रबर बदलने के बाद भी जारी था गैस का रिसाव, ग्रामीणों की तत्परता से टला बड़ा विस्फोट
बिहार के मुंगेर जिले के धरहरा थाना क्षेत्र में गुरुवार को रसोई गैस सिलेंडर का रिसाव ठीक करने के दौरान अचानक आग भड़क गई। इस दुर्घटना में नयन इंडेन गैस एजेंसी के एक डिलीवरी कर्मी सहित तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। आग की लपटें उठने के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ और तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सभी घायलों को तुरंत धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
घायलों की पहचान और घटना का विवरण
इस हादसे में झुलसे लोगों की पहचान स्थानीय निवासी दयानंद यादव के पुत्र अमन कुमार, अनुराग कुमार और नयन इंडेन गैस एजेंसी के डिलीवरी कर्मी दीपक कुमार के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमन कुमार के घर रखे रसोई गैस सिलेंडर से बुधवार को अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया था। किसी बड़े खतरे से बचने के लिए अमन उसी दिन सिलेंडर लेकर सीधे गैस एजेंसी पहुंच गए थे। वहां मौजूद तकनीकी कर्मियों ने सिलेंडर का रबर यानी ओ-रिंग बदल दिया था और दावा किया था कि अब लीकेज पूरी तरह बंद हो चुका है तथा सिलेंडर उपयोग के लिए पूरी तरह सुरक्षित है।
दोबारा जांच के दौरान भड़की आग
एजेंसी के आश्वासन के बावजूद गुरुवार को घर में रखे उसी सिलेंडर से दोबारा गैस की तीव्र गंध आने लगी और रिसाव बंद नहीं हुआ। गुरुवार की सुबह जब इंडेन गैस एजेंसी की डिलीवरी गाड़ी गांव में एलपीजी सिलेंडर बांटने के लिए पहुंची, तो अमन ने गाड़ी को रोक लिया। उन्होंने डिलीवरी स्टाफ को पूरी स्थिति से अवगत कराया कि कल रबर बदलने के बाद भी सिलेंडर से गैस रिस रही है। इसके बाद एजेंसी कर्मी दीपक कुमार ने सिलेंडर की दोबारा जांच कर उसे ठीक करने का प्रयास किया। इसी दौरान अचानक किसी चिंगारी के संपर्क में आने से सिलेंडर में भीषण आग पकड़ ली। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया, जिसकी चपेट में पास खड़े अमन कुमार, अनुराग कुमार और कर्मी दीपक कुमार आ गए।
ग्रामीणों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
घटनास्थल पर आग लगते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए बालू, पानी और भीगे बोरों की मदद से भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। ग्रामीणों की इस त्वरित कार्रवाई से सिलेंडर में बड़ा विस्फोट होने से बच गया। घटना के तुरंत बाद झुलसे तीनों युवकों को निजी वाहनों से धरहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि तीनों घायलों का प्राथमिक उपचार कर दिया गया है और उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर तीखा रोष व्यक्त किया है।