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वाराणसी में पर्यटकों के लिए बड़ा बदलाव, अब AI तकनीक से लैस होंगे होटल

वाराणसी में पर्यटकों के लिए बड़ा बदलाव, अब AI तकनीक से लैस होंगे होटल

वाराणसी के आतिथ्य सत्कार और पर्यटन क्षेत्र में तकनीक का एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर साकेत नगर कॉलोनी स्थित एक निजी होटल में आयोजित वाराणसी टूरिज्म गिल्ड के कार्यक्रम में भविष्य की रूपरेखा पर गंभीर मंथन किया गया। इस दौरान गिल्ड के अध्यक्ष सुभाष कपूर ने एक बड़ा और दूरदर्शी बयान देते हुए कहा कि बदलते समय के साथ पर्यटन उद्योग को भी अपनी कार्यप्रणाली में अमूलचूल परिवर्तन करने की सख्त जरूरत है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में वाराणसी के होटलों को पूरी तरह से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence - AI) आधारित बनाया जाएगा।

डिजिटल एजेंडा और एआई: बदल रहा है काशी का पर्यटन परिदृश्य

इस वर्ष पर्यटन दिवस की मुख्य थीम 'पर्यटन को नए रूप में तैयार करने के लिए डिजिटल एजेंडा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता' पर आधारित थी। इसी थीम को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रम में आए होटल उद्यमियों और पर्यटन विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की। आधुनिक युग में पर्यटकों की जरूरतें तेजी से बदल रही हैं। आज का सैलानी केवल पारंपरिक आतिथ्य नहीं चाहता, बल्कि वह त्वरित सेवाएं और स्मार्ट सॉल्यूशंस की उम्मीद करता है।

वाराणसी टूरिज्म गिल्ड के अध्यक्ष सुभाष कपूर ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यदि काशी को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखनी है, तो तकनीक को अपनाना ही होगा। उन्होंने होटल कारोबारियों से आह्वान किया कि वे अपनी संपत्तियों को स्मार्ट होटलों में तब्दील करने की दिशा में ठोस कदम उठाएं, जहां हर छोटी-बड़ी सुविधा एक क्लिक या वॉयस कमांड पर उपलब्ध हो।

चैटबॉट्स और सोशल मीडिया का हो रहा है स्मार्ट इस्तेमाल

कार्यक्रम के दौरान गिल्ड के कोषाध्यक्ष रंजीत श्रीवास्तव ने तकनीकी पक्ष पर प्रकाश डालते हुए बताया कि होटल उद्योग से जुड़े लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए कई नए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित चैटबॉट्स को अब सीधे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जा रहा है।

  • त्वरित जानकारी: अब पर्यटकों को रूम बुकिंग या अन्य जानकारियों के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
  • 24/7 सेवा: एआई चैटबॉट्स ग्राहकों के सवालों के जवाब दिन के 24 घंटे और सातों दिन देने में सक्षम होंगे।
  • बेहतर अनुभव: सोशल मीडिया इंटीग्रेशन से बुकिंग प्रक्रिया बेहद सहज और पारदर्शी हो जाएगी।

यह तकनीकी बदलाव न केवल होटल प्रबंधन के काम को आसान बनाएगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के अनुभव को भी पूरी तरह से बदल कर रख देगा।

यात्रियों के लिए आसान होगी बुकिंग और स्थानीय सेवाओं की राह

कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी इस बात पर जोर दिया कि एआई के माध्यम से न सिर्फ होटल बुकिंग, बल्कि पर्यटकों की पूरी यात्रा को सुगम बनाया जा सकता है। काशी आने वाले पर्यटकों को स्थानीय पर्यटन स्थलों, खान-पान, परिवहन और सांस्कृतिक आयोजनों की सटीक जानकारी पलक झपकते ही मिल सकेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से पर्यटकों के व्यवहार को समझने में भी मदद मिलेगी, जिससे होटल और पर्यटन संचालक उनकी पसंद के अनुसार कस्टमाइज्ड सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। इससे वाराणसी में पर्यटकों का ठहराव (Stay Duration) भी बढ़ेगा जो स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।

भविष्य की तैयारी और चुनौतियां

हालांकि इस नई तकनीक को अपनाना एक चुनौती भरा सफर हो सकता है, लेकिन वाराणसी के पर्यटन व्यवसायियों ने जिस उत्साह का परिचय दिया है, वह एक सकारात्मक संकेत है। पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक तकनीक का यह अनूठा संगम काशी आने वाले पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव लेकर आएगा।

इस बैठक के अंत में सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वाराणसी के पर्यटन और होटल उद्योग को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने के लिए मिलकर प्रयास किए जाएंगे। आने वाले दिनों में इस दिशा में कई और नए प्रोजेक्ट्स ग्राउंड लेवल पर देखने को मिल सकते हैं, जो देश के अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों के लिए भी एक मिसाल बनेंगे।

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रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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