हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों की 9वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं के लिए दिसंबर 2026 तक 11 लाख से अधिक सैनिटरी नैपकिन पैकेट की आपूर्ति के आदेश दिए हैं।
हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, सरकारी स्कूलों में सीधे स्कूल स्तर पर होगी सैनिटरी पैड की डिलीवरी
हरियाणा में सरकारी विद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रही किशोरियों के स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक अहम निर्णय लिया गया है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने राज्यभर के सरकारी स्कूलों में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की छात्राओं के लिए दिसंबर 2026 तक सैनिटरी नैपकिन की आपूर्ति के औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इस व्यवस्था के तहत कुल 11 लाख 04 हजार 813 पैकेट सीधे शिक्षण संस्थानों के स्तर पर वितरित किए जाएंगे, ताकि छात्राओं को इस आवश्यक सुविधा के लिए किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। यह पूरी प्रक्रिया पंचकूला स्थित सप्लाई एंड डिस्पोजल विभाग द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर संचालित की जा रही है।
दो कंपनियों को मिला आपूर्ति का जिम्मा, तय की गई दर
शिक्षा निदेशालय के आदेश के मुताबिक, इस योजना के तहत 'नान-बेल्टेड विथ विंग्स' प्रकार के सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रत्येक यूनिट पैक में 10 पैड शामिल होंगे। माल एवं सेवा कर यानी जीएसटी तथा अन्य सभी प्रकार के करों को मिलाकर प्रति पैक की कुल ग्रास दर 20.50 रुपये निर्धारित की गई है। इस आपूर्ति के कार्य को दो अलग-अलग फर्मों के बीच विभाजित किया गया है। केरल स्थित एम/एस एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड को सबसे बड़ा जिम्मा सौंपते हुए 8 लाख 14 हजार 308 पैकेट सप्लाई करने के लिए अधिकृत किया गया है। वहीं दूसरी ओर, हरियाणा के बहादुरगढ़ की एम/एस नुवो मेडसर्ज प्राइवेट लिमिटेड को 2 लाख 90 हजार 505 पैकेट पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। इन दोनों अनुबंधों के माध्यम से हर महीने कुल 3 लाख 68 हजार 271 पैकेट पात्र छात्राओं तक पहुंचेंगे।
जिलावार मांग की स्थिति और गुरुग्राम शीर्ष पर
निदेशालय द्वारा जारी अनुलग्नक-ए (एनक्सर-ए) के अनुसार विभिन्न जिलों में छात्राओं की आवश्यकता के आधार पर मांग का निर्धारण किया गया है। राज्य में सबसे अधिक मांग गुरुग्राम जिले से दर्ज की गई है, जहां कुल 83 हजार 286 पैकेटों की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त सिरसा में 70 हजार 059, फरीदाबाद में 68 हजार 919, जींद में 59 हजार 553, फतेहाबाद में 56 हजार 046, सोनीपत में 54 हजार 759 और हिसार में 54 हजार 450 पैकेटों की मांग है। एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड द्वारा मेवात में 52 हजार 224, भिवानी में 52 हजार 440, पानीपत में 52 हजार 011, पलवल में 41 हजार 805, रोहतक में 35 हजार 133, रेवाड़ी में 33 हजार 576, झज्जर में 33 हजार 012, महेंद्रगढ़ में 29 हजार 460, हांसी में 21 हजार 489 और चरखी दादरी में 16 हजार 086 पैकेटों की आपूर्ति की जाएगी। इसके अलावा, नुवो मेडसर्ज कंपनी द्वारा अंबाला में 41 हजार 505, कैथल में 59 हजार 313, करनाल में 64 हजार 068, कुरुक्षेत्र में 42 हजार 870, पंचकूला में 33 हजार 285 और यमुनानगर में 49 हजार 464 पैकेट पहुंचाए जाएंगे।
पारदर्शिता और फर्जी In-Transit रोकने के लिए कड़े नियम
प्रशासन ने इस वितरण प्रणाली में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। नैपकिन की डिलीवरी का स्थान संबंधित स्कूल परिसर होगा। अनुलग्नक-बी के माध्यम से प्रत्येक स्कूल की सटीक आवश्यकता की सूची भी संलग्न की गई है। आपूर्ति करने वाली दोनों कंपनियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें किसी भी प्रकार के वित्तीय भुगतान से पहले अपने डिलीवरी चालान संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से सत्यापित कराने होंगे। यह अनिवार्य शर्त यह सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है कि सामग्री में किसी तरह का फर्जीवाड़ा न हो और पैकेट वास्तविक रूप से पात्र छात्राओं के हाथों तक पहुंच सकें। सहायक निदेशक (एकेडमिक सेल) द्वारा जारी किए गए इन आदेशों की प्रतियां पीएस/डीजीएसई, पीए/डीईई, संयुक्त निदेशक एमएसएस, संयुक्त निदेशक प्रशासन और राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को अग्रेषित कर दी गई हैं।
ड्रॉपआउट रोकने और स्वास्थ्य सुधारने की पहल
जिला मीडिया समन्वयक (DMS) सुमित मान ने इस योजना के व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह कदम 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने में मददगार साबित होगा। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अक्सर यह देखा गया है कि समुचित व्यक्तिगत स्वच्छता सुविधाओं के अभाव में किशोरियां अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं। विद्यालयों में ही मुफ्त सैनिटरी पैड उपलब्ध होने से न केवल उनकी उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि उनके स्वास्थ्य स्तर में भी सकारात्मक सुधार आएगा।