चक्रवाती तूफान अर्णब और पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला दिल्ली का मौसम, झमाझम बारिश से लुढ़का पारा
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्णब और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों (एनसीआर) में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। गुरुवार को दिनभर आसमान में घने बादल छाए रहे और कई हिस्सों में झमाझम वर्षा दर्ज की गई। इस बदलाव के चलते दिल्ली में पिछले चार वर्षों के दौरान अक्टूबर महीने का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई और लोगों को अचानक सिहरन का अहसास होने लगा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए गुरुवार को लगातार बदलते हालातों के बीच अलग-अलग समय पर यलो, आरेंज और रेड अलर्ट जारी किए थे। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी राजधानी में आंधी, गरज के साथ हल्की से मध्यम गति से वर्षा का पूर्वानुमान जताया है, जिसके चलते सुबह से ही कई इलाकों में धीमी रफ्तार से बारिश का दौर जारी है।
बुधवार रात से बदलने लगा था मौसम का मिजाज
राजधानी दिल्ली में बुधवार रात से ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी थी। गुरुवार की पूरी रात और शुक्रवार सुबह तक दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों में रुक-रुक कर बरसात होती रही, जिससे पारे में खासी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का अधिकतम तापमान लुढ़ककर 25.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो इस समय के सामान्य तापमान से करीब 5.6 डिग्री सेल्सियस कम है।
राजधानी में इससे पहले 8 अक्टूबर 2022 को अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जिसके बाद यह इस अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन साबित हुआ है। हालांकि, न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस अधिक है।
विभिन्न इलाकों में वर्षा और तापमान के आंकड़े
वर्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के झड़ौदा कलां इलाके में गुरुवार शाम सात बजे तक सबसे अधिक 49 मिलीमीटर (मिमी) वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा पालम में अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस और आया नगर में 24.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे शहर के अन्य हिस्सों की तुलना में इन इलाकों में ठंडक का असर अधिक महसूस किया गया।
स्वास्थ्य पर असर: सर्दी-जुकाम और बुखार के मामले बढ़े
दीपावली के आसपास के दिनों में आए इस अप्रत्याशित मौसम बदलाव ने लोगों को लंबे समय से चुभ रही उमस और गर्मी से तो राहत दिलाई है, लेकिन तापमान में अचानक हुई भारी गिरावट का प्रतिकूल असर स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। मौसम में आए इस उतार-चढ़ाव के कारण दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों और क्लीनिकों में सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार और गले के संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चिकित्सकों ने इस बदलते मौसम में विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाव करने की सलाह दी है।