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कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: 14 मौतों का छठा आरोपी शकील मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

कौशांबी पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: 14 मौतों का छठा आरोपी शकील मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में हुए उस भयावह हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था, जिसमें अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए एक भीषण विस्फोट ने 14 मासूमों की जिंदगी निगल ली थी। इस सनसनीखेज मामले में कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। ताजा अपडेट के तहत, पुलिस ने इस जघन्य कांड के फरार चल रहे छठे और मुख्य आरोपियों में से एक इनामी बदमाश शकील को एक रोमांचक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अंधेरे में हुई पुलिस और बदमाश की आमने-सामने की भिड़ंत

घटना की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने जाल बिछाना शुरू किया था। डीएसपी मंझनपुर सौरभ सामंत ने इस एनकाउंटर की पूरी पटकथा साझा करते हुए बताया कि मंझनपुर के हंजापुर रोड स्थित दीवार कोतारी गांव के पास सदर कोतवाली प्रभारी विनीत सिंह और एसओजी प्रभारी सुनील अपनी टीम के साथ संयुक्त चेकिंग अभियान चला रहे थे।

इसी दौरान मुखबिर से मिली खास सूचना और शक के आधार पर एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को रुकने का इशारा किया गया। लेकिन कानून के शिकंजे से बचने के लिए आरोपी ने पुलिस दल पर ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जान बचाने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में पुलिस की गोली सीधे आरोपी के पैर में जा लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा और भागने में असफल रहा।

50 हजार का था इनाम, मुख्य आरोपी का है सगा भाई

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किया गया शकील महमूदपुर मनौरी इलाके का रहने वाला है और वह इस पूरे अवैध कारोबार के मुख्य सूत्रधार नौशाद का सगा भाई है। चिल्ला शहबाजी गांव में स्थित जिस अवैध पटाखा फैक्ट्री में काल का यह तांडव हुआ था, उसका संचालन इसी परिवार के जरिए किया जा रहा था। इस वीभत्स दुर्घटना के बाद से ही शकील अपनी पहचान छिपाकर लगातार ठिकाने बदल रहा था।

अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महकमे ने उस पर 50 हजार रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित कर रखा था। आखिरकार पुलिस की चौकसी और सटीक सूचना तंत्र के आगे शातिर अपराधी के मंसूबे धरे के धरे रह गए। घटनास्थल से पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अपाचे मोटरसाइकिल, एक अवैध तमंचा और कई जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

अस्पताल के बिस्तर पर हाथ जोड़कर मांगी माफी

गिरफ्तारी के बाद जब घायल शकील को पुलिस सुरक्षा में जिला अस्पताल लाया गया, तो वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण और भावुक कर देने वाला था। मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल के बेड पर दर्द से कराह रहे शकील ने अपने गुनाहों पर पछतावा जताया। उसने अपने हाथ जोड़कर इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले सभी 14 अभाग्यशाली लोगों के परिजनों से खुलेआम माफी मांगी। हालांकि, कानून की नजर में भावनाएं अपराध के बोझ को हल्का नहीं कर सकतीं।

पुलिस की पूछताछ में हुए कई बड़े खुलासे

अस्पताल में शुरुआती डॉक्टरों की देखरेख के बाद पुलिस ने शकील से कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बिना किसी झिझक के यह स्वीकार किया कि वह अपने परिवार और कुछ चुनिंदा साथियों के साथ मिलकर लंबे समय से इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था। उसका एकमात्र उद्देश्य कम समय में अधिक से अधिक आर्थिक मुनाफा कमाना था, जिसके लिए उसने इंसान की जान की परवाह किए बिना भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्रियों का अवैध भंडारण कर रखा था।

अब तक हो चुकी हैं सभी मुख्य गिरफ्तारियां

इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस प्रशासन शुरू से ही एक्शन मोड में नजर आया है। एसपी सत्यनारायण प्रजापत ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस बहुचर्चित कांड में मुख्य आरोपी नौशाद, उसकी पत्नी और उनके बेटे समेत कुल छह मुख्य नामजद आरोपियों को पुलिस पहले ही अलग-अलग स्थानों से दबोच चुकी है। शकील की गिरफ्तारी इस श्रृंखला की आखिरी कड़ी थी, जिसके पकड़े जाने के बाद अब इस अपराध से जुड़े सभी मुख्य चेहरे सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठ रहे गंभीर सवाल

भले ही पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज करते हुए सभी आरोपियों को दबोच लिया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर अभी भी कई सुलगते हुए सवाल बने हुए हैं। आखिर कैसे घनी आबादी या रिहायशी इलाकों के करीब इस तरह का विस्फोटक कारोबार लंबे समय से बेखौफ फल-फूल रहा था? स्थानीय खुफिया तंत्र (Local Intelligence Unit) और स्थानीय थानों की पुलिस को इस अवैध गतिविधि की भनक क्यों नहीं लगी? इन तमाम पहलुओं पर अब जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों द्वारा गहन प्रशासनिक जांच बिठाई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी बड़ी मानवीय त्रासदी को होने से रोका जा सके।

फिलहाल, घायल आरोपी का इलाज जारी है और डिस्चार्ज होते ही उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि इस अवैध पटाखा नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायर्स और मददगारों के नामों का भी पूरी तरह से खुलासा किया जा सके।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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