त्योहार का उल्लास और परिवार के साथ बिताए जाने वाले खुशी के पल कब जीवन भर के गहरे जख्मों में बदल जाएं, इसका अंदाजा शायद ही किसी ने लगाया होगा। महाराष्ट्र के भंडारा जिले में हरतालिका तीज के पावन पर्व पर एक परिवार और गांव की खुशियां उस वक्त चीख-पुकार में तब्दील हो गईं, जब एक तेज रफ्तार बोलेरो और ट्रक के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक सड़क हादसे में 6 महिलाओं और 3 मासूम बच्चों समेत कुल 9 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि 14 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
हादसे की भयावहता: कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह भीषण हादसा भंडारा जिले के पिंपलगांव इलाके के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, हाईवे किनारे स्थित एक पेट्रोल पंप से अचानक एक ट्रक मुख्य मार्ग पर आ रहा था। ट्रक की रफ्तार और अचानक हुए इस मूवमेंट का अंदाजा बोलेरो चालक नहीं लगा पाया। बोलेरो वाहन पूरी क्षमता से भरा हुआ था और उसमें सवार लोग एक पारिवारिक अनुष्ठान या त्योहार से जुड़ी यात्रा पर जा रहे थे।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। वाहन के भीतर बैठे यात्रियों को संभलने का एक सेकंड का भी मौका नहीं मिला। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग सहम गए और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके की तरफ दौड़े।
मौत का आंकड़ा: 6 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल
इस भयानक दुर्घटना में जान गंवाने वालों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और बच्चों की है, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय प्रशासन द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार मृतकों में:
- 6 महिलाएं
- 3 मासूम बच्चे
- शामिल हैं, जिनकी शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और खुद ही घायलों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। खून से लथपथ शवों और घायलों को देखकर मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए।
14 गंभीर रूप से घायल, नागपुर रेफर
इस हादसे में कुल 14 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुरुआती इलाज देने के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत नागपुर के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, कई घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके चलते मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। नागपुर के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है ताकि घायलों को तुरंत और बेहतरीन इलाज मिल सके।
त्योहार के दिन छाया मातम, गांव में पसरा सन्नाटा
हरतालिका तीज का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना का दिन होता है। जिस घर या गांव से ये लोग ताल्लुक रखते थे, वहां सुबह तक जहां पूजा-पाठ और उत्सव का माहौल था, वहां अब सिर्फ रोने-बिलखने की आवाजें आ रही हैं। एक साथ नौ अर्थियां उठने की खबर ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया जा रहा है।
प्रशासन और सुरक्षा पर उठते सवाल
हादसे के बाद एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा के मानकों और पेट्रोल पंपों के पास यातायात नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाईवे पर अनियंत्रित गति और पेट्रोल पंपों से अचानक मुख्य मार्ग पर आने वाले भारी वाहन आए दिन बड़े हादसों का कारण बनते हैं। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना के वक्त किसकी लापरवाही मुख्य वजह थी।
यह दुखद घटना एक बार फिर हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही या चूक किस तरह पल भर में हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ सकती है। पूरा देश इस दुखद घड़ी में भंडारा के पीड़ित परिवारों के साथ संवेदना व्यक्त कर रहा है।