आंध्र प्रदेश में 14 साल की छात्रा पर चेनसा से हमले के मामले में पुलिस का बड़ा खुलासा। आरोपी रिश्तेदार था और कई दिनों से कर रहा था पीछा।
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में 14 वर्षीय छात्रा पर हुए क्रूर हमले के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी ने सुनियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम दिया था।
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में 31 अक्टूबर को 14 वर्षीय दसवीं कक्षा की एक छात्रा पर चेनसा (लकड़ी काटने की मशीन) से किए गए हमले के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी और पीड़िता एक-दूसरे से परिचित थे और यह कोई रैंडम या अचानक हुआ हमला नहीं था, बल्कि पूरी तरह से योजनाबद्ध तरीके से किया गया था। इस भयानक हमले में मुख्य पीड़िता और उसकी एक अन्य 14 वर्षीय सहेली गंभीर रूप से घायल हो गईं।
मुख्य पीड़िता को बेहतर इलाज के लिए बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां 1 नवंबर को उसकी सर्जरी के बाद उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और वह जिंदगी के लिए संघर्ष कर रही है। वहीं, उसकी घायल सहेली का इलाज अनंतपुर जिले के ही एक मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में चल रहा है।
दो साल से संपर्क में था आरोपी, परिवार ने दी थी चेतावनी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 21 वर्षीय आरोपी युवक पीड़िता को पिछले करीब दो साल से जानता था और उसके संपर्क में था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नाबालिग होने के बावजूद आरोपी का उस लड़की की तरफ झुकाव था और वह उससे एकतरफा प्रेम संबंध रखना चाहता था। जब पीड़िता के परिवार को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने कड़ा रुख अपनाया।
परिवार ने लड़की को स्पष्ट निर्देश दिए कि वह उस युवक से कोई बातचीत न रखे। स्थानीय रीति-रिवाजों और सामाजिक परंपराओं का हवाला देते हुए परिवार ने आरोपी को भी यह समझा दिया था कि वह उस लड़की के लिए 'भाई' के समान है और उसे इस तरह के प्रयास बंद कर देने चाहिए। परिवार की इस सख्त चेतावनी के बाद पीड़िता ने धीरे-धीरे आरोपी से बातचीत पूरी तरह बंद कर दी थी।
बातचीत बंद होने पर बनाstalker, चार दिन पहले खरीदी थी चेनसा
पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि बातचीत बंद होने से आरोपी बौखला गया और वह मानसिक रूप से विक्षिप्त हरकतों पर उतर आया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़की के दूरी बनाने के बाद आरोपी ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया था। उसने अपने एक अन्य दोस्त की मदद से पिछले कुछ दिनों से लगातार पीड़िता की हरकतों और उसकी लोकेशन पर नजर रखनी शुरू कर दी थी।
घटना को अंजाम देने से चार दिन पहले ही आरोपी ने अनंतपुर शहर से अपने एक दोस्त की मदद से इस चेनसा को खरीदा था। पुलिस का कहना है कि उसने पूरी तैयारी के साथ इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने की साजिश रची थी। हालांकि, पीड़िता के परिवार का कहना है कि उन्हें इस हमले की सटीक वजह का पहले से कोई अंदाजा नहीं था, लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच से यह साफ हो गया है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव चल रहा था।
पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ आरोपी, आत्मकूर जंगल से गिरफ्तारी
वारदात को अंजाम देने के बाद फरार हुए आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और अन्य माध्यमों से उसे आत्मकूर के जंगल में ट्रेस कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो आरोपी ने एक पुलिसकर्मी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया।
आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हवा में चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाने के बाद जब आरोपी नहीं माना, तो पुलिस ने उसके शरीर के निचले हिस्से (कमर के नीचे) को निशाना बनाकर कुल छह राउंड गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में घायल होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और फिलहाल उसका इलाज अनंतपुर के एक सरकारी अस्पताल में पुलिस सुरक्षा के बीच चल रहा है।