उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने साल 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को लेकर अपनी कमर कस ली है। शिक्षा बोर्ड ने नकलविहीन और पूरी तरह शुचितापूर्ण परीक्षाएं संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्रों के चयन की प्रक्रिया में इस बार कुछ बड़े और अहम बदलाव किए हैं। बोर्ड की कोशिश यह सुनिश्चित करने की है कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की सुस्ती या गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न बचे। इसी कड़ी में बोर्ड ने एक बेहद सख्त और पारदर्शी टाइम-टेबल जारी किया है, जिसके तहत केंद्रों का निर्धारण किया जाएगा।
परीक्षा केंद्रों के चयन में इस बार क्या है नया?
इस बार की चयन प्रक्रिया पिछले सालों के मुकाबले काफी अलग और कड़ी होने वाली है। बोर्ड के निर्देशों के मुताबिक, इस बार परीक्षा केंद्रों के आवंटन से पहले उन स्कूलों और कॉलेजों की सूची सार्वजनिक की जाएगी जिन्हें पिछली गड़बड़ियों या मानकों पर खरा न उतरने के कारण 'डिबार' (प्रतिबंधित) कर दिया गया था। डिबार केंद्रों की यह सूची सबसे पहले जारी होगी, ताकि छात्रों, अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों में पूरी पारदर्शिता बनी रहे। इसके बाद तमाम चरणों की प्रक्रिया से गुजरते हुए आगामी 29 अक्टूबर को परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची आधिकारिक रूप से जारी कर दी जाएगी।
प्रायोगिक परीक्षाओं और कॉपियों की जांच को लेकर बड़ा फैसला
बोर्ड परीक्षा व्यवस्था में सुधार की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती। इस बार पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि विज्ञान और गृह विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों की प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षाएं भी निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर ही कराई जाएंगी। इसके अलावा, परीक्षाओं के मूल्यांकन यानी कॉपियों की जांच के तरीके में भी क्रांतिकारी बदलाव किया गया है। अब उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी।
पिछले साल के सफल प्रयोग के बाद बड़ा कदम
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, कॉपियों की ऑनलाइन जांच की इस तकनीक को अचानक से थोपा नहीं गया है। इसकी सफलता का आंकलन करने के लिए पिछले साल यानी 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ और गोरखपुर मंडलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ऑनलाइन मूल्यांकन कराया गया था। इस प्रयोग के बेहद सकारात्मक और सफल परिणाम सामने आने के बाद, बोर्ड प्रशासन ने अब इस आधुनिक व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू करने का ठोस निर्णय लिया है।
परीक्षा केंद्र निर्धारण की पूरी समय-सारिणी (टाइम-टेबल)
क्षेत्रीय अपर सचिव भास्कर मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए केंद्रों के चयन और सत्यापन का पूरा कार्यक्रम इस प्रकार तय किया गया है:
- 24 सितंबर: सभी संबंधित विद्यालयों द्वारा अपनी आधारभूत सूचनाएं आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाएंगी।
- 12 सितंबर: विद्यालयों के भौतिक सत्यापन की आख्या (रिपोर्ट) वेबसाइट पर अपलोड करने की अंतिम तिथि तय की गई थी।
- 21 सितंबर: प्रारंभिक रूप से चयनित परीक्षा केंद्रों की सूची जारी की जाएगी।
- 23 सितंबर: पिछले नियमों और मानकों के आधार पर डिबार किए गए केंद्रों की सूची सार्वजनिक की जाएगी।
- 28 सितंबर: केंद्रों को लेकर यदि किसी स्कूल या व्यक्ति को कोई आपत्ति है, तो वे ऑनलाइन माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।
- 8 अक्टूबर: जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) प्राप्त सभी आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण करेंगे।
- 17 अक्टूबर: आपत्तियों के निस्तारण के बाद संशोधित केंद्र सूची पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
- 22 अक्टूबर: मानकों से अधिक छात्र आवंटन या अन्य विसंगतियों को लेकर आपत्तियां लेने की अंतिम तिथि होगी।
- 29 अक्टूबर: तमाम प्रक्रियाओं और आपत्तियों के निपटारे के बाद परीक्षा केंद्रों की अंतिम और फाइनल सूची जारी कर दी जाएगी।
नकल माफियाओं पर कसेगा शिकंजा
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड द्वारा उठाया गया यह कदम नकल माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए काफी कारगर साबित होगा। पहले डिबार केंद्रों की सूची सार्वजनिक होने से उन संस्थानों पर पहले ही नजर आ जाएगी जो अतीत में संदिग्ध गतिविधियों में लिفت रहे हैं। इसके अलावा, भौतिक सत्यापन और ऑनलाइन आपत्तियों की प्रक्रिया से भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी कम होगी।
छात्रों और अभिभावकों के लिए सलाह
जो छात्र और उनके अभिभावक साल 2027 की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे बोर्ड की हर आधिकारिक अपडेट पर पैनी नजर रखें। परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में सामने आने के बाद स्कूलों की स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी, जिससे स्टूडेंट्स अपनी आगे की रणनीति तय कर सकेंगे। बोर्ड का यह पूरा खाका इस बात की गवाही देता है कि इस बार इम्तिहान पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी माहौल में आयोजित किए जाएंगे।