खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने त्योहारी और आम सीजन के मद्देनजर उपभोक्ताओं की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए महाराष्ट्र भर में एक विशेष जांच अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के तहत राज्य के विभिन्न हिस्सों से कुल 6,495 किलोग्राम संदिग्ध और गुणवत्ताहीन खाद्य सामग्री जब्त की गई है, जिसकी कुल बाजार कीमत 24 लाख 92 हजार 455 रुपये आंकी गई है। प्रशासन की इस व्यापक मुहिम से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस राज्यव्यापी अभियान के दौरान मिठाई, दुग्ध उत्पाद, चावल, सूखे मेवे और अन्य रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की बारीकी से पड़ताल की गई। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई कि कई प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों के भंडारण का तरीका बेहद अस्वच्छ था, तो कई जगहों पर उत्पादों के पैकेट पर विनिर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और अन्य जरूरी वैधानिक जानकारियां नदारद थीं। इसके अलावा गुणवत्ता मानकों के संभावित उल्लंघन के पुख्ता संदेह के आधार पर यह सख्त कार्रवाई की गई है।
मुंबई की चार प्रमुख दुकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
राजधानी मुंबई में खाद्य सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ाने वाले चार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर एफडीए की टीम ने शिकंजा कसा। मुंबई शहर के प्रमुख इलाकों में की गई इस जांच के दौरान:
- यशोदा डेयरी: यहां से 76,510 रुपये मूल्य का कुल 250.50 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किया गया। इस जब्ती में मुख्य रूप से दूध पाउडर, खुला भैंस का दूध और पनीर शामिल थे।
- क्लासिक एंटरप्राइजेज: इस प्रतिष्ठान से 35,520 रुपये मूल्य का 296 किलोग्राम टूटा हुआ चावल बरामद किया गया, जिसकी गुणवत्ता मानकों पर संदेह था।
- गीतांजलि कैटरिंग सर्विसेज: यहां प्रशासनिक टीम ने 36,000 रुपये मूल्य का 72 किलोग्राम मोहनथाल जब्त किया।
- अरिहंत स्वीट्स: इस दुकान से 1 लाख 22 हजार 260 रुपये मूल्य की 24.50 किलोग्राम विभिन्न मिठाइयां कब्जे में ली गईं। अधिकारियों के मुताबिक, इन मिठाइयों में तय सीमा से अधिक और अमानक रंगों के मिलाए जाने का गहरा संदेह है।
नागपुर में बिना लाइसेंस चल रही फैक्ट्री से सोनपापड़ी जब्त
मुंबई के अलावा नागपुर विभाग में भी एफडीए ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नागपुर के कामठी क्षेत्र में स्थित 'राधेकृष्ण फूड प्रोडक्ट्स' नामक प्रतिष्ठान पर छापा मारकर 10 लाख 60 हजार 970 रुपये मूल्य की भारी मात्रा में 'ममता सोनपापड़ी' जब्त की गई। यह पूरी खेप 1,795 किलोग्राम वजन की थी।
जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि संबंधित प्रतिष्ठान बिना किसी वैध लाइसेंस या खाद्य पंजीकरण के धड़ल्ले से खाद्य पदार्थों का उत्पादन कर रहा था। इसके अलावा जब्त की गई सोनपापड़ी के पैकेटों पर जो लेबल लगाए गए थे, उनमें भी नियमों के मुताबिक आवश्यक और सटीक जानकारी का अभाव पाया गया।
पुणे में दाल और सूखे मेवे भी आए जद में
पुणे विभाग में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर दलहन और ड्राई फ्रूट्स की खेप संदिग्ध पाई गई। इस कार्रवाई के तहत:
- 478 किलोग्राम दाल
- 358 किलोग्राम बादाम
- 493 किलोग्राम काली किशमिश
इन सभी खाद्य पदार्थों को मानकों पर खरा न उतरने और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे जाने की आशंका के चलते जब्त किया गया है।
उपभोक्ताओं के लिए विशेष सावधानी और सलाह
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा और राज्यभर में यह जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
इस पूरी कार्रवाई के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे बाजार से किसी भी प्रकार का खाद्य पदार्थ, मिठाई या पैकेज्ड आइटम खरीदते समय बेहद सतर्क रहें। उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे पैकेट पर छपी सभी जानकारियों जैसे कि निर्माण तिथि (Manufacturing Date), समाप्ति तिथि (Expiry Date), एफडीए लाइसेंस विवरण और सामग्री सूची (Ingredients) की अच्छी तरह जांच-पड़ताल अवश्य करें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध या खुली मिलावटी वस्तु दिखने पर इसकी सूचना तुरंत संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को दी जानी चाहिए।