लखनऊ आवास पर हुई इस बंद कमरे की बैठक को राजनीतिक गलियारों में बेहद अहम माना जा रहा है, हालांकि इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा कुंडा के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के बीच लखनऊ में मुलाकात हुई है। यह बैठक राजा भैया के लखनऊ स्थित आवास 'रामायण' पर संपन्न हुई। दोनों दिग्गज नेताओं की इस आमने-सामने की बातचीत ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
प्रदेश की राजनीति में राजा भैया का प्रभाव और उनकी राजनीतिक पकड़ को हमेशा से महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। यही वजह है कि उनकी किसी भी प्रमुख दल के नेता के साथ होने वाली बैठक पर राजनीतिक विश्लेषकों की पैनी नजर रहती है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात को केवल एक औपचारिक और शिष्टाचार भेंट के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन सियासी जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक समीकरणों, क्षेत्रीय क्षत्रपों के साथ तालमेल और भविष्य की रणनीतियों के लिहाज से इसके गहरे मायने हो सकते हैं।
राज्य में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और गठजोड़ की संभावनाओं के बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का राजा भैया से मिलना कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है। आने वाले समय में इस मुलाकात के क्या राजनीतिक परिणाम सामने आते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।