सितंबर के अंतिम सप्ताह में मौसम ने एक बार फिर ऐसा भयंकर रूप दिखाया है कि उत्तर प्रदेश की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। राजधानी लखनऊ समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है। चक्रवाती हवाओं और भारी बारिश के चलते न सिर्फ सड़कों पर पानी भर गया है, बल्कि रेल यातायात और बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस प्राकृतिक आपदा के बीच कई जिलों से दुखद खबरें सामने आ रही हैं, जहां पेड़ और दीवारें गिरने से लोगों की जान चली गई है।
बलरामपुर और गोरखपुर में कुदरत का कहर, चार लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने भारी तबाही मचाई है। बलरामपुर जिले में अचानक पेड़ गिरने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिसने पूरे इलाके में मातम पसर दिया है। वहीं, श्रावस्ती जिले में एक मकान की दीवार भरभराकर ढह जाने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री के गृह जिले गोरखपुर में भी कुदरत का तांडव देखने को मिला। गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद शनिवार से ही बारिश का सिलसिला जारी था, लेकिन रविवार भोर में 2:00 बजे से 6:00 बजे के बीच हुई अति मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। कैंपियरगंज तहसील क्षेत्र में पेड़ गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि बांसगांव क्षेत्र में भी इसी तरह की एक अन्य घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई। इस प्रकार कुल चार लोगों की मौत केवल गोरखपुर जिले में ही दर्ज की गई है।
रेल परिचालन ठप, कई ट्रेनें हुईं रद्द
भारी बारिश और चक्रवाती हवाओं का सबसे बुरा असर रेलवे यातायात पर पड़ा है। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ और वाराणसी मंडलों के कई रेल खंडों पर पटरियों के पास भारी पेड़ उखड़कर गिर गए हैं और ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) के तार टूट गए हैं। इस वजह से लखनऊ और वाराणसी के बीच रेल परिचालन पूरी तरह से बाधित हो गया। हालांकि, रेलवे की इमरजेंसी टीमों ने युद्धस्तर पर काम करते हुए कई रूटों पर रेल संचालन को सुचारू करने का प्रयास किया है, लेकिन सुरक्षा कारणों से कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को आज यानी 27 सितंबर 2026 के लिए रद्द करना पड़ा है।रद्द की गई प्रमुख ट्रेनों की सूची:
- गाड़ी संख्या 14214/14213: नेपालगंज रोड – वाराणसी जंक्शन – नेपालगंज रोड एक्सप्रेस (27 सितंबर 2026 को पूरी तरह निरस्त)।
- गाड़ी संख्या 75110/75109: गोंडा जंक्शन – नेपालगंज रोड – गोंडा जंक्शन डेमू गाड़ी (27 सितंबर 2026 को रद्द)।
- गाड़ी संख्या 75111/75112: गोंडा जंक्शन – नेपालगंज रोड – गोंडा जंक्शन डेमू गाड़ी (27 सितंबर 2026 को रद्द)।
जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर, लाउडस्पीकर से अपील
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार मुनादी कराई जा रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि जब तक कोई अत्यंत आवश्यक कार्य न हो, वे अपने घरों से बाहर बिल्कुल न निकलें। विशेषकर पुराने जर्जर मकानों और पेड़ों के पास खड़े होने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
गोरखपुर के डीएम ने बताया कि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए महानगर और ग्रामीण इलाकों में पंपिंग स्टेशन लगातार काम कर रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए जिलेभर में एंबुलेंस की विशेष तैनाती की गई है ताकि घायलों या बीमारों तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सके। प्रशासन ने नागरिकों की सहायता के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, और राहत कार्यों में जुटे सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में फील्ड में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी और आगे का हाल
मौसम विज्ञान केंद्र ने पहले ही पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और वज्रपात (आकाशीय बिजली) को लेकर रेड अलर्ट जारी किया था। सितंबर के अंत में इस तरह के चक्रवाती तेवर ने कृषि क्षेत्र को भी चिंता में डाल दिया है। धान की पकी हुई फसलें खेतों में बिछ गई हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सता रही है। फिलहाल, अगले कुछ घंटों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने की संभावना है, जिसे देखते हुए लोगों से पूरी सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।