वाराणसी के पॉश इलाकों में शुमार रथयात्रा क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक बंद मकान पर अचानक धावा बोल दिया। बाहर से शांत दिखने वाले इस मकान के अंदर जुए का एक बड़ा साम्राज्य चल रहा था, जिसकी भनक स्थानीय लोगों को भी नहीं थी। इस गोपनीय और बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने मौके से कुल 47 जुआरियों को धर दबोचा है। छापेमारी के दौरान पुलिस के हाथ जो बरामदगी लगी, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
गुप्त सूचना और तीन दिनों की कड़ी निगरानी के बाद हुआ पर्दाफाश
कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पिछले कुछ दिनों से लगातार इस बात की इनपुट मिल रहे थे कि वाराणसी के घनी आबादी वाले रथयात्रा इलाके में गैरकानूनी गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसके बाद सिगरा थाना पुलिस और एसओजी-2 की विशेष टीम को इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कार्रवाई को अंजाम देने से पहले टीम ने पिछले तीन से चार दिनों तक इस मकान की कड़ी निगरानी (सर्च एंड सर्विलांस) की। मकान के बाहर किसी को शक न हो, इसलिए असामाजिक तत्वों द्वारा पूरी सावधानी बरती जा रही थी। आने-जाने वालों पर पैनी नजर रखी जाती थी और बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित था। जब पुलिस को पुख्ता सबूत मिल गए कि अंदर बड़े पैमाने पर अवैध जुआ खेला जा रहा है, तब सुनियोजित तरीके से इस रेड को अंजाम दिया गया।
छापेमारी में 10 लाख नकद और लग्जरी वाहन बरामद
जब पुलिस और एसओजी की टीम ने मकान का दरवाजा खटखटाया और अंदर प्रवेश किया, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। कमरे के अंदर ताश के पत्तों और नोटों की गड्डियों के साथ कई लोग रंगे हाथों पकड़े गए। पुलिस ने मौके से लगभग 10 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
इसके अलावा छापेमारी स्थल से भारी मात्रा में अन्य सामान भी जब्त किया गया है, जिसमें:
- लगभग 10 लाख रुपये की नगदी
- जुआरियों के कई महंगे स्मार्टफोन और मोबाइल फोन
- परिसर में खड़े कई दोपहिया और चार पहिया वाहन (लग्जरी गाड़ियां)
- ताश की गड्डियां और जुए में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण
विशाल सिंह ने लीज पर लिया था मकान
प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि जिस मकान में यह अवैध धंधा फल-फूल रहा था, उसे विशाल सिंह नाम के एक व्यक्ति ने लीज पर ले रखा था। विशाल सिंह ही इस पूरे जुए के अड्डे का मुख्य संचालक बताया जा रहा है। पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि इस मकान को लीज पर लेने के पीछे की असली कागजी प्रक्रिया क्या थी और क्या मकान मालिक को इस अवैध गतिविधि की कोई जानकारी थी या नहीं। यदि मकान मालिक की संलिप्तता पाई जाती है, तो उस पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा सकता है।
आरोपियों पर कसेगा शिकंजा, गैंगस्टर एक्ट की तैयारी
पकड़े गए सभी 47 आरोपियों से इस समय कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस कमिश्नररेट के अधिकारियों का कहना है कि इन सभी गिरफ्तार लोगों के पिछले आपराधिक इतिहास (Criminal Background) की गहरी जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इनमें से कितने लोग पहले भी ऐसे मामलों में जेल जा चुके हैं या किसी अन्य अपराध में संलिप्त रहे हैं।
प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आरोपियों के खिलाफ केवल जुआ अधिनियम (Gambling Act) के तहत ही कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि उनकी संलिप्तता और नेटवर्क को देखते हुए उन पर गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) जैसी गंभीर धाराओं के तहत भी मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। इसके साथ ही, इस अवैध कारोबार से अर्जित की गई संपत्तियों की भी पहचान कर जब्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।
शहर में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ाई गई
इस बड़ी कार्रवाई के बाद वाराणसी के अन्य इलाकों में भी सनसनी फैल गई है। स्थानीय पुलिस प्रशासन अब शहर के अन्य बंद मकानों, गेस्ट हाउस और संदिग्ध परिसरों की फेरहिस्ट तैयार कर रहा है, ताकि इस तरह के किसी भी अन्य अवैध अड्डे को पनपने से पहले ही नेस्तनाबूद किया जा सके। आम जनता ने भी पुलिस की इस मुस्तैदी की सराहना की है, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त होते नजर आ रहे हैं।