापक भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे और आंदोलन को अपनी एकजुटता दिखाई।