वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट इन दिनों कानून व्यवस्था और जनता के बीच पुलिस के संबंधों को सुधारने के लिए एक बेहद अनूठे और प्रभावी अभियान पर काम कर रहा है। इसी कड़ी के तहत वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा थानों को गोद लेकर उनकी कार्यप्रणाली में सुधार लाने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) पिंडरा प्रशांत सिंह ने बुधवार को पहली बार फूलपुर थाने का औचक और गहन निरीक्षण किया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य थाना परिसर की व्यवस्थाओं को परखना और जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाना था।
थाने के चप्पे-चप्पे की ली गई तलाशी, अभिलेखों की हुई जांच
जब एक वरिष्ठ अधिकारी खुद थाने की कार्यप्रणाली को देखने पहुँचता है, तो मातहतों की कार्यशैली में स्वतः सुधार देखने को मिलता है। एसीपी प्रशांत सिंह ने फूलपुर थाने पहुँचते ही सबसे पहले प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने थाना कार्यालय, मालखाना, कंप्यूटर कक्ष, और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड रजिस्टरों की एक-एक प्रविष्टि को बारीकी से परखा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विशेष रूप से साइबर हेल्पडेस्क और मिशन शक्ति केंद्र के कामकाज का मुआयना किया। उन्होंने अभिलेखों के रख-रखाव पर संतोष व्यक्त करते हुए कड़े निर्देश दिए कि अभिलेखों को अपडेट रखने में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसीपी ने थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों से साफ तौर पर कहा कि आम जनता जब अपनी शिकायत लेकर थाने आती है, तो उनके प्रति पुलिस का व्यवहार संवेदनशील और मददगार होना चाहिए।
स्कूल-कॉलेजों तक पहुँचेगी महिला पुलिस, मिशन शक्ति को मिलेगी रफ्तार
फूलपुर थाने के निरीक्षण के दौरान एसीपी का सबसे ज्यादा जोर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा पर रहा। 'मिशन शक्ति' केंद्र के कामकाज की समीक्षा करते हुए उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि वे केवल थाने तक सीमित न रहें, बल्कि मैदानी स्तर पर सक्रियता बढ़ाएं।
उन्होंने महिला बीट पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से क्षेत्र के स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और गर्ल्स हॉस्टलों का दौरा करें। छात्राओं और महिलाओं से संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षित माहौल का अहसास कराएं। इसके साथ ही आपातकालीन सेवाओं जैसे 112, महिलाओं के लिए 1090, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और साइबर अपराधों से निपटने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 की विस्तृत जानकारी जन-जन तक पहुँचाने का बीड़ा उठाने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर पीड़ित बिना किसी डर के तुरंत मदद मांग सकें।
व्यापारियों के साथ हुई अहम बैठक, सुरक्षा और यातायात पर मंथन
कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए जनता और पुलिस के बीच समन्वय का होना सबसे जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए एसीपी प्रशांत सिंह ने स्थानीय व्यापारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में बाजार की सुरक्षा, नाइट पेट्रोलिंग और यातायात व्यवस्था को लेकर खुलकर चर्चा हुई।
- व्यापारियों ने बाजार की कुछ स्थानीय समस्याओं से एसीपी को अवगत कराया।
- प्रमुख बाजारों और भीड़-भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया।
- यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने और गाड़ियों की पार्किंग को व्यवस्थित करने पर सहमति बनी।
- पुलिस और व्यापारियों के बीच एक मजबूत संवाद सेतु बनाने के निर्देश दिए गए ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके।
अपराध नियंत्रण के साथ जनता का भरोसा जीतना प्राथमिकता
निरीक्षण के अंत में एसीपी प्रशांत सिंह ने थाने के सभी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया कि पुलिस का काम केवल अपराधियों पर नकेल कसना नहीं है, बल्कि आम आदमी के दिल से पुलिस के प्रति डर को निकालकर एक भरोसा कायम करना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि थाने आने वाले हर फरियाद की बात को पूरी गंभीरता से सुना जाए और तय समय-सीमा के भीतर उनकी समस्याओं का निस्तारण किया जाए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती गई, तो संबंधित के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फूलपुर थाने में एसीपी के इस औचक दौरे और सख्त दिशा-निर्देशों के बाद से महकमे में पूरी तरह से सुगबुगाहट तेज हो गई है, और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस क्षेत्र की पुलिसिंग और अधिक चुस्त-दुरुस्त नजर आएगी।