उत्तराखंड में चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के प्रभाव से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले दो दिनों से राज्य के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है और ठंड में अचानक बढ़ोतरी हुई है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। बागेश्वर में हल्की बूंदाबांदी के बीच मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि नैनीताल में घने बादलों के साथ मौसम काफी बिगड़ गया है, जहां ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। पिथौरागढ़ में रातभर हुई बारिश के बाद सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। अल्मोड़ा में भी अलसुबह हल्की बारिश के बाद आसमान बादलों से घिरा रहा, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में कनकनी बढ़ गई है।
राजधानी देहरादून में गुरुवार सुबह से ही मौसम खराब रहा, जिसके चलते पारे में सीधे आठ डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई। दिनभर छाए बादलों और खराब रोशनी के कारण स्थिति यह हो गई कि शाम चार बजे ही अंधेरा छाने लगा। अचानक आए इस बदलाव के बाद लोगों ने ठंड से बचने के लिए स्वेटर और गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट और चारधाम यात्रा पर विशेष सतर्कता
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने पूरी तरह मुस्तैदी बढ़ा दी है। विभाग ने शुक्रवार के लिए नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली जनपदों में विशेष रूप से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
संभावित खतरों और खराब मौसम को देखते हुए शासन स्तर पर भी निर्देश जारी किए गए हैं। सचिव विनोद कुमार सुमन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खराब मौसम अथवा किसी भी प्रकार की संभावित खतरे की स्थिति बनने पर यात्रियों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
मौसम विभाग के अनुसार इस चक्रवाती प्रभाव का असर केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कारण दिल्ली-एनसीआर और बिहार के पटना समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी पारे में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है और तापमान सामान्य से नीचे चला गया है।