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संभल दंगा रिपोर्ट पर शिवपाल यादव का बड़ा दावा, सरकार बनते ही हटेंगे सभी मुकदमे

संभल दंगा रिपोर्ट पर शिवपाल यादव का बड़ा दावा, सरकार बनते ही हटेंगे सभी मुकदमे

उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर से पूरी तरह गरमा गई है। संभल दंगा रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही सूबे का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर है। इस बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और कद्दावर विधायक शिवपाल सिंह यादव ने इस पूरे मामले पर ऐसा बयान दे दिया है, जिससे सियासी गलियारों में भूचाल आना तय माना जा रहा है। शिवपाल यादव ने सीधे तौर पर इस रिपोर्ट को एक सुनियोजित साजिश करार दिया है।

संभल रिपोर्ट पर उठाए बड़े सवाल

मीडिया से बातचीत के दौरान शिवपाल यादव ने संभल दंगा रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने तल्ख लहजे में आरोप लगाया कि इस रिपोर्ट को पूरी तरह से निष्पक्षता के विपरीत तैयार किया गया है। इसका एकमात्र उद्देश्य समाजवादी पार्टी के चुनिंदा और प्रमुख नेताओं को इस मामले में जबरन फंसाना है। शिवपाल ने दो टूक शब्दों में कहा कि यह रिपोर्ट सच्चाई से कोसों दूर है और इसके आधार पर सपा नेताओं के खिलाफ हो रही कार्रवाई पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है।

सपा सरकार बनते ही वापस होंगे मुकदमे: शिवपाल

अपने बयानों के लिए मशहूर शिवपाल यादव यहीं नहीं रुके। उन्होंने उत्तर प्रदेश के आगामी राजनीतिक भविष्य को लेकर एक बहुत बड़ा दावा कर दिया। उन्होंने ऐलान किया कि साल 2027 के विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत से सरकार बनने जा रही है।

शिवपाल ने आत्मविश्वास के साथ कहा, 'जैसे ही प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी, हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज किए गए इन सभी फर्जी मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाएगा।' राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान न केवल कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए है, बल्कि यह 2027 के चुनाव का एक बड़ा सियासी संदेश भी है।

कांग्रेस के साथ गठबंधन और बसपा पर रुख साफ

आगामी चुनावों की रणनीतियों पर बात करते हुए शिवपाल यादव ने राजनीतिक समीकरणों पर भी स्थिति साफ की। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि आगामी चुनावों में समाजवादी पार्टी का बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं होगा। वहीं, कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन और रिश्तों को लेकर उन्होंने सकारात्मक रुख बनाए रखा, जिससे यह संकेत मिलता है कि I.N.D.I.A. गठबंधन आने वाले दिनों में भी यूपी में अपनी एकजुटता बरकरार रखेगा।

आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी पर सपा का कड़ा रुख

वरिष्ठ नेता आजम खान और उनकी महत्वाकांक्षी जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर भी शिवपाल यादव ने पार्टी का आधिकारिक और मजबूत पक्ष रखा। उन्होंने ऐलान किया कि वह जल्द ही आजम खान के परिवार से मुलाकात करने जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'पूरी समाजवादी पार्टी हर परिस्थिति में आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।' इस बयान को अल्पसंख्यक वोटों को अपने पाले में एकजुट रखने की एक बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: शिवपाल यादव ने संभल दंगा रिपोर्ट के बारे में क्या कहा है?

A: शिवपाल यादव ने संभल दंगा रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे समाजवादी पार्टी के नेताओं को फंसाने की एक सोची-समझी साजिश बताया है।

Q2: शिवपाल यादव ने मुकदमों की वापसी को लेकर क्या दावा किया है?

A: उन्होंने दावा किया है कि साल 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और सत्ता में आते ही सपा नेताओं पर दर्ज सभी मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे।

Q3: जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर सपा का क्या रुख है?

A: शिवपाल यादव ने स्पष्ट किया है कि समाजवादी पार्टी पूरी तरह से आजम खान और जौहर यूनिवर्सिटी के साथ खड़ी है।

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काव्या त्रिपाठी

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Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

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