केवल आवेदन करने से नहीं मिलेगा लाभ, तय अवधि में बकाया जमा करना अनिवार्य
बरेली नगर निगम क्षेत्र के भवन स्वामियों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) को लेकर महत्वपूर्ण प्रशासनिक चेतावनी सामने आई है। योजना के तहत आवेदन करने वाले जिन करदाताओं ने अभी तक बकाया कर का भुगतान नहीं किया है, उन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि आवेदन के बाद निर्धारित 90 दिनों की अवधि के भीतर पूरा बकाया नहीं चुकाया गया, तो ब्याज पर मिलने वाली छूट का लाभ समाप्त हो जाएगा और छूट उनके हाथ से निकल जाएगी।
नगर निगम प्रशासन के अनुसार, यह ओटीएस योजना गत 15 अगस्त से शुरू की गई थी। योजना का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे गृह कर और अन्य बकायों के मामलों का निस्तारण करना है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल ओटीएस योजना के तहत आवेदन कर देना ही पर्याप्त नहीं है। करदाता को योजना की सभी निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए तय समयसीमा के भीतर अपना बकाया राजस्व जमा करना होगा।
योजना की वर्तमान प्रगति और वित्तीय आंकड़े
अमृत विचार से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत अब तक कुल 8.98 करोड़ रुपये का ब्याज माफ किया जा चुका है, जिसके मुकाबले नगर निगम के खाते में 3.72 करोड़ रुपये का वास्तविक राजस्व प्राप्त हुआ है। दूसरी ओर, योजना के तहत कुल 32.11 करोड़ रुपये से अधिक की कुल डिमांड दर्ज है। यह बड़ा अंतर यह दर्शाता है कि योजना के प्रति भारी मांग होने के बावजूद धरातल पर भुगतान की रफ्तार अभी सुस्त बनी हुई है।
जोनवार आवेदन और भुगतान की स्थिति
नगर निगम के विभिन्न जोनों से मिले आंकड़ों से पता चलता है कि आवेदन करने वाले भवन स्वामियों और वास्तविक भुगतान करने वालों की संख्या में काफी अंतर है। जोनवार स्थिति इस प्रकार है:
- जोन तीन: इस क्षेत्र में सबसे अधिक 4,441 आवेदन प्राप्त हुए और यहीं सर्वाधिक 410 भवन स्वामियों ने अपने बकायों का भुगतान भी किया।
- जोन चार: इस जोन से 3,243 भवन स्वामियों ने ओटीएस के लिए आवेदन किया, लेकिन इसके मुकाबले भुगतान करने वालों की संख्या केवल 204 तक ही सीमित रही।
अन्य जोनों की तुलना में भी आवेदन के सापेक्ष भुगतान करने वाले करदाताओं का यह आंकड़ा काफी कम है, जिस पर निगम प्रशासन की नजर बनी हुई है।
प्रशासन की सलाह और आगे की प्रक्रिया
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने करदाताओं से अपील की है कि वे ओटीएस योजना में आवेदन करने के बाद अंतिम तारीख का विशेष ध्यान रखें। निर्धारित अवधि के भीतर पूरा भुगतान सुनिश्चित करने और अपने खाते में छूट की राशि विधिवत दर्ज होने की पुष्टि करने से ही भवन स्वामियों को इस विशेष राहत योजना का पूरा लाभ मिल सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय 90 दिन की समयसीमा बीत जाने के बाद किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।