बरेली में धान खरीद की समीक्षा बैठक में डीएम ने 64 केंद्रों पर काम बंद मिलने पर नाराजगी जताई। 521 किसानों से अब तक 2355 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है।
जिलाधिकारी ने धान खरीद में सुस्ती पर जताई नाराजगी, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
बरेली जिले में धान खरीद की रफ्तार सुस्त होने और कई केंद्रों पर कामकाज ठप मिलने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में कुल स्थापित 140 धान क्रय केंद्रों में से 64 केंद्रों पर अभी तक खरीद का काम शुरू नहीं हो सका है, जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया कि पीसीएफ के 18 क्रय केंद्रों पर एक दाना भी धान नहीं खरीदा गया है।
किसानों का पंजीकरण और खरीद के आंकड़े
जिला मुख्यालय पर हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 4,800 किसानों ने धान बेचने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इनमें से 3,774 किसानों का सत्यापन कार्य पूरा हो चुका है। इसके बावजूद धरातल पर खरीद का आंकड़ा काफी कम है। अब तक केवल 521 किसानों से कुल 2,355 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।
जिलाधिकारी ने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन किसानों का सत्यापन पूरा हो चुका है, उनसे प्रभारी खुद दूरभाष या अन्य माध्यमों से संपर्क करें और उनका धान क्रय केंद्रों पर लाना सुनिश्चित कराएं। इसके साथ ही, एआर कोऑपरेटिव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी और सभी खरीद एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं.
लेखापाल स्तर पर सत्यापन और प्रशासनिक निगरानी
समीक्षा बैठक में यह बात भी सामने आई कि कुछ स्तरों पर प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी हो रही है, विशेषकर लेखपाल स्तर पर किसानों का सत्यापन अभी लंबित है। इस समस्या के समाधान के लिए सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को अपने-अपने क्षेत्रों के धान क्रय केंद्रों का नियमित रूप से निरीक्षण करने को कहा गया है। डीएम ने केंद्रों पर किसानों और श्रमिकों की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए पर्याप्त मजदूरों की व्यवस्था करने और उनका बायोमेट्रिक सत्यापन कराने के भी निर्देश दिए हैं।
उर्वरकों की उपलब्धता पर स्थिति स्पष्ट
धान खरीद के साथ-साथ बैठक में जिले में खाद की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और किसानों की मांग के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष कुमार सिंह, सभी तहसीलों के एसडीएम, डिप्टी आरएमओ, एआर कोऑपरेटिव सहित विभिन्न खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।