उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी इलाकों में करवाचौथ के अवसर पर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। विश्व प्रसिद्ध धाम केदारनाथ और बदरीनाथ में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे इन उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। धामों में तापमान में भारी गिरावट आई है और चारों तरफ ठंडक बढ़ गई है। इसके साथ ही राज्य के कई अन्य इलाकों में भी बादलों का डेरा रहा और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ ऋषिकेश, पौड़ी, श्रीनगर और कोटद्वार जैसे इलाकों में भी बारिश हुई है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेशभर में मौसम आमतौर पर शुष्क बना हुआ था। मैदानी क्षेत्रों में तेज धूप खिलने के कारण दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य बना हुआ था। इस वजह से दिन और रात के तापमान के बीच का अंतर काफी बढ़ गया था, जिससे उमस और हल्की गर्मी का अहसास हो रहा था। अब चक्रवाती तूफान अर्नब और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव के कारण मौसम ने करवट ली है।
दस जिलों में आंधी-बिजली का येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के दस जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के मुताबिक, देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिले के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज झोंकेदार हवाएं 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसे देखते हुए इन सभी दस जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और तापमान में गिरावट
राज्य के शेष जिलों में भी कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, करीब 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में तेज बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी और ठंड में उल्लेखनीय इजाफा होगा। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को बदलते मौसम के मद्देनजर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।