म्हाडा ने ठेकेदारों के बिल भुगतान में देरी रोकने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। अब 15 दिन में बिल की जांच और 5 दिन में भुगतान अनिवार्य होगा।
मुंबई म्हाडा प्राधिकरण के तहत काम करने वाले ठेकेदारों के लिए भुगतान प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के वास्ते नए निर्देश जारी किए गए हैं।
महाराष्ट्र住房 और क्षेत्र विकास प्राधिकरण (म्हाडा) के अंतर्गत निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों को अब अपने बिलों के भुगतान के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अक्सर बिलों के लंबित रहने से निर्माण कार्यों की गति प्रभावित होती थी, जिसे देखते हुए प्राधिकरण ने सख्त समयसीमा तय कर दी है। नए आदेशों के तहत बिल जमा होने से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया अधिकतम 20 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।
कार्यकारी अभियंता को 15 दिनों में पूरी करनी होगी बिल की जांच
मुंबई म्हाडा और उसके विभिन्न मंडलों के अंतर्गत होने वाले निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारों और कार्यकारी अभियंताओं के बीच समझौते किए जाते हैं। काम की प्रगति के अनुसार ठेकेदार अपने बिल प्रस्तुत करते हैं। नई व्यवस्था के मुताबिक, संबंधित कार्यकारी अभियंता को ठेकेदार द्वारा बिल जमा कराने के बाद अधिकतम 15 दिनों के भीतर उसकी पूरी जांच करनी होगी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिल को संबंधित मंडल के मुख्य लेखाधिकारी या लेखाधिकारी कार्यालय को भेजना अनिवार्य किया गया है।
लेखाधिकारी स्तर पर पांच दिन में भुगतान की अनिवार्यता
मुख्य लेखाधिकारी या लेखाधिकारी कार्यालय को बिल मिलने के बाद उसकी वित्तीय जांच पूरी करनी होगी और अगले पांच दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करना होगा। इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए यह भी स्पष्ट किया गया है कि फाइल को अनावश्यक रूप से अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित लेखाधिकारी को ही भुगतान से जुड़ा अंतिम निर्णय लेने का अधिकार सौंपा गया है। इस प्रकार, बिल जमा होने की तारीख से लेकर भुगतान होने तक कुल 20 दिन की समयसीमा तय की गई है।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई
म्हाडा प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बिना किसी ठोस और वाजिब कारण के बिलों को लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, जिन अधिकारियों के पास बिल मंजूर करने का अधिकार नहीं है, उनके पास फाइलें भेजकर जानबूझकर या लापरवाही से प्रक्रिया में देरी करने के मामलों को भी बेहद गंभीरता से लिया जाएगा।
आवासीय और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मिलेगी गति
समय पर भुगतान मिलने से ठेकेदारों को वित्तीय मोर्चे पर राहत मिलेगी और उनकी कार्यशील पूंजी बनी रहेगी। म्हाडा के इस कदम से न केवल ठेकेदारों को फायदा होगा, बल्कि समय पर भुगतान सुनिश्चित होने से आवासीय और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने में मदद मिलेगी।