गोरखपुर के खोराबार इलाके में STF ने डाक पार्सल लिखे ट्रक से 323 पेटी अवैध शराब पकड़ी। पंजाब से बिहार ले जाई जा रही खेप के साथ राजस्थान का चालक गिरफ्तार।
पंजाब से बिहार ले जाई जा रही थी शराब की बड़ी खेप, पुलिस और आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में विशेष कार्य बल (STF) की फील्ड इकाई ने अवैध शराब तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। खोराबार थाना क्षेत्र में एक संदिग्ध ट्रक की तलाशी के दौरान अधिकारियों ने डाक पार्सल की आड़ में ले जाई जा रही 323 पेटी अवैध शराब बरामद की है। इस कार्रवाई के दौरान मौके से एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है, जो मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है।
एसटीएफ के अनुसार, यह कार्रवाई दो नवंबर 2026 को तड़के करीब साढ़े चार बजे की गई। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने खोराबार इलाके में नेशनल हाईवे के पास स्थित गणेश ढाबा और पेट्रोल पंप के समीप घेराबंदी की। वहां खड़े ट्रक संख्या BR01GC2369 की जब गहन तलाशी ली गई, तो उसके भीतर डाक पार्सल के डिब्बों की आड़ में छिपाकर रखी गई अवैध शराब का खुलासा हुआ।
पार्टी स्पेशल और स्टार गोल्ड व्हिस्की की बड़ी खेप जब्त
ट्रक के भीतर से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की गई है। अधिकारियों द्वारा की गई गिनती के अनुसार, वाहन से 'पार्टी स्पेशल व्हिस्की' की कुल 264 पेटियां और 'स्टार गोल्ड व्हिस्की' की 59 पेटियां मिली हैं। इस तरह शराब की कुल 323 पेटियां जब्त की गई हैं। इसके अलावा मौके से दो कथित कूटरचित बिल्टी (फर्जी दस्तावेज), एक मोबाइल फोन और तस्करी में प्रयुक्त ट्रक को भी कब्जे में ले लिया गया है।
बाड़मेर का रहने वाला है गिरफ्तार आरोपी
इस मामले में गिरफ्तार किए गए वाहन चालक की पहचान थानाराम पुत्र चुतरा राम के रूप में हुई है, जो राजस्थान के बाड़मेर जिले के अंतर्गत आने वाले कमठाई गोदारो की ढाणी का निवासी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने एसटीएफ को बताया कि यह अवैध शराब की खेप पंजाब के अंबाला स्थित ताजपुरा से लोड की गई थी और इसे सड़क मार्ग से होते हुए बिहार पहुंचना था। बिहार पहुंचने के बाद अनिल नामक व्यक्ति द्वारा आगे की डिलीवरी लोकेशन बताई जानी थी।
फर्जी ई-वे बिल और 'डाक पार्सल' की धोखाधड़ी
जांच में सामने आया है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों की पैनी नजर से बचने और पहचान छिपाने के लिए ट्रक के बाहरी हिस्से पर बड़े अक्षरों में ‘डाक पार्सल’ लिखवाया गया था, ताकि किसी को वाहन पर शक न हो। इसके अलावा पंजाब के जिरकपुर से लेकर बिहार के भागलपुर तक के लिए कथित तौर पर फर्जी ई-वे बिल और दस्तावेज तैयार किए गए थे। आरोपी चालक ने पूछताछ में यह भी खुलासा किया कि उसे इस खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के एवज में दैनिक खर्च के अतिरिक्त 10 हजार रुपये प्रति चक्कर मेहनताना मिलता था।
खोराबार थाने में मुकदमा दर्ज, नेटवर्क की तलाश जारी
इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में स्थानीय पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई के बाद खोराबार थाने में मुकदमा संख्या 526/2026 दर्ज किया गया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं के साथ-साथ उत्तर प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 60 और 72 के तहत पंजीबद्ध किया गया है। एसटीएफ अब इस अवैध शराब तस्करी के सिंडिकेट और नेटवर्क से जुड़े अन्य मास्टरमाइंड तथा संलिप्त लोगों की तलाश में जुट गई है ताकि इस अंतरराज्यीय रैकेट के अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।